एंटवर्प-ब्रुग्स बंदरगाह, बेल्जियम
पाठ्यक्रम: GS2/अंतरराष्ट्रीय संबंध
संदर्भ
बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने एंटवर्प-ब्रुग्स बंदरगाह को भारत के लिए यूरोप का प्रवेश द्वार बनाने की संभावनाओं पर बल दिया।
मुख्य बिंदु
- दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2025-26 में लगभग 13.08 बिलियन डॉलर रहा।
- एंटवर्प-ब्रुग्स बंदरगाह यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा समुद्री बंदरगाह है और भारत तथा यूरोप के बीच एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स संपर्क के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे हीरा, औषधि, खाद्य प्रसंस्करण, समुद्री सेवाओं, हरित हाइड्रोजन तथा बुनियादी ढाँचे जैसे क्षेत्रों में अवसरों का सृजन होगा।
बेल्जियम
- बेल्जियम उत्तर-पश्चिमी यूरोप का एक देश है। यह यूरोप के सबसे छोटे तथा सर्वाधिक सघन जनसंख्या वाले देशों में से एक है।
- बेल्जियम की सीमाएँ फ्रांस, लक्ज़मबर्ग, नीदरलैंड और जर्मनी से लगती हैं।
- इसके साथ उत्तरी सागर के किनारे एक संकीर्ण समुद्री तटरेखा है।

- राजधानी ब्रुसेल्स को विश्व अर्थव्यवस्था और कूटनीति के प्रमुख केंद्रों में से एक माना जाता है। यूरोपीय संघ, उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) तथा अन्य प्रमुख संगठनों के मुख्यालय इस शहर में स्थित हैं।
- बेल्जियम बेनलक्स आर्थिक संघ (नीदरलैंड और लक्ज़मबर्ग के साथ), यूरोपीय संघ (EU) तथा उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) का सदस्य है।
स्रोत: TH
समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (UNCLOS)
पाठ्यक्रम: GS2/अंतरराष्ट्रीय संबंध
संदर्भ
- मैग्सेसे पुरस्कार विजेता टॉमी कोह ने कहा कि समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (UNCLOS) अभी भी महासागरों के लिए संविधान के समान है।
समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (UNCLOS)
- UNCLOS को वर्ष 1982 में अपनाया गया तथा यह वर्ष 1994 में लागू हुआ।
- यह विश्व के महासागरों और समुद्रों में कानून एवं व्यवस्था की एक व्यापक व्यवस्था निर्धारित करता है तथा महासागरों एवं उनके संसाधनों के सभी प्रकार के उपयोग को नियंत्रित करने वाले नियम स्थापित करता है।
- यह राष्ट्रीय अधिकार-क्षेत्र से बाहर समुद्र तल पर खनन तथा संबंधित गतिविधियों को विनियमित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुद्र तल प्राधिकरण (ISA) की स्थापना करता है।
अंतरराष्ट्रीय समुद्र तल प्राधिकरण (ISA)
- अंतरराष्ट्रीय समुद्र तल प्राधिकरण (ISA) एक स्वायत्त अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसकी स्थापना निम्नलिखित के अंतर्गत की गई है:
- 1982 का समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (UNCLOS) तथा
- समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र अभिसमय के भाग XI के कार्यान्वयन से संबंधित 1994 का समझौता।
- UNCLOS के सभी राज्य पक्षकार ISA के सदस्य हैं।
- ISA के 170 सदस्य हैं, जिनमें भारत भी शामिल है।
मुख्यालय: किंग्स्टन, जमैका।
स्रोत: TH
वैश्विक बॉन्ड बिकवाली
पाठ्यक्रम: GS3/अर्थव्यवस्था
समाचार में
- विश्वभर में निवेशकों द्वारा सरकारी बॉन्ड की बिकवाली से सरकारों की उधारी लागत बढ़ सकती है, भविष्य की उधारी योजनाएँ जटिल हो सकती हैं तथा निजी क्षेत्र की उधारी लागत में भी वृद्धि हो सकती है। इसके परिणामस्वरूप निजी निवेश में कमी और आर्थिक विकास की गति धीमी होने की संभावना है।
बॉन्ड
- बॉन्ड एक वित्तीय अनुबंध है, जिसमें जारीकर्ता किसी निवेशक से धन उधार लेता है और पूर्वनिर्धारित अवधि के बाद मूलधन के साथ ब्याज चुकाने के लिए सहमत होता है।
- बॉन्ड का बाजार में कारोबार किया जा सकता है, इसलिए माँग और आपूर्ति के आधार पर उनकी कीमतों में परिवर्तन होता रहता है।
- जब बॉन्ड की बड़े पैमाने पर बिकवाली होती है, तो बाजार में उनकी आपूर्ति बढ़ जाती है और माँग घट जाती है, जिससे बॉन्ड की कीमतों में गिरावट आती है।
- चूँकि बॉन्ड पर मिलने वाला ब्याज सामान्यतः निश्चित होता है, इसलिए बॉन्ड की कीमत जितनी कम होती है, निवेशक द्वारा भुगतान की गई राशि के अनुपात में प्राप्त प्रतिफल उतना ही अधिक होता है।
- अतः बॉन्ड की कीमत और बॉन्ड प्रतिफल (Yield) विपरीत दिशा में परिवर्तित होते हैं।
स्रोत : TH
कैंसर की संभावित दवा अनुसंधान के लिए कॉलोनियल मकड़ी(Colonial Spider) की विष ग्रंथि का मानचित्रण
पाठ्यक्रम: GS3/ जैव प्रौद्योगिकी
संदर्भ
- भारतीय शोधकर्ताओं की एक टीम ने स्टेगोडिफस सारासिनोरम की विष ग्रंथि का प्रथम व्यापक आणविक एवं कार्यात्मक प्रोफाइल तैयार किया है।
अध्ययन में प्रयुक्त तकनीकें
- ट्रांसक्रिप्टोमिक्स (Transcriptomics): विष ग्रंथि में सक्रिय रूप से अभिव्यक्त होने वाले जीनों की पहचान करने तथा RNA अणुओं का विश्लेषण करने के लिए।
- प्रोटीओमिक्स (Proteomics): विष में उपस्थित प्रोटीनों की पहचान एवं उनका लक्षण-निर्धारण करने के लिए।
- मेटाबोलोमिक्स (Metabolomics): छोटे अणुओं तथा चयापचयी यौगिकों का विश्लेषण करने के लिए।
- कन्फोकल रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी (Confocal Raman Spectroscopy): विष ग्रंथि की आणविक एवं जैवरासायनिक विशेषताओं का अध्ययन करने के लिए।
कैंसर-रोधी संभाव्यता
- प्रयोगशाला परिस्थितियों में विष ग्रंथि के अर्क का परीक्षण डाल्टन लिम्फोमा एसाइटिस (DLA) कैंसर कोशिकाओं के विरुद्ध किया गया।
- अध्ययन में कैंसर-रोधी, रोगाणुरोधी तथा प्रतिरक्षा-संबंधी कार्यों से जुड़े जैव-सक्रिय यौगिकों की पहचान की गई। साथ ही, यह भी प्रदर्शित किया गया कि विष ग्रंथि के अर्क कैंसर कोशिकाओं को नष्ट कर सकते हैं।
- अध्ययन में U12 और U20 लाइकोटॉक्सिन (lycotoxins) का भी पता चला। ये पेप्टाइड अणु हैं, जो बैक्टीरिया और कैंसर कोशिकाओं की झिल्लियों को बाधित कर सकते हैं। इस कारण इन्हें भविष्य में रोगाणुरोधी पेप्टाइड तथा लक्षित कैंसर-रोधी यौगिकों के विकास के लिए संभावित आधार माना जा रहा है।
स्टेगोडिफस सारासिनोरम के बारे में
- यह एक कॉलोनियल अथवा स्थायी रूप से सामाजिक रूप में रहने वाली मकड़ी की प्रजाति है, जो पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में पाई जाती है।
- अधिकांश मकड़ियों के विपरीत, जो एकाकी रूप से शिकार करती हैं, S. सारासिनोरम स्थायी कॉलोनियों में रहती है, सामुदायिक रेशमी घोंसले बनाती है तथा सामूहिक रूप से शिकार पकड़ती है।

स्रोत: TH
ISRO द्वारा पृथ्वी अवलोकन उपग्रह EOS-05 का प्रक्षेपण
पाठ्यक्रम: GS3/Space
समाचार में
- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने भू-समकालिक उपग्रह प्रक्षेपण यान (GSLV-F17) के माध्यम से अपने उन्नत पृथ्वी अवलोकन उपग्रह EOS-05 का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया।
समाचार के बारे में अधिक जानकारी
- यह सफल प्रक्षेपण ISRO के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि हाल की कुछ चुनौतियोंपूर्ण अवधि के दौरान कुछ मिशनों में प्रक्षेपण यान अथवा अंतरिक्षयान संबंधी विसंगतियाँ सामने आई थीं, जिसके कारण विस्तृत समीक्षा और जाँच की गई।
- क्रायोजेनिक ऊपरी चरण से जुड़ी चुनौतियों के कारण GSLV को कभी अनौपचारिक रूप से “नॉटी बॉय” (naughty boy) कहा जाता था, लेकिन सफल मिशनों के माध्यम से इसने अपनी विश्वसनीयता में सुधार प्रदर्शित किया है।
मुख्य बिंदु
- EOS-05, जिसे “आई इन द स्काई” (Eye in the Sky) कहा गया है, भारत का पहला समर्पित इमेजिंग उपग्रह है, जिसे पृथ्वी से लगभग 36,000 किमी की ऊँचाई पर भू-समकालिक कक्षा में स्थापित किया गया है।
- 2,360 किलोग्राम से अधिक वजनी EOS-05 अब तक GSLV रॉकेट द्वारा प्रक्षेपित किया गया सबसे भारी उपग्रह है।
- 10 वर्ष के मिशन जीवन के साथ यह उपग्रह प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी तथा कृषि और वानिकी पर निगरानी जैसे उद्देश्यों के लिए बड़े क्षेत्रों की कम अंतराल पर बार-बार इमेजिंग करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका उपयोग रक्षा क्षेत्र में भी किया जाएगा।
- भारत के पास निम्न पृथ्वी कक्षा (LEO) में कई सक्रिय पृथ्वी अवलोकन उपग्रह हैं, जो देश के विभिन्न हिस्सों के ऊपर से समय-समय पर गुजरते हुए चित्र प्राप्त करते हैं। इसके विपरीत, EOS-05 भू-समकालिक कक्षा में कार्य करता है, जिससे यह भारतीय भूभाग की बहुत कम अंतराल पर निगरानी कर सकता है और लगभग निरंतर कवरेज प्रदान कर सकता है।
- उपग्रह में बहु-वर्णक्रमीय और अति-वर्णक्रमीय बैंड लगाए गए हैं, जिनकी सहायता से यह प्रत्येक पाँच मिनट में चयनित क्षेत्रों की तथा प्रत्येक 30 मिनट में पूरे देश की इमेजिंग कर सकता है।
स्रोत: TH
सहकारी क्षेत्र में विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना
पाठ्यक्रम: GS3/ कृषि
संदर्भ
- भारत में कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ, सरकार विकेंद्रीकृत भंडारण अवसंरचना की ओर तीव्रता से अग्रसर हो रही है, ताकि खाद्यान्नों का भंडारण उन क्षेत्रों के निकट किया जा सके जहाँ उनका उत्पादन होता है।
परिचय
- 2025-26 के तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार, भारत का खाद्यान्न उत्पादन 376.563 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जो एक वर्ष पूर्व के 357.732 मिलियन टन की तुलना में 5.3 प्रतिशत अधिक है।
- इसी अवधि में, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 लगभग 80 करोड़ लोगों को कवर करता है, जिससे खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक कुशल अनाज भंडारण एवं वितरण नेटवर्क अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है।
सहकारी क्षेत्र में विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना
- सहकारी क्षेत्र में विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना वर्ष 2023 में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के माध्यम से भंडारण सुविधाओं के निर्माण के लिए शुरू की गई थी।
- इस पहल का उद्देश्य किसानों के निकट भंडारण, खरीद, प्रसंस्करण और वितरण की सुविधाएँ उपलब्ध कराना तथा परिवहन लागत एवं कटाई के बाद होने वाली हानि को कम करना है।

एकीकृत अवसंरचना एवं अभिसरण ढाँचा
- सहकारी क्षेत्र में विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना वर्तमान सरकारी योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से संचालित होती है:
- कृषि अवसंरचना कोष (AIF) योजना: कटाई के बाद की अवसंरचना के निर्माण एवं उन्नयन के लिए वित्तीय सहायता और ब्याज अनुदान प्रदान करती है।
- कृषि विपणन अवसंरचना (AMI) योजना: खाद्यान्न भंडारण सुविधाओं के निर्माण के लिए बैक-एंडेड पूंजीगत सब्सिडी प्रदान करती है।
- कृषि यंत्रीकरण पर उप-मिशन (SMAM): कस्टम हायरिंग सेंटरों की स्थापना तथा कृषि मशीनरी तक पहुँच को सुगम बनाता है।
- प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना (PMFME): सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के औपचारिकीकरण और विकास को बढ़ावा देती है।
सहकारी क्षेत्र में विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना के अंतर्गत प्रमुख सुविधाएँ एवं सेवाएँ
- कस्टम हायरिंग सेंटर: PACS को किसानों को किराये पर देने के लिए कृषि मशीनरी खरीदने में सक्षम बनाते हैं। उपकरणों में ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, टिलर तथा अन्य कृषि मशीनरी शामिल हो सकती हैं।
- उचित मूल्य की दुकानें: स्थानीय समुदायों के अंदर अनाज के वितरण तथा प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की बिक्री को सुगम बनाती हैं।
- प्राथमिक प्रसंस्करण इकाइयाँ: अनाज की सफाई, छंटाई और सुखाने जैसी प्रसंस्करण गतिविधियाँ करती हैं, जिससे कृषि उपज की गुणवत्ता एवं विपणन क्षमता में सुधार होता है।
- खरीद केंद्र: राज्य एजेंसियों और भारतीय खाद्य निगम (FCI) के लिए PACS द्वारा अनाज की खरीद में सहायता करते हैं।
- इस योजना के अंतर्गत सहकारी भंडारण मॉडल के तहत 50 मीट्रिक टन (MT), 100 MT और 200 MT क्षमता वाले साइलो-आधारित भंडारण अवसंरचना का प्रावधान किया गया है।
स्रोत: PIB
GPT-6 एस्ट्रा
पाठ्यक्रम: GS3/विज्ञान और प्रौद्योगिकी
संदर्भ
- OpenAI ने GPT-6 एस्ट्रा जारी किया है, जो उसका नवीनतम अत्याधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) मॉडल है। कंपनी के अनुसार, यह मॉडल कंप्यूटर के उपयोग, कोडिंग, लंबे समय तक चलने वाले कार्यों और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार प्रस्तुत करता है।
GPT-6 एस्ट्रा के बारे में
- एस्ट्रा को प्रारंभ से अंत तक (End-to-End) बहु-चरणीय कार्यों के लिए डिजाइन किया गया है। यह केवल सरल प्रश्नों के उत्तर देने से आगे बढ़कर अधिक स्वायत्त तथा टूल्स का उपयोग करने वाली AI प्रणालियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- यह कंप्यूटर और ब्राउज़र संचालित कर सकता है, वेब पर शोध कर सकता है, फॉर्म भर सकता है, दस्तावेजों और ईमेल का प्रबंधन कर सकता है, डेटा का विश्लेषण कर सकता है, वेबसाइट बना सकता है, सॉफ्टवेयर लिख एवं उसका परीक्षण कर सकता है तथा तकनीकी समस्याओं का समाधान कर सकता है।
- इसकी एक प्रमुख विशेषता अधूरे निर्देशों को संभालने की क्षमता है। यह उपलब्ध संदर्भ के आधार पर नियमित निर्णय ले सकता है तथा जब आवश्यक जानकारी के अभाव से अंतिम परिणाम पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता हो, तब स्पष्टीकरण मांग सकता है।
- एस्ट्रा AI साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण विकास को दर्शाता है। OpenAI ने इसे पहला ऐसा मॉडल बताया है, जो उसकी “Critical” साइबर सुरक्षा क्षमता के स्तर तक पहुँचा है। इसका अर्थ है कि उपयुक्त टूल्स और पहुँच प्राप्त होने पर यह पहले से अज्ञात सुभेद्यता की पहचान करने तथा उनका उपयोग करने में सक्षम है।
स्रोत: IE
ग्रीन क्लाइमेट फंड (GCF)
पाठ्यक्रम: GS3/पर्यावरण
समाचार में
- ग्रीन क्लाइमेट फंड (GCF) को नेपाल की ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड्स (GLOFs) से उत्पन्न जोखिमों को कम करने के लिए प्रस्तावित 49.9 मिलियन डॉलर की परियोजना को स्वीकृति देने में सात वर्ष की देरी के कारण आलोचना का सामना करना पड़ा है।
ग्रीन क्लाइमेट फंड (GCF)
- इसे वर्ष 2010 में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन रूपरेखा अभिसमय (UNFCCC) के 194 पक्षकारों द्वारा स्थापित किया गया था।
- यह विश्व का सबसे बड़ा समर्पित जलवायु कोष है, जिसे जलवायु संकट से निपटने के उद्देश्य से बनाया गया है।
- इसका उद्देश्य विकासशील देशों में निम्न-उत्सर्जन तथा जलवायु-लचीले विकास के मार्गों को बढ़ावा देना है।
- यह विकासशील देशों को उनके जलवायु संबंधी लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता करता है तथा पेरिस समझौते के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
स्रोत: DTE
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