- भारत में भूतापीय ऊर्जा के विकास को गति मिली है। लद्दाख की पुगा घाटी में देश के पहले दो भूतापीय कुओं के चालू होने से चौबीसों घंटे उपलब्ध नवीकरणीय विद्युत उत्पादन की संभावनाएँ खुली हैं।
- भूतापीय ऊर्जा पृथ्वी के अंदर विद्यमान प्राकृतिक ऊष्मा का उपयोग करके विद्युत उत्पादन अथवा प्रत्यक्ष तापन एवं शीतलन प्रदान करती है।
- यह मौसम से स्वतंत्र है तथा सौर और पवन ऊर्जा के विपरीत चौबीस घंटे उपलब्ध रहती है, जिससे यह सतत एवं विश्वसनीय नवीकरणीय ऊर्जा का संभावित स्रोत बनती है। Read More
भूतापीय ऊर्जा
संदर्भ
भूतापीय ऊर्जा के बारे में