हाल ही में केंद्रीय सरकार ने घोषणा की कि वह वैश्विक इलेक्ट्रिक कार निर्माताओं से भारत में कारखाने स्थापित करने के लिए आवेदन स्वीकार करना प्रारंभ करेगी।
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किया है, जिससे वैश्विक कृषि में महिलाओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका को समर्थन मिलेगा और उनकी समस्याओं, विशेष रूप से संपत्ति अधिकार और बाजार पहुंच के बारे में जागरूकता बढ़ेगी।
भारत में मानसिक स्वास्थ्य को अब शारीरिक बीमारियों के बराबर दर्जा दिया गया है और इसे स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में शामिल किया गया है, यह मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017 और IRDAI निर्देश के बाद संभव हुआ।
हाल ही में यूनाइटेड किंगडम (UK) और यूरोपीय संघ (EU) के बीच समझौते को यूरोप-केंद्रित माना जा रहा है, लेकिन यह भारत के लिए अवसर और चुनौतियाँ दोनों प्रस्तुत करता है, जिन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
विश्व के सबसे बड़े टेक्सटाइल विनिर्माण केंद्रों में से एक होने के बावजूद, भारत को भू-राजनीतिक तनाव, खंडित आपूर्ति शृंखला और मूल्य अस्थिरता जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
विगत् 11 वर्षों में, भारत ने सहकारी एवं राजकोषीय संघवाद के युग को अंगीकृत किया है। केंद्र और राज्य सरकारों ने साझा लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन पर सक्रिय रूप से सहयोग किया है।
यूक्रेन द्वारा ऑपरेशन स्पाइडरवेब के अंतर्गत किए गए असमान्य (Asymmetric) हमले, जिसमें रूसी हवाई अड्डों पर लंबी दूरी के ड्रोन हमले शामिल थे, ने व्यापक ध्यान आकर्षित किया और आधुनिक वॉरफेयर के महत्त्वपूर्ण सबक सिखाए।
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के हालिया आँकड़ों के अनुसार, भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए बाज़ार विनिमय दरों (MER) के आधार पर विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा प्राप्त कर लिया है। हालाँकि, क्रय शक्ति समता (PPP) रैंकिंग के अनुसार, भारत 2009 से ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था रहा है।
भारत के जहाज निर्माण उद्योग को स्वदेशी समुद्री इंजन निर्माण क्षमता विकसित करने की आवश्यकता है ताकि तकनीकी बाधाओं से बचा जा सके और इसके समुद्री क्षेत्र को मजबूत किया जा सके, जो अभी भी विदेशी आपूर्तिकर्त्ताओं पर बहुत अधिक निर्भर है।
देखभाल कार्य प्रायः कम आँका जाता है और महिलाओं द्वारा असमान रूप से किया जाता है, जिससे लंबे समय से चली आ रही लैंगिक असमानताओं को बढ़ावा मिलता है, हालाँकि यह सामाजिक और आर्थिक कल्याण का एक आधारभूत स्तंभ बना हुआ है।