परिसीमन के अंतर्गत संघवाद सुनिश्चित करना
Published on: 31 March, 2026
आगामी परिसीमन भारत के लोकतांत्रिक विकास में एक महत्वपूर्ण क्षण है क्योंकि यह संघीय संतुलन, प्रतिनिधित्व और शासन परिणामों को प्रभावित करता है।
आगामी परिसीमन भारत के लोकतांत्रिक विकास में एक महत्वपूर्ण क्षण है क्योंकि यह संघीय संतुलन, प्रतिनिधित्व और शासन परिणामों को प्रभावित करता है।
हाल ही में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 राज्यसभा में प्रस्तुत किया गया। इसका उद्देश्य भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को औपचारिक रूप देना है ताकि वे CAPFs में वरिष्ठ नेतृत्व पदों पर कार्य कर सकें।
भारत का उत्तर–दक्षिण विभाजन अब चक्रीय नहीं बल्कि संरचनात्मक हो गया है, जिसके समाधान हेतु केवल क्रमिक नीतिगत सुधार पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए संस्थागत नवाचार की आवश्यकता है।
भारत का ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र एक जटिल सामाजिक-डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में विकसित हो चुका है, जिसमें 568 मिलियन से अधिक गेमर्स हैं और वास्तविक धन आधारित भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
हाल ही में ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2026 राज्यसभा द्वारा पारित किया गया (इससे पूर्व लोकसभा द्वारा पारित), जिसका उद्देश्य ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 में संशोधन करना है। यह अधिनियम लिंग, लैंगिक पहचान और इंटरसेक्स विविधताओं के बीच वैचारिक भ्रम तथा कमजोर क्रियान्वयन तंत्र से ग्रस्त है।
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा प्रकाशित भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक (CPI) 2025 वैश्विक स्तर पर तीव्र होती भ्रष्टाचार की चिंताजनक प्रवृत्ति को उजागर करता है, जो लोकतांत्रिक जवाबदेही को कमजोर कर रही है।
राजस्थान में दो युवा बहनों की दुखद मृत्यु, जिन्हें अवांछित विवाहों के लिए बाध्य किया गया, एक चिंताजनक वास्तविकता को उजागर करती है और विशेषकर युवा महिलाओं में आत्महत्या के सामाजिक कारणों की जाँच की तात्कालिक आवश्यकता को रेखांकित करती है।
संघीय बजट 2026–27 में प्रधानमंत्री-कुसुम योजना (PM-KUSUM) के लिए आवंटन लगभग दोगुना कर ₹5,000 करोड़ कर दिया गया है, जो कृषि के सौरकरण की दिशा में नए प्रयास का संकेत है।
भारत ने कर अनुपालन और शासन में सुधार हेतु प्रौद्योगिकी का उपयोग प्रारंभ कर दिया है। देश को लगातार राजकोषीय चुनौती का सामना करना पड़ता है, जिसमें कर-से-जीडीपी अनुपात कम (2001–22 के दौरान 16.36%) और कर अपवंचन अधिक (≈4.3% वार्षिक राजस्व हानि) है।
विश्व व्यापार संगठन (WTO) का 14वाँ मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (MC14) 26 से 29 मार्च 2026 तक याओंडे, कैमरून में आयोजित होगा। इसका उद्देश्य बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के सामने वर्तमान चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा करना तथा WTO के भविष्य के कार्यों पर निर्णय लेना है।