पाठ्यक्रम: जीएस-2/ अंतरराष्ट्रीय संबंध
सन्दर्भ
- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सेशेल्स के 50वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेने हेतु सेशेल्स की यात्रा की।
यात्रा की प्रमुख विशेषताएँ
विकास साझेदारी:
- भारत ने सेशेल्स में प्राथमिकता वाली आधारभूत संरचना परियोजनाओं के लिए 1,250 करोड़ रुपये की ऋण सहायता प्रदान की।
समुद्री सुरक्षा:
- भारत ने सेशेल्स की तटीय सुरक्षा एवं निगरानी क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए एक तीव्र गश्ती पोत, 10 उपयोगी वाहन तथा 5 लेज़र रेडियल नौकाएँ प्रदान कीं।
डिजिटल संपर्क:
- भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के साथ हुए समझौते के अंतर्गत सेशेल्स में एकीकृत भुगतान इंटरफेस लागू किया जाएगा, जिससे निर्बाध डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलेगा तथा पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा।
क्षमता निर्माण:
- दोनों देशों ने सेसेल फ्रेमवर्क के अंतर्गत तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, कौशल विकास तथा अंतरिक्ष अनुप्रयोगों में सहयोग का विस्तार करने पर सहमति व्यक्त की।
नीली अर्थव्यवस्था:
- सहयोग का केंद्र समुद्री संसाधनों का प्रबंधन, सतत मत्स्य पालन, महासागर विज्ञान तथा समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग पर रहेगा।
भारत–सेशेल्स संबंध
राजनयिक संबंध:
- सेशेल्स को स्वतंत्रता प्राप्त होने के बाद 1976 में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध स्थापित हुए।
- सेशेल्स की लगभग 10% जनसंख्या भारतीय मूल की है, जो सांस्कृतिक एवं जन-से-जन संबंधों को सुदृढ़ करती है।
विकास साझेदारी:
- भारत ने सेशेल्स को ऋण सहायता, अनुदान सहायता तथा उच्च प्रभाव वाले सामुदायिक विकास परियोजनाओं के माध्यम से सहयोग प्रदान किया है।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र हैं—
- आधारभूत संरचना,आवास,परिवहन,शिक्षा, स्वास्थ्य,क्षमता निर्माण।
- वर्ष 2026 में भारत ने सेशेल्स के लिए 17.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की।
- दोनों देशों ने सेसेल ज्वाइंट विजन ( SESEL Joint Vision) को भी अपनाया, जिसका उद्देश्य सतत विकास, आर्थिक वृद्धि तथा सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करना है।
व्यापार एवं अर्थव्यवस्था:
- अप्रैल 2024 से फ़रवरी 2025 के दौरान द्विपक्षीय व्यापार 7.292 करोड़ अमेरिकी डॉलर रहा।
- भारत का निर्यात: 6.864 करोड़ अमेरिकी डॉलर
- भारत का आयात: 42.8 लाख अमेरिकी डॉलर
ऊर्जा सहयोग:
- 2017 में फ्रेमवर्क समझौते का अनुमोदन करने के बाद सेशेल्स अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन का संस्थापक सदस्य बना।
- 2024 में प्रास्लिन द्वीप पर अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के सहयोग से सौर ऊर्जा संचालित शीत भंडारण सुविधा का उद्घाटन किया गया।
बहुपक्षीय सहयोग:
दोनों देश निम्नलिखित मंचों पर निकट सहयोग करते हैं—
- इंडियन ओशन रिम एशोसिएशन (IORA)
- इंडियन ओशन कमीशन (भारत इसका विकास साझेदार है)।
- अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन।
- आपदा-प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन(CDRI)।
जन-से-जन संबंध:
- भारतीय प्रवासी समुदाय ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, व्यापारिक संबंधों तथा दीर्घकालिक सद्भाव को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

हिन्द महासागर क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियाँ (IOR)
- समुद्री डकैती, आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी तथा हथियारों की तस्करी से बढ़ते खतरे।
- अवैध, अप्रतिवेदित एवं अनियमित मत्स्यन गतिविधियाँ, जो समुद्री जैव विविधता तथा तटीय समुदायों की आजीविका के लिए गंभीर खतरा हैं।
- समुद्र-स्तर में वृद्धि तथा चरम मौसमी घटनाओं के कारण द्वीपीय राष्ट्र जलवायु परिवर्तन के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते जा रहे हैं।
- बंदरगाहों तथा समुद्री अवसंरचना पर नियंत्रण को लेकर प्रमुख शक्तियों के बीच बढ़ती सामरिक प्रतिस्पर्धा।
- प्रमुख समुद्री संचार मार्गों (Sea Lines of Communication – SLOCs) तथा समुद्री संकीर्ण मार्गों की संवेदनशीलता, जिससे वैश्विक व्यापार एवं ऊर्जा सुरक्षा प्रभावित होती है।
निष्कर्ष
- भारत और सेशेल्स के बीच विकास सहयोग, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, नवीकरणीय ऊर्जा, नीली अर्थव्यवस्था तथा क्षेत्रीय संपर्क पर आधारित एक व्यापक सामरिक साझेदारी है।
- हिन्द महासागर क्षेत्र में विश्वसनीय साझेदार के रूप में दोनों देश सुरक्षा, सतत विकास तथा समावेशी आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए अपने सहयोग को निरंतर सुदृढ़ कर रहे हैं।
स्रोत: TH
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