ज्ञान साझाकरण हेतु डिजिटल अवसंरचना (दीक्षा)
पाठ्यक्रम: जीएस-2/ सरकारी पहलें
सन्दर्भ
- ज्ञान साझाकरण हेतु डिजिटल अवसंरचना (दीक्षा) विद्यालयी शिक्षा के लिए भारत के “एक राष्ट्र, एक डिजिटल मंच” के रूप में उभरा है, जो देशभर के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को पाठ्यक्रम-आधारित डिजिटल शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराता है।
परिचय
- दीक्षा मंच का शुभारंभ 2017 में किया गया था। इसका विकास राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान के सहयोग से किया है।
- यह आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (FLN) से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक की शिक्षा का समर्थन करता है तथा इसे लगभग सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के शिक्षा बोर्डों ने अपनाया है।
- दीक्षा मंच पर वीडियो, 2D एवं 3D चलचित्र, ऑग्मेंटेड रियलिटी (AR) आधारित सामग्री, अनुकरण,वर्चुअल लैबोरेट्रीज, त्वरित प्रतिक्रिया क्यूआर कोडेड एनरजाइज्ड टेक्स्टबुक्स (QR-coded Energised Textbooks) तथा अंतःक्रियात्मक शिक्षण सामग्री (interactive learning materials) उपलब्ध है।
- यह डिजिटल सुलभ सूचना प्रणाली प्रारूप (DAISY-Digital Accessible Information System)
- पाठ-से-वाणी(Text to speech) सुविधा, भारतीय सांकेतिक भाषा के वीडियो (Indian Sign Language-ISL) अनुकूलनशील मूल्यांकन(adaptive assessments) तथा दक्षता-आधारित प्रश्न बैंक(competency-based question banks) के माध्यम से समावेशी एवं वैयक्तिकृत शिक्षा को बढ़ावा देता है।
- यह मंच निष्ठा कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों की क्षमता निर्माण का भी समर्थन करता है तथा संघीय संरचना का पालन करता है, जिसके अंतर्गत राज्य सामग्री का प्रबंधन करते हैं, जबकि केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान–राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ( CIET-NCERT) गुणवत्ता सुनिश्चित करता है। यह शिक्षण संसाधनों तक बिना इंटरनेट के भी पहुँच उपलब्ध कराता है।
स्रोत: TOI
इज़राइल और लेबनान ने संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्यस्थता में रूपरेखा समझौते पर हस्ताक्षर किए
पाठ्यक्रम: जीएस-2/ अंतरराष्ट्रीय संबंध
सन्दर्भ
- संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इज़राइल और लेबनान के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्यस्थता में हुए एक रूपरेखा समझौते की घोषणा की, जिसका उद्देश्य स्थायी शांति एवं सुरक्षा स्थापित करना है।
पृष्ठभूमि
- यह घोषणा इज़राइल और हिज़्बुल्लाह (ईरान समर्थित लेबनानी सशस्त्र संगठन) के बीच कई महीनों से बढ़ते संघर्ष के बाद की गई है।
- यह पहल पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जो ईरान के साथ हाल ही में हुए समझौता ज्ञापन के बाद सामने आई है।
प्रमुख विशेषताएँ
- इस रूपरेखा में युद्धविराम का प्रस्ताव है, जिसकी शर्त यह है कि हिज़्बुल्लाह इज़राइल पर हमले बंद करे तथा अपने लड़ाकों को दक्षिणी लेबनान से वापस बुला ले।
- इसका उद्देश्य दक्षिणी लेबनान में हिज़्बुल्लाह की सैन्य संरचना को समाप्त करना तथा वहाँ लेबनान सरकार के अधिकार को पुनः स्थापित करना है।
- संयुक्त राज्य अमेरिका कार्यान्वयन में सहायता के लिए लेबनान हेतु सैन्य समन्वय समूह की स्थापना करेगा तथा 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर की मानवीय सहायता देने की घोषणा भी की है।
चिंता
- हिज़्बुल्लाह इस समझौते का पक्षकार नहीं है, जिससे इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर संदेह बना हुआ है।

स्रोत: TH
ऑपरेशन अमिस्ताद
पाठ्यक्रम: जीएस-2/ अंतरराष्ट्रीय संबंध
सन्दर्भ
- वेनेज़ुएला में आए विनाशकारी भूकम्पों के बाद भारत ने राहत एवं बचाव कार्यों में सहायता के लिए ऑपरेशन अमिस्ताद प्रारम्भ किया।
परिचय
- अमिस्ताद, जिसका स्पेनी भाषा में अर्थ “मित्रता” होता है, भारत का मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभियान है।
- भारत सबसे पहले सहायता पहुँचाने वाले देशों में शामिल था, जो “वसुधैव कुटुम्बकम्” के सिद्धांत के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह भारत के सबसे लंबी दूरी वाले मानवीय राहत अभियानों में से एक भी है।
- इस अभियान के अंतर्गत भारतीय वायुसेना ने सी-17 ग्लोबमास्टर के दो विमान तैनात किए, जिनके माध्यम से—41 सदस्यीय बचाव दल,भारतीय सेना का क्षेत्रीय चिकित्सालय,35 टन से अधिक राहत सामग्री एवं चिकित्सीय उपकरण,तथा भीष्म क्यूब के दो पोर्टेबल हॉस्पिटल वेनेज़ुएला भेजे गए।
स्रोत: AIR
ग्रामीण आंतरिक लेखापरीक्षा पोर्टल
पाठ्यक्रम: जीएस-2/ शासन
सन्दर्भ
- केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन के दौरान ग्रामीण आंतरिक लेखापरीक्षा पोर्टल का शुभारंभ किया।
परिचय
- ग्रामीण आंतरिक लेखापरीक्षा पोर्टल अपनी तरह का पहला एकीकृत डिजिटल मंच है, जो जोखिम-आधारित तथा अनुपालन-आधारित दोनों प्रकार की आंतरिक लेखापरीक्षाओं के समग्र प्रबंधन की सुविधा प्रदान करता है।
- इसकी परिकल्पना ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुख्य लेखा नियंत्रक कार्यालय द्वारा की गई है तथा इसका विकास राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC)के सहयोग से किया गया है।
मुख्य विशेषताएँ
समग्र डिजिटल लेखापरीक्षा प्रबंधन:
- लेखापरीक्षा की योजना बनाने से लेकर उसके निष्पादन, प्रतिवेदन तैयार करने, अनुमोदन तथा अभिलेखों के संरक्षण तक संपूर्ण प्रक्रिया का ऑनलाइन प्रबंधन उपलब्ध कराता है।
की गई कार्रवाई संबंधी प्रतिवेदन एवं टिप्पणियों का निस्तारण:
- लेखापरीक्षित इकाइयाँ आवश्यक दस्तावेज़ों सहित की गई कार्रवाई संबंधी प्रतिवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं, जिससे लेखापरीक्षा टिप्पणियों की डिजिटल समीक्षा एवं निस्तारण सुगम हो जाता है।
केंद्रीकृत लेखापरीक्षा अभिलेखागार:
- लेखापरीक्षा अभिलेखों, प्रतिवेदनों, टिप्पणियों तथा अनुपालन इतिहास के सुरक्षित डिजिटल भंडारण की सुविधा उपलब्ध कराता है, जिससे भविष्य में संदर्भ एवं विश्लेषण किया जा सके।
भूमिका-आधारित प्रशासनिक ढाँचा:
- लेखापरीक्षकों, लेखापरीक्षित इकाइयों, अनुमोदन प्राधिकारियों, कार्यक्रम प्रभागों, राज्यों, जिलों तथा प्रमाणित आंतरिक लेखापरीक्षकों के लिए सुरक्षित एवं भूमिका-विशिष्ट पहुँच प्रदान करता है।
मानचित्र-आधारित भौगोलिक निगरानी:
- लेखापरीक्षा कवरेज, लेखापरीक्षा दलों की तैनाती, अनुपालन की स्थिति तथा अब तक लेखापरीक्षा से वंचित इकाइयों की पहचान के लिए मानचित्र-आधारित दृश्यांकन उपलब्ध कराता है।
स्रोत: PIB
दिल्ली विद्युत चालित वाहन(EV) नीति 2.0
पाठ्यक्रम: जीएस-2/ शासन
सन्दर्भ
- दिल्ली मंत्रिमंडल ने दिल्ली विद्युत चालित वाहन नीति 2.0 को स्वीकृति प्रदान की, जो 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी। इसका उद्देश्य 31 मार्च 2030 तक दिल्ली को प्रदूषण-मुक्त शहर बनाना है।
परिचय
- सरकार ने अगले चार वर्षों में विद्युत चालित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए लगभग 15,000 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बनाई है।
- नीति के अंतर्गत चार्जिंग अवसंरचना, वाहन पुनर्चक्रण सुविधाओं तथा अन्य उपायों का विस्तार किया जाएगा, ताकि पूरे शहर में विद्युत चालित परिवहन की ओर संक्रमण को गति मिल सके।
विद्युत चालित वाहनों की ओर चरणबद्ध संक्रमण
तीन-पहिया वाहन:
- 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल विद्युत चालित ऑटो-रिक्शा ही पंजीकृत किए जाएँगे। नए पेट्रोल एवं संपीड़ित प्राकृतिक गैस चालित ऑटो-रिक्शाओं का पंजीकरण बंद कर दिया जाएगा।
दो-पहिया वाहन:
- 1 अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल एवं संपीड़ित प्राकृतिक गैस चालित दो-पहिया वाहनों का पंजीकरण समाप्त कर दिया जाएगा तथा केवल विद्युत चालित दो-पहिया वाहनों का ही पंजीकरण होगा।
वित्तीय प्रोत्साहन एवं अनुदान
सड़क कर एवं पंजीकरण शुल्क:
- 30 लाख रुपये तक मूल्य वाले बैटरी विद्युत चालित वाहनों के लिए सड़क कर एवं पंजीकरण शुल्क में 100% छूट का प्रस्ताव है।
हाइब्रिड वाहनों के लिए प्रोत्साहन:
- 30 लाख रुपये तक मूल्य वाले सशक्त हाइब्रिड वाहनों को सड़क कर एवं पंजीकरण शुल्क में 50% छूट प्रदान करने का प्रस्ताव है।
- 30 लाख रुपये से अधिक मूल्य वाले विद्युत चालित एवं हाइब्रिड वाहनों को किसी प्रकार की कर छूट नहीं मिलेगी।
- विद्युत चालित तीन-पहिया वाहन खरीदने वालों को क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष में 50,000 रुपये, 40,000 रुपये तथा 30,000 रुपये का प्रोत्साहन मिलेगा।
- एन-1 श्रेणी के विद्युत चालित मालवाहक वाहनों के खरीदारों को 1 लाख रुपये तक की खरीद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
- यह नीति भारत चरण-4 अथवा उससे निम्न मानक वाले चार-पहिया वाहनों को कबाड़ में देकर विद्युत चालित वाहन अपनाने वाले वाहन स्वामियों को 1 लाख रुपये का कबाड़करण प्रोत्साहन भी प्रदान करती है।
स्रोत: TH
नासा के रोवर ने मंगल पर प्राचीन जीवन के संभावित संकेतों का पता लगाया
पाठ्यक्रम: जीएस-3/ अंतरिक्ष
सन्दर्भ
- साइंस एडवांसेज़ में प्रकाशित एक नए अध्ययन में अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं की एक टीम ने मंगल ग्रह पर कार्बनिक पदार्थ प्राप्त होने की सूचना दी है।
मंगल ग्रह
- मंगल सूर्य से दूरी के आधार पर चौथा ग्रह है, जिसकी विशिष्ट जंग-सी लाल रंग की आभा है तथा इसके दो असामान्य उपग्रह हैं।
- फोबोस: मंगल से लगभग 6,000 किलोमीटर ऊपर।
- डीमोस: मंगल से लगभग 20,000 किलोमीटर ऊपर।
- मंगल पर सौरमंडल के सबसे विशाल ज्वालामुखी स्थित हैं, जिनमें ओलिम्पस मॉन्स प्रमुख है।
- गुरुत्वाकर्षण: 3.711 मीटर प्रति सेकंड², जो पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण का लगभग एक-तिहाई है।
- वायुमंडल: मंगल का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से –153 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। इसकी सतह चट्टानी है, जिसमें घाटियाँ, ज्वालामुखी, सूखी झीलों के तल तथा प्रभाव गर्त हैं और पूरी सतह लाल धूल से ढकी हुई है।
- इसका गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी की तुलना में लगभग एक-तिहाई है तथा इसका वायुमंडल पृथ्वी की अपेक्षा अत्यंत विरल है, जिसमें 95% से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड तथा 1% से कम ऑक्सीजन पाई जाती है।
- मंगल अपनी धुरी पर पृथ्वी की तुलना में कुछ अधिक धीमी गति से घूमता है तथा सूर्य से अधिक दूरी पर होने के कारण उसकी परिक्रमा पूरी करने में भी अधिक समय लेता है।
- मंगल पर एक दिन 24.6 घंटे का तथा एक वर्ष 687 पृथ्वी दिवसों के बराबर होता है।
मंगल ग्रह के प्रमुख अभियान:
- मेरिनर-4,वाइकिंग-1,मार्स एक्सप्रेस,
मंगलयान (मंगल कक्षीय अभियान),होप प्रोब तथा वर्तमान प्रमुख रोवर परसिवियरेंस, जो भविष्य के मंगल नमूना-वापसी अभियान के लिए नमूने एकत्र कर रहा है।
स्रोत: TH