पाठ्यक्रम: GS3/विज्ञान और प्रौद्योगिकी
संदर्भ
- पर्यावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पत्रिका में प्रकाशित एक नवीन अध्ययन में ट्रिटियम युक्त जल के प्रभावी शोधन की नई विधि प्रस्तुत की गई है।
- यह उपलब्धि चीन के विभिन्न अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिकों की टीम द्वारा धातु–कार्बनिक रूपरेखा (MOF) का उपयोग करके प्राप्त की गई है।
- उल्लेखनीय है कि धातु–कार्बनिक रूपरेखा (MOF) पर किए गए अनुसंधान के लिए वर्ष 2025 का रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था।
परिचय
- वर्ष 2023 में जापान ने क्षतिग्रस्त फुकुशिमा नाभिकीय विद्युत संयंत्र से उपचारित अपशिष्ट जल को प्रशांत महासागर में प्रवाहित करना प्रारंभ किया।
- इस जल से अधिकांश भारी रेडियोधर्मी तत्त्वों को हटा दिया गया था, किंतु ट्रिटियम नामक एक प्रमुख रेडियोधर्मी संदूषक शेष रह गया।
- ट्रिटियम जीवित प्राणियों के शरीर द्वारा आसानी से अवशोषित हो जाता है तथा रक्त के माध्यम से पूरे शरीर में तीव्रता से फैल जाता है।
- ट्रिटियम, हाइड्रोजन का एक रेडियोधर्मी समस्थानिक है। जब यह ऑक्सीजन के साथ संयोजित होता है, तब ट्रिटियम युक्त जल (HTO) का निर्माण करता है।
- चूँकि ट्रिटियम युक्त जल रासायनिक रूप से सामान्य जल के लगभग समान होता है, इसलिए दोनों को अलग करना अत्यंत कठिन होता है।
- कई दशकों से वैश्विक नाभिकीय उद्योग में ट्रिटियम युक्त जल के निपटान के लिए इसे बड़ी मात्रा में सामान्य जल में मिलाकर तनुकरण की पद्धति अपनाई जाती रही है।
ट्रिटियम निष्कासन की वर्तमान विधियाँ
- वर्तमान में ट्रिटियम युक्त जल से ट्रिटियम निष्कासन की सबसे व्यावहारिक विधि आसवन है, जिसमें जल को उबालकर उसके अवयवों को उनके क्वथनांकों के सूक्ष्म अंतर के आधार पर अलग किया जाता है।
- किंतु ट्रिटियम युक्त जल तथा सामान्य जल के क्वथनांक में अंतर अत्यंत कम होने के कारण इसके लिए सैकड़ों मीटर ऊँचे आसवन स्तंभ की आवश्यकता होती है।
- यह प्रक्रिया अत्यधिक महँगी, ऊर्जा-गहन तथा फुकुशिमा में संग्रहीत लाखों टन जल के शोधन के लिए अव्यावहारिक है।
- वर्तमान आसवन स्तंभों में पैकिंग नामक संरचनाओं का उपयोग किया जाता है, जो वाष्प एवं द्रव के परस्पर संपर्क के लिए सतह उपलब्ध कराती हैं।
- अब तक ये पैकिंग केवल निष्क्रिय थीं और केवल गुरुत्वाकर्षण के आधार पर कार्य करती थीं।
- नवीन अध्ययन में शोधकर्ताओं ने इन पैकिंग को सक्रिय बनाया।
- इसके लिए उन्होंने स्टेनलेस स्टील की जाली पर NH₂-MIL-101(Cr) नामक धातु–कार्बनिक रूपरेखा (MOF) की परत चढ़ाई।
- धातु–कार्बनिक रूपरेखा (MOF) सूक्ष्म स्तर पर स्पंज जैसी संरचना होती है।
- NH₂-MIL-101(Cr) के उपयोग से पैकिंग का उपलब्ध सतही क्षेत्रफल 32 गुना बढ़ गया।
- इस रूपरेखा में उपस्थित क्रोमियम–ऑक्सीजन समूहों ने द्रव में उपस्थित ट्रिटियम परमाणुओं को आकर्षित कर उन्हें सामान्य हाइड्रोजन परमाणुओं से प्रतिस्थापित किया, जबकि नाइट्रोजन एवं हाइड्रोजन समूहों ने भी इस विनिमय प्रक्रिया को सुगम बनाया।

- परिणाम: संशोधित पैकिंग ने प्रति मीटर 42.5 सैद्धांतिक प्लेटों की पृथक्करण दक्षता प्राप्त की, जो रासायनिक अभियांत्रिकी के क्षेत्र में अब तक का विश्व रिकॉर्ड है।
- औद्योगिक स्तर पर 10 मीटर ऊँचे आसवन स्तंभ में यह नई सामग्री वर्तमान में उपलब्ध सर्वोत्तम सामग्री की तुलना में 134 गुना अधिक प्रभावी सिद्ध हुई।
- यह वर्तमान में उद्योगों में प्रयुक्त मानक वाणिज्यिक पैकिंग की तुलना में 10 लाख गुना अधिक प्रभावी है।
- महत्त्व: यह रणनीति ट्रिटियम युक्त जल के शोधन को अधिक प्रभावी बनाने तथा प्राकृतिक जल निकायों में ट्रिटियम के उत्सर्जन को कम करने का नया मार्ग प्रस्तुत करती है।
- अध्ययन के निष्कर्ष दर्शाते हैं कि प्रोग्राम योग्य छिद्रयुक्त पदार्थ जटिल समस्थानिक-आधारित संदूषकों के पृथक्करण में अत्यधिक उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं।

रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार, 2025
- सुसुमु कितागावा, रिचर्ड रॉब्सन तथा ओमर यागी को वर्ष 2025 का रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया।
- यह पुरस्कार धातु–कार्बनिक रूपरेखा (MOF) नामक पदार्थों के एक नवीन वर्ग की खोज एवं विकास के लिए प्रदान किया गया।
- धातु–कार्बनिक रूपरेखा (MOFs): धातु–कार्बनिक रूपरेखा (MOFs) स्फटिकीय संरचनाएँ होती हैं, जिनमें धातु आयन केंद्र तथा कार्बनिक अणु संयोजक के रूप में कार्य करते हैं।
- इनकी संरचना अत्यंत विशाल आंतरिक सतही क्षेत्रफल प्रदान करती है तथा इनके छिद्रों को विशिष्ट अणुओं को आकर्षित करने अथवा धारण करने के लिए अनुकूलित किया जा सकता है।
- MOFs बड़े एवं छिद्रयुक्त त्रि-आयामी जाल का निर्माण करते हैं, जिससे गैसों एवं द्रवों का प्रवाह सुगमता से हो सकता है।
- निर्माण में प्रयुक्त घटकों का सावधानीपूर्वक चयन करके शोधकर्ता इन छिद्रों के आकार, आकृति तथा उनके भीतर के रासायनिक वातावरण को नियंत्रित कर सकते हैं।
- यही विशेषताएँ MOFs को अब तक विकसित सबसे बहुउपयोगी पदार्थों में से एक बनाती हैं।
धातु–कार्बनिक रूपरेखाओं (MOFs) के प्रमुख अनुप्रयोग
- जल संग्रहण: शुष्क वायु से जल निकालने में सक्षम होने के कारण जल-संकटग्रस्त क्षेत्रों के लिए संभावित समाधान प्रदान करते हैं।
- प्रदूषक निष्कासन: जल से PFAS जैसे हानिकारक प्रदूषकों के निष्कासन में सहायक हैं।
- कार्बन अभिग्रहण: कार्बन डाइऑक्साइड को प्रभावी ढंग से अवशोषित कर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में योगदान देते हैं।
- हाइड्रोजन भंडारण: अपनी अत्यधिक छिद्रयुक्त संरचना के कारण हाइड्रोजन के सुरक्षित भंडारण में उपयोगी हैं, जो स्वच्छ ऊर्जा के विकास के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
Source: TH