“मिलियन-प्लस शहरों के लिए प्रभावी शहरी शासन की दिशा में अग्रसर” – एक रूपरेखा रिपोर्ट

पाठ्यक्रम: GS1/शहरीकरण

संदर्भ

  •  आवास एवं शहरी कार्य मंत्री ने नीति आयोग द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट “मिलियन-प्लस शहरों के लिए प्रभावी शहरी शासन की दिशा में अग्रसर – एक रूपरेखा” जारी की।

परिचय

  • भारत का शहरीकरण 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की प्राप्ति तथा 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की दिशा में प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
    •  शहर आर्थिक विकास को गति देने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और रोजगार सृजन में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं।
  •  रिपोर्ट में सतत् शासन-संबंधी समस्याओं की पहचान की गई है, जिनमें कमजोर एवं खंडित नेतृत्व संरचनाएँ, सीमित वित्तीय क्षमता, तथा क्षमता-संबंधी अंतराल शामिल हैं, जो सेवा प्रदाय और शहरी प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं।
  •  यह रिपोर्ट शहर स्तर पर अधिकार, दायित्व और संसाधनों के स्पष्ट पुनर्संरेखन के माध्यम से सशक्त नगर सरकारों की स्थापना की आवश्यकता पर बल देती है।

रिपोर्ट की प्रमुख सिफारिशें निम्नलिखित हैं:

  •  शहर नेतृत्व को सुदृढ़ करने के लिए निश्चित कार्यकाल वाले प्रत्यक्ष निर्वाचित महापौर की व्यवस्था लागू की जाए, जिसे एक सशक्त ‘मेयर-इन-काउंसिल’ प्रणाली का समर्थन प्राप्त हो, ताकि निर्णय-निर्माण में निरंतरता, स्पष्टता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
  •  शहरी सेवाओं के एकीकरण के लिए जलापूर्ति, स्वच्छता और सार्वजनिक परिवहन जैसी प्रमुख सेवाओं को नगर सरकारों के अधिकार क्षेत्र में लाया जाए, जिससे समन्वय एवं जवाबदेही में सुधार हो।
  •  नगरपालिका वित्त को सुदृढ़ करने हेतु स्व-आधारित राजस्व स्रोतों को सुदृढ़ किया जाए, राज्य वित्त आयोगों के माध्यम से अधिक पूर्वानुमेय एवं समयबद्ध वित्तीय हस्तांतरण सुनिश्चित किए जाएँ, तथा नगरपालिका बॉन्ड जैसे बाजार-आधारित वित्तीय साधनों तक पहुँच सक्षम बनाई जाए।
  •  संस्थागत पुनर्संरचना के अंतर्गत सेवा प्रदाय में संलग्न विभिन्न परास्तातीय एजेंसियों को नगर सरकार के पर्यवेक्षण में लाया जाए, जिनकी भूमिकाएँ स्पष्ट रूप से परिभाषित हों और समन्वय तंत्र सुदृढ़ किया जाए।
  • प्रभावी कार्यान्वयन के लिए रिपोर्ट राज्यों को अपने नगरपालिका अधिनियमों में आवश्यक संशोधन करने की सिफारिश करती है।
    •  साथ ही, यह आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय से मॉडल नगरपालिका कानून को अद्यतन करने तथा सुधारों को अपनाने हेतु मार्गदर्शन और प्रोत्साहन प्रदान करने का आह्वान करती है।

निष्कर्ष
 

  • यह रिपोर्ट भारत में शहरी शासन को सुदृढ़ करने के लिए एक व्यापक मार्गदर्शिका प्रस्तुत करती है, यह स्वीकार करते हुए कि देश की आगामी विकास यात्रा आर्थिक रूप से सशक्त, सुशासित और रहने योग्य शहरों द्वारा संचालित होगी।
  •  नगर सरकारों को सशक्त बनाना केवल प्रशासनिक प्राथमिकता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए एक रणनीतिक आवश्यकता भी है।

Source: PIB

 

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