दूरसंचार (टेलीविजन, रेडियो एवं संबद्ध सेवाएँ) नियम, 2026 का प्रारूप 

पाठ्यक्रम: GS2/ शासन

संदर्भ

  • सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टेलीविजन, रेडियो तथा संबंधित सेवाओं से संबंधित प्रारूप दूरसंचार नियम, 2026 को सार्वजनिक परामर्श हेतु जारी किया है।

पृष्ठभूमि

  • दूरसंचार अधिनियम, 2023 ने औपनिवेशिक कालीन भारतीय टेलीग्राफ़ अधिनियम, 1885 का स्थान लिया है।
  • अधिनियम के अंतर्गत टेलीविजन, रेडियो एवं संबद्ध प्रसारण सेवाओं से संबंधित प्रावधानों का प्रशासन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) द्वारा किया जाता है।
  • वर्तमान में DTH, एफएम रेडियो, सामुदायिक रेडियो, IPTV, HITS तथा उपग्रह टेलीविजन चैनलों जैसी विभिन्न प्रसारण सेवाएँ अलग-अलग समय पर जारी पृथक नीतिगत दिशानिर्देशों द्वारा संचालित होती हैं।
  • प्रारूप नियम विभिन्न प्रसारण प्लेटफॉर्मों को नियंत्रित करने वाले इन विविध नीतिगत दिशानिर्देशों को एकीकृत करते हैं।

प्रारूप नियमों की प्रमुख विशेषताएँ

  • एकीकृत नियामक ढाँचा: प्रारूप नियम प्रसारण सेवाओं को नियंत्रित करने वाले अनेक वर्तमान दिशानिर्देशों के स्थान पर एक एकल नियामक ढाँचे का प्रस्ताव करते हैं।
  • अनुमति प्रदान करने संबंधी समझौते (GOPA) की समाप्ति: अनुमति प्रदान करने संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर करने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है।
    • इस सुधार का उद्देश्य प्रशासनिक भार को कम करना तथा अनुमोदन प्रक्रियाओं को सरल बनाना है।
  • लोकहित संबंधी दायित्व: टेलीविजन चैनलों को प्रतिदिन 30 मिनट राष्ट्रीय महत्व एवं सामाजिक प्रासंगिकता वाले विषयों पर आधारित सामग्री का प्रसारण करना होगा।
    • निजी रेडियो स्टेशनों को प्रतिदिन एक घंटा ऐसी सामग्री के प्रसारण के लिए समर्पित करना होगा।
    • इसके अतिरिक्त, रेडियो स्टेशनों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके दैनिक कार्यक्रमों का कम-से-कम 20 प्रतिशत भाग स्थानीय सामग्री पर आधारित हो।
  • डिजिटल कार्यान्वयन: प्राधिकरण प्रदान करने की प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्मों के माध्यम से लागू किया जाएगा।

प्रारूप नियमों के अंतर्गत एकीकृत दिशानिर्देश

  • भारत में उपग्रह टेलीविजन चैनलों के अपलिंकिंग एवं डाउनलिंकिंग संबंधी दिशानिर्देश, 2022
  • डायरेक्ट-टू-होम (DTH) प्रसारण सेवाओं संबंधी दिशानिर्देश, 2001
  • हेडएंड-इन-द-स्काई (HITS) प्रसारण सेवाओं संबंधी दिशानिर्देश, 2009
  • निजी एजेंसियों के माध्यम से एफएम रेडियो सेवाओं के विस्तार (चरण-III) संबंधी नीतिगत दिशानिर्देश, 2011
  • सामुदायिक रेडियो स्टेशनों हेतु संशोधित नीतिगत दिशानिर्देश, 2024
  • इंटरनेट प्रोटोकॉल टेलीविजन (IPTV) सेवाओं संबंधी दिशानिर्देश, 2008

प्रारूप नियमों का महत्व

  • ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस : ये नियम नियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाते हैं तथा प्रसारकों पर अनुपालन संबंधी भार को कम करते हैं।
  • डिजिटल सुशासन: डिजिटल प्राधिकरण प्रक्रिया सरकार के व्यापक डिजिटल सुशासन के उद्देश्य के अनुरूप है।
  • प्रसारण क्षेत्र का विकास: एक सरल एवं आधुनिक नियामक पारितंत्र निवेश और नवाचार को प्रोत्साहित कर सकता है, जिससे प्रसारण क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।

Source: AIR

 

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