विश्व बैंक ने भारत के रूफटॉप सौर कार्यक्रम हेतु 890 मिलियन अमेरिकी डॉलर स्वीकृत किए

पाठ्यक्रम: जीएस-3 / पर्यावरण

सन्दर्भ

  • हाल ही में विश्व बैंक ने प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत भारत के राष्ट्रीय रूफटॉप सौर कार्यक्रम के समर्थन हेतु 890 मिलियन अमेरिकी डॉलर के वित्तीय पैकेज को स्वीकृति प्रदान की है।

भारत में रूफटॉप सौर कार्यक्रम

प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना (2024)

  • इस योजना का उद्देश्य घरों तक रूफटॉप सौर ऊर्जा की पहुँच सुनिश्चित करना तथा स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देना है।

प्रमुख विशेषताएँ:

  • आवासीय उपभोक्ताओं के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA)।
  • बैंकों के माध्यम से बिना जमानत (Collateral-free) ऋण।
  • पंजीकरण एवं अनुदान के लिए राष्ट्रीय ऑनलाइन पोर्टल।
  • विक्रेताओं का पंजीकरण (Empanelment) तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
  • नेट मीटरिंग की सुविधा।
  • विद्युत वितरण कंपनियों (DISCOMs) एवं वित्तीय संस्थानों की क्षमता का विकास।

योजना के उद्देश्य:

  • 1 करोड़ (10 मिलियन) परिवारों में रूफटॉप सौर प्रणाली स्थापित करना।
  • घरेलू बिजली बिलों में कमी लाना।
  • ‘मेक इन इंडिया’ के माध्यम से घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना।
  • विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित करना।

विश्व बैंक का समर्थन क्यों महत्वपूर्ण है?

भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को गति देना:

  • यह वित्तीय सहायता आवासीय रूफटॉप सौर प्रणाली के विस्तार के माध्यम से भारत के विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा की ओर संक्रमण को सुदृढ़ करती है।

जलवायु प्रतिबद्धताओं को समर्थन:

  • यह भारत के 2070 तक शुद्ध-शून्य (Net Zero) उत्सर्जन तथा 2035 तक 60% गैर-जीवाश्म स्रोतों से विद्युत उत्पादन के लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक होगी।

निजी निवेश को बढ़ावा:

  • यह सार्वजनिक धन पर निर्भरता कम करते हुए 4.2 अरब अमेरिकी डॉलर के निजी निवेश को आकर्षित कर सुलभ ऋण उपलब्ध कराने में सहायता करेगी।

वित्तीय बाधाओं को कम करना:

  • बिना जमानत ऋण एवं बेहतर वित्तपोषण व्यवस्था के कारण मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए रूफटॉप सौर प्रणाली अधिक सुलभ होगी।

संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ करना:

  • यह कार्यक्रम विद्युत वितरण कंपनियों (DISCOMs), बैंकों, विक्रेताओं तथा स्थापना एजेंसियों की क्षमता का विकास करेगा।
  • इससे सेवा प्रदायगी में सुधार होगा तथा उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ेगा।

रोजगार सृजन:

  • इस पहल से 17 लाख (1.7 मिलियन) रोजगार सृजित होने का अनुमान है, विशेषकर विनिर्माण, स्थापना, रखरखाव तथा संबद्ध सेवा क्षेत्रों में।

दीर्घकालिक साझेदारी को आगे बढ़ाना:

  • विश्व बैंक एक दशक से अधिक समय से भारत के रूफटॉप सौर क्षेत्र का समर्थन कर रहा है।
  • 2016: ग्रिड-संबद्ध रूफटॉप सौर कार्यक्रम के लिए 648 मिलियन अमेरिकी डॉलर (मुख्यतः वाणिज्यिक एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं हेतु)।
  • 2022: आवासीय क्षेत्र में विस्तार के लिए 165 मिलियन अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त सहायता।
  • इस समेकित सहयोग के परिणामस्वरूप भारत की स्थापित रूफटॉप सौर क्षमता लगभग 500 मेगावाट से बढ़कर 27 गीगावाट से अधिक हो गई है।

भारत में रूफटॉप सौर क्षेत्र की चुनौतियाँ

  • अनुदान के बावजूद स्थापना की उच्च प्रारंभिक लागत।
  • राज्यों में नेट मीटरिंग नीतियों में असमानता।
  • विद्युत वितरण कंपनियों (DISCOMs) की वित्तीय कठिनाइयाँ एवं सीमित क्षमता।
  • रूफटॉप सौर क्षमता बढ़ने के साथ ग्रिड एकीकरण एवं वितरण अवसंरचना संबंधी समस्याएँ।
  • अनेक क्षेत्रों में उपभोक्ताओं के बीच जागरूकता का अभाव।
  • कुछ क्षेत्रों में कुशल तकनीशियनों की कमी।
  • उपकरणों एवं स्थापना कार्य की गुणवत्ता नियंत्रण संबंधी समस्याएँ।
  • निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए सुलभ ऋण की कमी।

आगे की राह: प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का पूर्ण लाभ उठाना

  • डिजिटल मंच के माध्यम से अनुदान का समय पर वितरण सुनिश्चित किया जाए।
  • सस्ते एवं बिना जमानत ऋण उपलब्ध कराए जाएँ।
  • सभी राज्यों में नेट मीटरिंग नियमों का मानकीकरण किया जाए।
  • विद्युत वितरण कंपनियों (DISCOMs) की वित्तीय एवं तकनीकी क्षमता को सुदृढ़ किया जाए।
  • उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना के अंतर्गत सौर मॉड्यूल, इन्वर्टर एवं ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दिया जाए।
  • स्थापना एवं रखरखाव से जुड़े कर्मियों के कौशल विकास में निवेश किया जाए।
  • परिवारों की भागीदारी बढ़ाने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएँ।
  • अधिक विश्वसनीयता के लिए रूफटॉप सौर प्रणाली को बैटरी ऊर्जा भंडारण एवं स्मार्ट ग्रिड के साथ जोड़ा जाए।
  • नवीन वित्तपोषण एवं जोखिम-साझेदारी तंत्र के माध्यम से निजी क्षेत्र की भागीदारी को और अधिक प्रोत्साहित किया जाए।

स्रोत: ANI News

 

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