- उच्चतम न्यायालय की एआई समिति ने ऐसे मसौदा विनियम प्रस्तावित किए हैं, जिनके अंतर्गत अनिवार्य मानवीय पर्यवेक्षण के बिना एआई-सहायित दंड-निर्धारण पर प्रतिबंध लगाया गया है।
- प्रशासनिक कार्यों जैसे वाद प्रबंधन , कारण सूची की तैयारी, सुनवाई का निर्धारण, न्यायालयीय कार्यवाहियों का प्रतिलेखन तथा निर्णयों के अनुवाद हेतु एआई के उपयोग की अनुमति प्रदान की गई है।
- न्यायिक प्रक्रियाओं में “जोखिम मूल्यांकन” के लिए एआई प्रणालियों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। इसमें फरार होने की संभावना का आकलन, पुनः अपराध करने की संभावना का पूर्वानुमान, जमानत पात्रता का मूल्यांकन अथवा पक्षकारों एवं गवाहों की विश्वसनीयता का निर्धारण शामिल है। Read More
उच्चतम न्यायालय द्वारा न्यायपालिका में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग संबंधी मसौदा विनियम प्रकाशित
संदर्भ
विनियमों की प्रमुख विशेषताएँ