- हाल ही में मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) ने भारत की लॉजिस्टिक व्यवस्था में आंतरिक जलमार्गों की बढ़ती भूमिका को एक सुदृढ़ तथा रणनीतिक घटक के रूप में रेखांकित किया है।
- आंतरिक जल परिवहन (IWT) से आशय नदियों, नहरों, बैकवाटर तथा जलधाराओं के माध्यम से माल और यात्रियों के आवागमन से है।
- यह लागत की दृष्टि से सस्ता, ऊर्जा की दृष्टि से कुशल तथा पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ होता है, जिससे यह भारी मात्रा में माल परिवहन के लिए उपयुक्त बनता है। Read More
आंतरिक जलमार्ग: आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुदृढ़ बनाना
संदर्भ
आंतरिक जलमार्ग का परिचय