केंद्र सरकार ने लोकसभा को सूचित किया है कि कुल 8.48 लाख सहकारी समितियों में से 2.11 लाख घाटे में हैं, 1.41 लाख निष्क्रिय हैं और 47,688 परिसमापन की प्रक्रिया में हैं।
प्रमुख बिंदु
केवल 3.49 लाख सहकारी समितियाँ लाभ में हैं।
उत्तर प्रदेश में निष्क्रिय समितियों का प्रतिशत सर्वाधिक (41.8%) है, इसके बाद मध्य प्रदेश, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल का स्थान है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने वार्षिक प्रकाशन “भारत ऊर्जा सांख्यिकी 2026” जारी किया है।
परिचय
यह प्रकाशन एकीकृत डेटासेट प्रस्तुत करता है जिसमें भारत के सभी ऊर्जा उत्पादों के भंडार, क्षमता, उत्पादन, उपभोग तथा आयात/निर्यात संबंधी जानकारी सम्मिलित है।
इसमें विभिन्न सारणियाँ, ग्राफ़ और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सतत ऊर्जा संकेतक भी शामिल हैं।
भारत ने अपने उर्वरक क्षेत्र के कार्बनमुक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उर्वरक कंपनियों और हरित अमोनिया उत्पादकों के बीच ग्रीन अमोनिया परचेज एग्रीमेंट्स (GAPA) और ग्रीन अमोनिया सप्लाई एग्रीमेंट्स (GASA) का आदान-प्रदान किया गया है।
परिचय
भारत लगभग 165–170 लाख मीट्रिक टन (LMT) फॉस्फेटिक और पोटैसिक (P&K) उर्वरक जैसे DAP और NPK का उत्पादन करता है, परंतु अमोनिया आयात पर अत्यधिक निर्भर है।
वैश्विक व्यवधानों के कारण मूल्य अस्थिरता और आपूर्ति अनिश्चितता उत्पन्न हुई है, जिसका सीधा प्रभाव उर्वरक उपलब्धता एवं खाद्य सुरक्षा पर पड़ता है।