पाठ्यक्रम: जीएस-2/ नागरिकता
सन्दर्भ
- विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि भारतीय पासपोर्ट केवल एक यात्रा दस्तावेज़ है और इसे नागरिकता का अंतिम अथवा निर्णायक प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।
परिचय
- भारतीय पासपोर्ट, विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी किया जाने वाला एक आधिकारिक यात्रा दस्तावेज़ है।
- यह अंतर्राष्ट्रीय यात्रा के लिए धारक की पहचान एवं राष्ट्रीयता का प्रमाण प्रदान करता है तथा विदेश में भारतीय दूतावासों/वाणिज्य दूतावासों से कांसुली सहायता प्राप्त करने में सक्षम बनाता है।
- ई-पासपोर्ट (ePassport) कागज़ी एवं इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट का एक संयुक्त स्वरूप है, जिसमें रेडियो फ़्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) चिप तथा एंटीना अंतर्निहित होता है। इसमें पासपोर्ट धारक के व्यक्तिगत विवरण एवं बायोमेट्रिक जानकारी संग्रहीत रहती है।
- इनका निर्माण अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) द्वारा निर्धारित बायोमेट्रिक यात्रा दस्तावेज़ों के मानकों के अनुरूप किया जाता है।
नागरिकता
- संविधान के अनुसार नागरिकता संघ सूची का विषय है, अतः यह संसद के विशिष्ट अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
- संविधान में ‘नागरिक’ शब्द की परिभाषा नहीं दी गई है, किन्तु नागरिकता प्राप्त करने के पात्र व्यक्तियों की विभिन्न श्रेणियों का उल्लेख भाग-2 (अनुच्छेद 5 से 11) में किया गया है।
भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के तरीके
- नागरिकता अधिनियम, 1955 के अनुसार भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के पाँच तरीके हैं:
- जन्म द्वारा नागरिकता।
- वंश के आधार पर नागरिकता।
- पंजीकरण द्वारा नागरिकता।
- देशीयकरण (Naturalization) द्वारा नागरिकता।
- क्षेत्र के भारत में विलय (भारत सरकार द्वारा) के आधार पर नागरिकता।
- भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 के अंतर्गत भारतीय मूल के व्यक्तियों को दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है।
- यदि किसी व्यक्ति के पास कभी भारतीय पासपोर्ट रहा हो और उसने किसी अन्य देश की नागरिकता एवं पासपोर्ट प्राप्त कर लिया हो, तो उसे अपना भारतीय पासपोर्ट तत्काल समर्पित (Surrender) करना होगा।
भारतीय नागरिकता की समाप्ति
- त्याग (Renunciation): यदि कोई भारतीय नागरिक किसी अन्य देश की नागरिकता भी रखता है तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार घोषणा करके भारतीय नागरिकता का त्याग कर देता है, तो वह भारतीय नागरिक नहीं रहता।
- समाप्ति (Termination): यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से अथवा जानबूझकर किसी अन्य देश की नागरिकता ग्रहण कर लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता समाप्त हो जाती है।
- वंचित किया जाना (Deprivation): कुछ परिस्थितियों में भारत सरकार किसी व्यक्ति को उसकी नागरिकता से वंचित कर सकती है। हालाँकि, यह सभी नागरिकों पर लागू नहीं होता।
इसके लिए निम्नलिखित आधार हैं:
- नागरिकता धोखाधड़ी के माध्यम से प्राप्त की गई हो।
- नागरिक ने भारतीय संविधान के प्रति निष्ठाहीनता प्रदर्शित की हो।
- युद्धकाल के दौरान नागरिक ने अवैध व्यापार किया हो या शत्रु के साथ अवैध सम्पर्क स्थापित किया हो।
- देशीयकरण द्वारा नागरिकता प्राप्त करने के पाँच वर्षों के भीतर संबंधित नागरिक को दो वर्ष या उससे अधिक के कारावास का दण्ड मिला हो।
- नागरिक लगातार 7 वर्षों तक सामान्य रूप से भारत के बाहर निवास करता रहा हो।
स्रोत : IE
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संक्षिप्त समाचार 24-06-2026