भारत में मानसिक स्वास्थ्य को अब शारीरिक बीमारियों के बराबर दर्जा दिया गया है और इसे स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में शामिल किया गया है, यह मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017 और IRDAI निर्देश के बाद संभव हुआ।
पिछले 11 वर्षों में घोर गरीबी से बाहर निकले 27 करोड़ भारतीय
Jaishankar to step up diplomatic push on week-long visit to France, Belgium