वैश्विक आर्थिक जोखिम और भारत की लोचशीलता
Published on: 05 May, 2026
हाल ही में भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर ने संकेत दिया कि शुल्क, व्यापार प्रतिबंधों और औद्योगिक नीतियों से प्रेरित भू-आर्थिक विखंडन (GEF) न केवल वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को पुनर्गठित कर रहा है, बल्कि पूँजी के मुक्त प्रवाह को बाधित कर वित्तीय प्रवाहों को भी खंडित कर रहा है।