खाद्य संप्रभुता: फ्रांस और भारत से सीख
Published on: 03 July, 2026
फ्रांस के कृषि संप्रभुता एवं पीढ़ीगत नवीकरण उन्मुखीकरण कानून, 2024 ने खाद्य संप्रभुता को कृषि में युवाओं की भागीदारी से जोड़ा है।
फ्रांस के कृषि संप्रभुता एवं पीढ़ीगत नवीकरण उन्मुखीकरण कानून, 2024 ने खाद्य संप्रभुता को कृषि में युवाओं की भागीदारी से जोड़ा है।
हाल ही में, भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (INSA) ने एकीकृत राष्ट्रीय ऊर्जा रूपरेखा के महत्त्व को रेखांकित किया है। इसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक ऊर्जा आत्मनिर्भरता तथा 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के लक्ष्यों को आगे बढ़ाते हुए भारत की ऊर्जा सुरक्षा, सततता एवं विकासात्मक उद्देश्यों के मध्य समन्वय स्थापित करना है।
भारत में क्विक कॉमर्स (QC) प्लेटफॉर्मों के तीव्र विस्तार ने एक बार पुनः इस परिचर्चा को शुरू कर दिया है कि उभरती डिजिटल खुदरा क्रांति के बीच भारत की पारंपरिक किराना व्यवस्था कितनी सतत सिद्ध होगी।
अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए भारत की रणनीति पर बढ़ती चर्चा, साथ ही इंडिया एआई मिशन के शुभारम्भ तथा सॉवरेन एआई क्षमताओं पर विचार-विमर्श ने अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक पहुँच को आधार और एकीकृत भुगतान इंटरफेस (UPI) जैसी डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के समान मानने पर ध्यान केंद्रित किया है।
हाल ही में राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 NFHS-6 (2023–24) के निष्कर्षों ने भारत में बढ़ते मोटापे और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को रेखांकित किया है तथा विद्यालय-आधारित हस्तक्षेपों के माध्यम से किशोर पोषण पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता का संकेत दिया है।
ग्रीन ट्रांज़िशन बोर्ड ने अपने कार्य का शुभारंभ इस विचार के साथ किया कि वैश्विक जलवायु एजेंडा अब केवल लक्ष्य निर्धारित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश एकत्रित करने तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर केंद्रित हो चुका है।
ग्रीन ट्रांज़िशन बोर्ड ने अपने कार्य का शुभारंभ इस विचार के साथ किया कि वैश्विक जलवायु एजेंडा अब केवल लक्ष्य निर्धारित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश एकत्रित करने तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर केंद्रित हो चुका है।
हाल ही में भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सामान्य से कम वर्षा (लगभग 43% कम) का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। वर्षा में यह कमी मानसून के विलंबित आगमन तथा एल नीनो परिस्थितियों के उभरने के कारण और अधिक गंभीर हो गई है।
हाल ही में भारतीय कंपनियों जैसे रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (RIL) और अमूल ने उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कीं, किन्तु वे अभी भी वैश्विक स्तर पर प्रभुत्वशाली, नवाचार-संचालित तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था के उच्च-लाभ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त रूप से स्थापित नहीं हैं।
आयुष्मान भारत स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों (HWCs) तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) की प्रभावशीलता ने एक बार फिर सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (UHC) के क्षेत्र में भारत की जनस्वास्थ्य नीतियों की सफलता पर प्रश्नचिह्न खड़े किए हैं।