एशिया की ओर भारत की विदेश नीति का फोकस बदलते वैश्विक परिदृश्य को दर्शाता है, जहाँ एशिया आर्थिक गतिशीलता, तकनीकी नवाचार और भू-राजनीतिक प्रभाव का केंद्र बनकर उभर रहा है।
भारत में मत्स्य पालन और जलीय कृषि, आजीविका, पोषण एवं व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, लेकिन यह क्षेत्र अत्यधिक मछली पकड़ने, प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन तथा संसाधनों तक असमान पहुँच जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है।
लगातार आठवें वर्ष फिनलैंड ने वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, इसके बाद डेनमार्क, आइसलैंड और स्वीडन हैं। वहीं, भारत पाकिस्तान से नीचे है—हालाँकि पाकिस्तान राजनीतिक अस्थिरता का सामना रहा है—जिससे रिपोर्ट की कार्यप्रणाली और मानकों पर प्रश्न उठते हैं।
भारत की अफ्रीका के साथ सहभागिता को रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से गहराना आवश्यक है, जो संपर्क, क्षमता-निर्माण और राजनयिक संबंधों के पुनर्जीवन पर बल देती हैं।
भारत का सर्वोच्च न्यायालय वर्तमान में एक याचिका की समीक्षा कर रहा है जिसमें पोक्सो अधिनियम, 2012 की लैंगिक-विशिष्ट व्याख्या को चुनौती दी गई है। यह मामला उस स्थिति से जुड़ा है जहाँ एक महिला पर एक नाबालिग लड़के के साथ भेदनात्मक यौन उत्पीड़न (penetrative sexual assault) का आरोप है।
भारत को एक परिवर्तनकारी बदलाव से गुजरना होगा — ऐसा बदलाव जो उसकी अर्थव्यवस्था के व्यापक विद्युतीकरण पर आधारित हो, ताकि वह 2070 तक अपने महत्वाकांक्षी नेट ज़ीरो लक्ष्य को प्राप्त कर सके।
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा रूस और चीन के साथ ‘समान आधार पर परमाणु परीक्षण’ की नई घोषणा ने परमाणु हथियार परीक्षण की वापसी का संकेत दिया है, जिससे दशकों से चली आ रही अंतरराष्ट्रीय संयम और वैश्विक हथियार नियंत्रण की गतिशीलता को चुनौती मिली है।
कैलिफ़ोर्निया के बाहर गूगल का सबसे बड़ा एआई डेटा सेंटर आंध्र प्रदेश में स्थापित किए जाने की हालिया घोषणा ने भारत को एक प्रतिस्पर्धी संघीय अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर किया है, जहाँ राज्य नीति, शासन और अवसंरचना लाभों के माध्यम से वैश्विक निवेश का सक्रिय समर्थन करते हैं।
भारत के सर्वोच्च न्यायालय और केंद्र सरकार के बीच ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म्स एक्ट, 2021 को लेकर प्रशासन एवं सुधार पर चल रहा विवाद बार-बार चुनौती दिया गया है, क्योंकि इस पर न्यायिक स्वतंत्रता को कमजोर करने का आरोप है।