यह संपादकीय भारत में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (MWCD) के विभिन्न कार्यक्रमों के एकीकरण और सशक्तिकरण में प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करता है।
संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार अब केवल दो लिंग — पुरुष और महिला — को मान्यता देती है और ट्रांसजेंडर को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
हाल ही में चीन ने कुनमिंग में चीन-दक्षिण एशिया प्रदर्शनी के दौरान पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ प्रथम त्रिपक्षीय बैठक की मेजबानी की। दक्षिण एशिया के लिए इसके दूरगामी परिणाम हैं -विशेषकर भारत के लिए।
बढ़ते संरक्षणवाद और वैश्विक व्यापार गठबंधनों के विघटन के इस दौर में, भारत को कम्प्रिहेन्सिव एंड प्रोग्रेसिव एग्रीमेंट फॉर ट्रांस-पैसिफिक पार्टनरशिप (CPTPP) में शामिल होने पर पुनर्विचार करना चाहिए और आसियान (ASEAN) तथा यूरोपीय संघ (EU) के साथ अपने एकीकरण को गहरा करना चाहिए ताकि अपने आर्थिक भविष्य को सुरक्षित रखा जा सके।
भारत में आजीविका, शिक्षा या पारिवारिक कारणों से स्थानांतरित होने वाले लाखों आंतरिक प्रवासियों के लिए — मतदान का अधिकार विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में सहभागी शासन का एक गंभीर मुद्दा बना हुआ है।
भारत की नगरपालिका और शहरी प्रशासनिक संरचनाओं में लैंगिक समानता की कमी का भारत के शहरी शासन जैसे शहरी नियोजन, सेवा वितरण एवं समग्र समावेशिता पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है।
दक्षिण एशिया, विश्व की पांचवीं से अधिक जनसंख्या का निवास स्थान होने तथा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध होने के बावजूद, विश्व में आर्थिक रूप से सबसे कम एकीकृत क्षेत्रों में से एक बना हुआ है।
जब वैश्विक अर्थव्यवस्था व्यापार युद्धों, भू-राजनीतिक तनावों और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों का सामना कर रही है, ऐसे में भारत की इन परिस्थितियों से सफलतापूर्वक निपटने की क्षमता नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के नेताओं द्वारा की गई रणनीतिक पुनर्संरेखण पर निर्भर करेगी।
हाल ही में उच्चतम न्यायालय ने के. उमा देवी बनाम तमिलनाडु राज्य मामले में एक ऐतिहासिक निर्णय दिया, जो संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मातृत्व अधिकारों को मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता देने के लिए महत्वपूर्ण है।