- भारत में मृदा कृषि उत्पादकता, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका को सहारा प्रदान करती है।
- मृदा एक प्राकृतिक निकाय है, जो ठोस पदार्थों (खनिज एवं कार्बनिक पदार्थ), तरल और गैसों से मिलकर बनी होती है। यह भूमि की सतह पर पाई जाती है, स्थान घेरती है और इसकी पहचान निम्नलिखित में से एक या दोनों विशेषताओं से होती है: मृदा संस्तर या परतें, जो पदार्थों के जुड़ने, हानि, स्थानांतरण तथा ऊर्जा के परिवर्तन के कारण मूल पदार्थ से अलग दिखाई देती हैं।
- मृदा संस्तर मृदा की स्पष्ट क्षैतिज परतें होती हैं, जो भूमि की सतह से लेकर आधार शिला तक मृदा प्रोफ़ाइल का निर्माण करती हैं। मुख्य मृदा संस्तरों को O, A, E, B, C और R अक्षरों द्वारा दर्शाया जाता है। Read More
भारत में मृदा विविधता
सन्दर्भ
परिचय