पाठ्यक्रम: GS2/अंतरराष्ट्रीय संबंध
संदर्भ
- ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान के विदेश मंत्रियों तथा संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश मंत्री ने नई दिल्ली में 11वीं क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित की।
प्रमुख विशेषताएँ
- इंडो-पैसिफिक समुद्री निगरानी सहयोग (IPMSC) पहल: क्वाड साझेदारों ने प्रथम बार इस पहल की शुरुआत की।
- इसका उद्देश्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री क्षेत्र जागरूकता एवं सूचना साझाकरण को बढ़ाना है।
- प्रारंभिक ध्यान हिंद महासागर क्षेत्र पर होगा, जिसके अंतर्गत निगरानी सहयोग, विशेषज्ञ आदान-प्रदान एवं टेबलटॉप अभ्यास शामिल होंगे।
- इंडो-पैसिफिक साझेदारी (IPMDA) का विस्तार: चारों देशों ने इस पहल का विस्तार किया और एक व्यापक कॉमन ऑपरेटिंग पिक्चर (COP) विकसित करने की योजना की घोषणा की, जिससे क्षेत्र में वास्तविक समय में समुद्री सूचना साझाकरण को बेहतर बनाया जा सके।
- आतंकवाद-रोधी सहयोग: ऑस्ट्रेलिया जून 2026 में क्वाड आतंकवाद-रोधी टेबलटॉप अभ्यास की मेजबानी करेगा, जिसमें राज्य-प्रायोजित आतंकवाद खतरों, मानव रहित हवाई वाहनों एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के दुरुपयोग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
- महत्त्वपूर्ण खनिज: क्वाड क्रिटिकल मिनरल्स इनिशिएटिव फ्रेमवर्क प्रस्तुत किया गया, जिसका उद्देश्य समन्वित निवेश, खनन, प्रसंस्करण एवं पुनर्चक्रण सहयोग के माध्यम से लचीली और विविधीकृत आपूर्ति शृंखलाओं को सुदृढ़ करना है।
- ऊर्जा लचीलापन: क्वाड इंडो-पैसिफिक ऊर्जा सुरक्षा पहल ऊर्जा प्रौद्योगिकी, नीति, बाज़ार विश्लेषण एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया अभ्यासों में सहयोग पर केंद्रित होगी।
- बुनियादी ढाँचा सहयोग: क्वाड पोर्ट्स ऑफ द फ्यूचर पार्टनरशिप पहल के अंतर्गत हुई चर्चाओं के पश्चात, फिजी सरकार के साथ बंदरगाह अवसंरचना विकास पर कार्य करने की योजना की घोषणा की गई।
- AI-ENGAGE पहल: क्वाड साझेदारों ने छह अंतरराष्ट्रीय शोध परियोजनाओं हेतु 6 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की निधि की घोषणा की। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स एवं सेंसरिंग प्रौद्योगिकियों का उपयोग कर फसल उत्पादन, कीट प्रबंधन एवं खाद्य सुरक्षा में सुधार करना है।
- क्वाड-एट-सी शिप ऑब्ज़र्वर मिशन: भारत आगामी मिशन की मेजबानी करेगा, जिसका उद्देश्य अवैध समुद्री गतिविधियों से निपटने में अंतरसंचालनीयता एवं समन्वय को सुदृढ़ करना है।
चतुष्कोणीय सुरक्षा संवाद (QUAD)
- यह भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया एवं जापान का एक अनौपचारिक बहुपक्षीय समूह है, जिसका उद्देश्य मुक्त एवं खुले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग करना है।
- उत्पत्ति: क्वाड की शुरुआत 2004 के हिंद महासागर सुनामी के पश्चात एक अनौपचारिक साझेदारी के रूप में हुई, जब चारों देशों ने प्रभावित क्षेत्र में मानवीय एवं आपदा सहायता प्रदान की।
- इसे 2007 में जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने औपचारिक रूप दिया, किंतु बाद में यह निष्क्रिय हो गया।
- एक दशक पश्चात 2017 में इसे पुनर्जीवित किया गया, जो क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव के प्रति बदलते दृष्टिकोण को दर्शाता है।
क्वाड का सामरिक महत्व
- एक्ट ईस्ट नीति: भारत की क्वाड में भागीदारी पूर्वी एशियाई देशों के साथ गहन सहयोग एवं समुद्री सुरक्षा सहयोग को सुदृढ़ करती है।
- सैन्य सहयोग: यह मंच सैन्य सहयोग, खुफिया जानकारी साझा करने एवं संयुक्त अभ्यासों के लिए अवसर प्रदान करता है, जिसका उद्देश्य समुद्री सुरक्षा बनाए रखना एवं विधि का शासन सुनिश्चित करना है।
- चीन के प्रभाव का संतुलन: भारत के लिए क्वाड अपने समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा एवं अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने में महत्त्वपूर्ण है।
- नियम-आधारित बहुध्रुवीय विश्व का समर्थन: भारत ने नियम-आधारित बहुध्रुवीय विश्व का समर्थन किया है और क्वाड उसकी क्षेत्रीय महाशक्ति बनने की महत्वाकांक्षा को साकार करने में सहायक हो सकता है।
Source: DD