केरल का समर्पित वरिष्ठ नागरिक कल्याण विभाग 

पाठ्यक्रम: GS2/ शासन

संदर्भ

  • केरल सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण हेतु एक अलग विभाग स्थापित करने का निर्णय लिया है, ताकि जनसंख्या के वृद्धावस्था की ओर वृद्धिमान प्रवृत्ति और बुजुर्ग नागरिकों में सामाजिक अलगाव जैसी चुनौतियों का समाधान किया जा सके।

भारत में वृद्ध जनसंख्या

  • भारत की वरिष्ठ नागरिक जनसंख्या 2036 तक लगभग 230 मिलियन तक पहुँचने का अनुमान है, जो कुल जनसंख्या का लगभग 15% होगी।
  • महिलाओं की आयु अधिक होने के कारण वृद्ध जनसंख्या में उनका अनुपात अधिक है, जिससे वृद्धावस्था का स्त्रीकरण हो रहा है।
    • वृद्ध जनसंख्या में लिंगानुपात 1,000 पुरुषों पर 1,065 महिलाएँ है। महिलाओं का हिस्सा 58% है, जिनमें से 54% विधवा हैं।
  • दक्षिणी राज्यों के साथ हिमाचल प्रदेश और पंजाब में वृद्ध जनसंख्या अधिक है, और 2036 तक क्षेत्रीय असमानताएँ और बढ़ने की संभावना है।

अन्य राज्यों की तुलना में केरल में वृद्धावस्था

  • भारत में वृद्ध जनसंख्या का सबसे अधिक अनुपात केरल में है। राज्य की लगभग 18.7% जनसंख्या 60 वर्ष से अधिक आयु की है, जबकि राष्ट्रीय औसत लगभग 11–12% है।
    • 2036 तक राज्य में वृद्ध जनसंख्या 22% से अधिक होने का अनुमान है।
  • केरल राज्य योजना बोर्ड की आर्थिक समीक्षा 2025 के अनुसार वृद्धजन निर्भरता अनुपात (15–59 वर्ष आयु वर्ग की 100 कार्यशील जनसंख्या पर वृद्धजन की संख्या) वर्तमान में 26.1% है, जबकि राष्ट्रीय औसत 15.7% है।

भारत में वरिष्ठ नागरिकों के समक्ष प्रमुख चुनौतियाँ

  • गैर-संचारी रोगों (NCDs) का भार: बुजुर्ग नागरिक मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, कैंसर आदि जैसे रोगों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं, जिनके लिए निरंतर उपचार और दीर्घकालिक स्वास्थ्य देखभाल की आवश्यकता होती है।
  • बहुरोगिता : एक ही व्यक्ति में दो या अधिक दीर्घकालिक रोगों की उपस्थिति।
    • इससे बार-बार अस्पताल में भर्ती होना, उच्च उपचार लागत, जीवन की गुणवत्ता में कमी और देखभालकर्ताओं पर अधिक निर्भरता बढ़ती है।
  • सामाजिक अलगाव: तीव्र शहरीकरण और प्रवासन ने पारंपरिक संयुक्त परिवार प्रणाली को कमजोर कर दिया है।
    • कई बुजुर्ग नागरिक अकेलेपन, अवसाद, चिंता और भावनात्मक उपेक्षा का सामना करते हैं।
  • अपर्याप्त जेरियाट्रिक स्वास्थ्य अवसंरचना: भारत में 150 मिलियन से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1,000 से भी कम प्रमाणित जेरियाट्रिशियन उपलब्ध हैं।
    • स्वास्थ्य प्रणाली उपचारात्मक देखभाल पर अधिक केंद्रित है, जबकि बुजुर्गों के लिए अनुकूल निवारक और सहायक देखभाल पर कम ध्यान दिया जाता है।
    • टियर-2 और टियर-3 शहरों में दवाओं, सहायक उपकरणों, पुनर्वास उपकरणों और चिकित्सा सामग्री की कमी रहती है।
  • उच्च आउट-ऑफ-पॉकेट स्वास्थ्य व्यय: निरंतर दवा और बार-बार अस्पताल में भर्ती होने से परिवारों पर वित्तीय भार बढ़ता है।

भारत में वरिष्ठ नागरिकों हेतु सरकारी पहल

  • अटल पेंशन योजना (APY): 2015 में शुरू की गई, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए वृद्धावस्था आय सुरक्षा सुनिश्चित करती है। 60 वर्ष के बाद ₹1,000–₹5,000 मासिक पेंशन की गारंटी।
  • राष्ट्रीय वयोश्री योजना (RVY): 2017 में शुरू की गई, बीपीएल वरिष्ठ नागरिकों या ₹15,000/माह से कम आय वाले नागरिकों को सहायक उपकरण (श्रवण यंत्र, छड़ी, व्हीलचेयर आदि) वितरित करती है।
  • सीनियर केयर एजिंग ग्रोथ इंजन (SAGE) पोर्टल: बुजुर्ग देखभाल सेवाओं में स्टार्ट-अप और नवाचार को प्रोत्साहित करता है, जिससे सिल्वर इकोनॉमी का विकास होता है।
  • आयुष्मान भारत – पीएम-जय: 70 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को 4.5 करोड़ परिवारों में ₹5 लाख वार्षिक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करता है।
  • माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007: बच्चों और उत्तराधिकारियों को अपने माता-पिता का भरण-पोषण करने का कानूनी दायित्व देता है।
    • राज्य सरकारों को वृद्धाश्रम स्थापित करने और वरिष्ठ नागरिक कल्याण सेवाएँ सुनिश्चित करने का निर्देश देता है।

आगे की राह

  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिजिटल साक्षरता को प्रोत्साहन देना: सामुदायिक केंद्रों, एनजीओ और पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से लक्षित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएँ, ताकि बुजुर्ग नागरिक स्मार्टफोन, टेलीमेडिसिन एवं डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म से परिचित हो सकें।
  • राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक देखभाल नीति: भारत को स्वास्थ्य, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा सेवाओं को एकीकृत करते हुए एक समग्र वृद्धजन कल्याण ढाँचा तैयार करना चाहिए।
  • सिल्वर इकोनॉमी में नवाचार को प्रोत्साहन: स्टार्ट-अप और उद्यमों को सहायक तकनीक, एआई-आधारित स्वास्थ्य निगरानी उपकरण और बुजुर्गों की आवश्यकताओं के अनुरूप उपयोगकर्ता-अनुकूल अनुप्रयोग विकसित करने में सहयोग दिया जाए।

स्रोत: TH

 

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