वैश्विक लैंगिक अंतर सूचकांक 2026
पाठ्यक्रम: GS2/शासन
संदर्भ
- विश्व आर्थिक मंच द्वारा जारी वैश्विक लैंगिक अंतर सूचकांक 2026 में भारत ने 131वाँ स्थान बरकरार रखा है। भारत से नीचे केवल 14 अर्थव्यवस्थाएँ हैं।
परिचय
- वर्ष 2006 में शुरू किए गए इस सूचकांक के माध्यम से चार आयामों में लैंगिक समानता की दिशा में हुई प्रगति का आकलन किया जाता है: आर्थिक भागीदारी और अवसर, शैक्षिक उपलब्धि, स्वास्थ्य एवं जीवन-रक्षा तथा राजनीतिक सशक्तीकरण।
- सूचकांक में 0 से 1 तक के पैमाने का उपयोग किया जाता है, जिसमें 1 पूर्ण लैंगिक समानता को दर्शाता है।
प्रमुख निष्कर्ष
- आइसलैंड इस सूची में शीर्ष पर है, जिसके बाद फिनलैंड और नॉर्वे का स्थान है। वास्तव में, वर्ष 2006 से जारी प्रत्येक संस्करण में आइसलैंड, फिनलैंड, नॉर्वे और स्वीडन चारों देश शीर्ष 10 में रहे हैं।
- अंतिम तीन स्थानों पर पाकिस्तान (143वाँ), ईरान (144वाँ) और चाड (145वाँ) हैं।
- वर्तमान गति के आधार पर, विश्व को पूर्ण लैंगिक समानता प्राप्त करने में लगभग 120 वर्ष और लगने का अनुमान है।
भारत का प्रदर्शन
- भारत का समग्र लैंगिक समानता स्कोर 64.5% है। शैक्षिक उपलब्धि में भारत ने 96.6% का सर्वाधिक समानता स्कोर दर्ज किया है, हालाँकि विगत संस्करण की तुलना में इसमें 0.5 प्रतिशत अंक की मामूली गिरावट दर्ज हुई है।
- स्वास्थ्य एवं जीवन-रक्षा में समानता का स्तर 95.6% है, जबकि आर्थिक भागीदारी और अवसर में यह 41.2% तथा राजनीतिक सशक्तीकरण में 24.5% है।
स्रोत: TH
सोहर बंदरगाह
पाठ्यक्रम: GS1/समाचार में स्थान
संदर्भ
- ईरान-अमेरिका के बीच शत्रुतापूर्ण परिस्थितियों के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य पर दबाव बढ़ने के बीच, ओमान ने भारत के समक्ष ओमान के सोहर बंदरगाह में निवेश के अवसरों की पेशकश की है।
परिचय
- सोहर बंदरगाह फारस की खाड़ी से ऊर्जा संसाधनों तक निर्बाध पहुँच उपलब्ध करा सकता है।
- यह बंदरगाह ओमान के तट पर ओमान की खाड़ी में स्थित है। होर्मुज जलडमरूमध्य से काफी दूर स्थित होने के कारण जहाज इस बंदरगाह के माध्यम से खाड़ी क्षेत्र के प्रमुख केंद्रों तक पहुँच सकते हैं।
- इससे पहले ओमान ने भारत को दुक्म और सलालाह बंदरगाहों की पेशकश की थी। हालाँकि, सोहर बंदरगाह को यह लाभ प्राप्त है कि यह ओमान के उत्तर-पूर्व में स्थित है तथा संयुक्त अरब अमीरात और पूर्वी सऊदी अरब की महत्वपूर्ण ऊर्जा पाइपलाइनों के निकट है।

ओमान की खाड़ी के बारे में
- ओमान की खाड़ी अरब सागर की उत्तर-पश्चिमी शाखा है। यह दक्षिण-पश्चिम में अरब प्रायद्वीप के पूर्वी भाग अर्थात ओमान और उत्तर में ईरान के बीच स्थित है।
- ओमान के केप अल-हद्द और पाकिस्तान-ईरान सीमा पर स्थित ग्वादर खाड़ी के बीच इसकी चौड़ाई लगभग 200 मील (320 किलोमीटर) है।
- इसकी लंबाई लगभग 350 मील (560 किलोमीटर) है और यह उत्तर-पश्चिम दिशा में होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से फारस की खाड़ी से जुड़ी है।
- इस खाड़ी के किनारे स्थित छोटे बंदरगाहों में ओमान के सुहार, अल-खाबूरा, मस्कट और सूर तथा ईरान के जास्क और बंदर बेहेस्ती (पूर्व में चाबहार) शामिल हैं।
स्रोत: TH
जनगणना नगर
पाठ्यक्रम: GS2/शासन
संदर्भ
- आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने संसद की स्थायी समिति को बताया है कि जनगणना नगरों की पहचान के लिए वर्ष 1981 में निर्धारित मानदंड अब भारत में शहरीकरण के वास्तविक विस्तार और स्थानिक विविधता को पर्याप्त रूप से नहीं दर्शाते हैं।
जनगणना नगर क्या है?
- जनगणना नगर ऐसा बसा हुआ क्षेत्र है, जो वैधानिक रूप से ग्रामीण क्षेत्र की स्थिति बनाए रखता है, लेकिन जनसांख्यिकीय और व्यावसायिक परिस्थितियों को पूरा करता है, जो उसके शहरी स्वरूप को दर्शाती हैं।
- वर्ष 1981 से अपरिवर्तित मानदंडों के अनुसार, किसी बस्ती को निम्नलिखित तीनों शर्तें पूरी करनी होती हैं:
- इसकी न्यूनतम जनसंख्या 5,000 होनी चाहिए।
- मुख्य कार्यशील पुरुष जनसंख्या का कम से कम 75% गैर-कृषि गतिविधियों में संलग्न होना चाहिए।
- जनसंख्या घनत्व कम से कम 400 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर होना चाहिए।
भारत में शहरीकरण का विस्तार
- 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की जनसंख्या लगभग 121 करोड़ थी। इसमें लगभग 37.7 करोड़ (31.2%) लोग शहरी क्षेत्रों में और लगभग 83.3 करोड़ (68.8%) लोग ग्रामीण क्षेत्रों में रहते थे।
- हालाँकि, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) ने अनुमान लगाया है कि वर्ष 2015 में भारत का शहरीकरण स्तर 63% तक हो सकता था।
स्रोत: TH
यूनाइटेड किंगडम की संवैधानिक संरचना और स्वतंत्रता की परिचर्चा
पाठ्यक्रम: GS2/अंतरराष्ट्रीय संबंध
संदर्भ
- स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड के स्वतंत्रता समर्थक राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा हस्ताक्षरित कार्डिफ समझौते ने यूनाइटेड किंगडम के भविष्य को लेकर परिचर्चा को पुनः तीव्र कर दिया है।
परिचय
- ब्रिटिश द्वीप समूह उत्तर-पश्चिमी यूरोप में स्थित 6,000 से अधिक द्वीपों का समूह है। इसमें ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड के दो प्रमुख द्वीपों के अतिरिक्त कई छोटे द्वीप शामिल हैं।
- ग्रेट ब्रिटेन में तीन राष्ट्र—इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स—शामिल हैं, जबकि आयरलैंड में आयरलैंड गणराज्य एवं उत्तरी आयरलैंड शामिल हैं।
- यूनाइटेड किंगडम एक संप्रभु राज्य है, जिसमें इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड शामिल हैं।
यूनाइटेड किंगडम का गठन कैसे हुआ?
- वेल्स और इंग्लैंड: 1535 और 1542 के वेल्स संबंधी कानूनों के माध्यम से वेल्स को संवैधानिक रूप से इंग्लैंड के राज्य में शामिल किया गया।
- इंग्लैंड और स्कॉटलैंड: 1707 के संघ अधिनियमों के माध्यम से इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के राज्यों का एकीकरण हुआ तथा ग्रेट ब्रिटेन के राज्य का गठन हुआ।
- ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड: 1800 के संघ अधिनियमों के माध्यम से आयरलैंड के राज्य को यूनाइटेड किंगडम में शामिल किया गया, जिसे ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड का यूनाइटेड किंगडम कहा गया।
- वर्तमान यूनाइटेड किंगडम का गठन: 1921 की एंग्लो-आयरिश संधि के बाद आयरलैंड का अधिकांश भाग 1922 में आयरिश स्वतंत्र राज्य के रूप में स्वतंत्र हो गया, जबकि उत्तरी आयरलैंड यूनाइटेड किंगडम का हिस्सा बना रहा।
स्रोत: IE
EPFO की वेतन सीमा बढ़ाने को मंत्रिमंडल की स्वीकृति
पाठ्यक्रम: GS2/शासन
समाचार में
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अनिवार्य कवरेज के लिए EPFO की वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने को स्वीकृति दी है।
समाचार के बारे में अधिक जानकारी
- इस कदम से 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों को अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा कवरेज के दायरे में लाए जाने की संभावना है।
- वेतन सीमा को अंतिम बार 2014 में ₹6,500 से बढ़ाकर ₹15,000 किया गया था और तब से एक दशक से अधिक समय से इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
EPFO के बारे में
- कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की स्थापना 1952 में हुई थी। यह श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन कार्य करता है तथा पात्र कर्मचारियों को भविष्य निधि, पेंशन और बीमा संबंधी लाभ प्रदान करता है।
- यह तीन प्रमुख योजनाओं का संचालन करता है:
- कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 1952 (EPF)
- कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 (EPS)
- कर्मचारी जमा-संबद्ध बीमा योजना, 1976 (EDLI)
स्रोत: TH
परिवर्तनीय दर रिवर्स रेपो (VRRR) नीलामी
पाठ्यक्रम: GS3/अर्थव्यवस्था
समाचार में
- भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अतिरिक्त तरलता को अवशोषित करने के अपने प्रयासों के तहत रात्रिकालीन परिवर्तनीय दर रिवर्स रेपो (VRRR) नीलामियों के माध्यम से बैंकिंग प्रणाली से लगभग ₹2.9 लाख करोड़ की राशि अवशोषित की।
परिवर्तनीय दर रिवर्स रेपो (VRRR)
- VRRR एक मौद्रिक नीति उपकरण है, जिसका उपयोग RBI द्वारा बैंकिंग प्रणाली से अतिरिक्त तरलता को अवशोषित करने के लिए किया जाता है।
- बैंक ब्याज के बदले निर्धारित अवधि के लिए अपनी अतिरिक्त धनराशि केंद्रीय बैंक के पास जमा करते हैं।

क्या आप जानते हैं?
- अस्थायी तरलता से तात्पर्य किसी वित्तीय या बैंकिंग प्रणाली में नकदी प्रवाह में होने वाले अस्थायी उतार-चढ़ाव से है, जबकि परिवर्तनीय दर रेपो (VRR) नीलामी RBI द्वारा बैंकिंग प्रणाली में अल्पकालिक तरलता डालने के लिए उपयोग किया जाने वाला मौद्रिक उपकरण है
स्रोत: TH
नीति आयोग का भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सूचकांक (IEMI) 2025
पाठ्यक्रम: GS3/अर्थव्यवस्था/पर्यावरण
समाचार में
- नीति आयोग ने भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सूचकांक (IEMI) 2025 जारी किया।
भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सूचकांक (IEMI)
- यह इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पारिस्थितिकी तंत्र के विकास और भारतीय सड़कों पर इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को अपनाने की स्थिति का आकलन करता है।
- यह अपनी तरह का पहला सूचकांक है, जो भारतीय राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सड़क परिवहन के विद्युतीकरण की प्रगति का गतिशील तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
- सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों (UTs) के प्रदर्शन के आधार पर समग्र अंक 10 से 84 के बीच हैं, जबकि माध्यिका अंक 40 है।
नवीनतम आँकड़े
- शीर्ष प्रदर्शनकर्ता: दिल्ली ने 84 अंकों के साथ सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया, इसके बाद महाराष्ट्र (78), कर्नाटक (73), चंडीगढ़ (71) और गोवा (65) का स्थान रहा।
- मध्य प्रदेश ने उल्लेखनीय सुधार दर्ज करते हुए 23वें स्थान से 7वें स्थान पर पहुँच गई है।
- परिवहन विद्युतीकरण की सर्वाधिक भारांकित श्रेणी में दिल्ली, चंडीगढ़ और महाराष्ट्र शीर्ष तीन स्थानों पर रहे।
- EV चार्जिंग अवसंरचना की तैयारी की श्रेणी में कर्नाटक शीर्ष पर रहा, जबकि EV अनुसंधान और नवाचार की श्रेणी में दिल्ली ने सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया।
- प्रमुख समस्याएँ: प्रमुख समस्याओं में चार्जिंग अवसंरचना की कमी, बिखरी हुई जनसंख्या तथा नवाचार उद्योग का विस्तार शामिल हैं। हालांकि, EV को अपनाने की दर में तीव्रता से वृद्धि हुई है। यह 2018 में कुल पंजीकृत वाहनों के 0.5% से बढ़कर 2025-26 में 8.25% हो गई है तथा भारतीय सड़कों पर 87 लाख से अधिक EVs मौजूद हैं।
- जहाँ दोपहिया वाहन क्षेत्र पंजीकरण के मामले में उद्योग में अपना प्रभुत्व बनाए हुए है, वहीं इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहनों और बसों के क्षेत्र में भी विकास हो रहा है। यह सड़क परिवहन से होने वाले उत्सर्जन को कम करने में विद्युतीकरण के बढ़ते महत्व का संकेत है।
स्रोत: IE
वॉयेजर मिशन
पाठ्यक्रम: GS3/अंतरिक्ष
समाचार में
- NASA ऊर्जा बचाने और अपने अंतरतारकीय मिशनों की अवधि बढ़ाने के लिए वॉयेजर अंतरिक्ष यानों के उपकरणों को क्रमशः बंद कर रहा है।
वॉयेजर मिशन
- NASA ने बृहस्पति और शनि के अन्वेषण के लिए 1977 में वॉयेजर 2 और वॉयेजर 1 को प्रक्षेपित किया था।
- लगभग प्रत्येक 175 वर्ष में होने वाली असामान्य ग्रहीय संरेखण की स्थिति ने इन अंतरिक्ष यानों को अपनी यात्रा को यूरेनस और नेप्च्यून तक विस्तारित करने में सक्षम बनाया। इसके लिए गुरुत्वाकर्षण-सहायता तकनीक का उपयोग किया गया, जिससे यात्रा के समय और ईंधन की खपत को कम किया जा सका।
- इन अंतरिक्ष यानों ने चारों बाह्य विशाल ग्रहों, 48 चंद्रमाओं तथा उनकी वलय एवं चुंबकीय प्रणालियों का अध्ययन किया, जिससे ग्रहीय खगोल विज्ञान में महत्वपूर्ण परिवर्तन आया।
प्रमुख विशेषताएँ
- वॉयेजर 1 और वॉयेजर 2 अब तक के एकमात्र ऐसे अंतरिक्ष यान हैं, जो हीलियोस्फीयर के बाहर कार्य कर रहे हैं। हीलियोस्फीयर सूर्य द्वारा निर्मित कणों और चुंबकीय क्षेत्रों का एक सुरक्षात्मक क्षेत्र है।
- वॉयेजर 1 वर्ष 2012 में अंतरतारकीय सीमा तक पहुँचा, जबकि वॉयेजर 2, जो अपने जुड़वाँ अंतरिक्ष यान की तुलना में धीमी गति से और अलग दिशा में यात्रा कर रहा था, वर्ष 2018 में इस सीमा तक पहुँचा।
- इन अंतरिक्ष यानों को रेडियोआइसोटोप थर्मोइलेक्ट्रिक जनरेटर (RTGs) से ऊर्जा मिलती है। ये जनरेटर क्षयशील प्लूटोनियम से उत्पन्न ऊष्मा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं।
- हालांकि, इन जनरेटरों की ऊर्जा क्षमता में प्रत्येक वर्ष लगभग 4 वाट की कमी आती है। इसके कारण NASA के इंजीनियरों को ऊर्जा संरक्षण के लिए उपकरणों और अंतरिक्ष यान में वर्तमान प्रणालियों को धीरे-धीरे बंद करना पड़ रहा है।
स्रोत: TH
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2024
पाठ्यक्रम: विविध
संदर्भ
- हिंदी और कन्नड़ सिनेमा में अपने प्रभावशाली अभिनय के लिए प्रसिद्ध दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को वर्ष 2024 के दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
पुरस्कार के बारे में
- वर्ष 1969 में स्थापित यह भारतीय सिनेमा के क्षेत्र में दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है। इसे प्रतिवर्ष राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में फिल्म समारोह निदेशालय द्वारा प्रदान किया जाता है। फिल्म समारोह निदेशालय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन स्थापित एक संगठन है।
- यह पुरस्कार दादासाहेब फाल्के पुरस्कार चयन समिति की सिफारिश पर प्रदान किया जाता है।
- इस पुरस्कार का नाम दादासाहेब फाल्के (1870–1944) के नाम पर रखा गया है, जिन्हें “भारतीय सिनेमा का जनक” माना जाता है। उन्होंने भारत की प्रथम फीचर फिल्म राजा हरिश्चंद्र (1913) का निर्देशन किया था।
- इस पुरस्कार में स्वर्ण कमल, एक शॉल और ₹10 लाख की नकद राशि प्रदान की जाती है।
- इस पुरस्कार की पहली प्राप्तकर्ता अभिनेत्री देविका रानी थीं, जिन्हें वर्ष 1969 में यह सम्मान प्रदान किया गया था।
स्रोत: TH
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