डल झील
पाठ्यक्रम: GS1/समाचारों में चर्चित स्थान
संदर्भ
- जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने डल झील में मोटरबोट और जेट स्की के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है।
डल झील के बारे में
- अवस्थिति: डल झील कश्मीर घाटी में जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में स्थित है। डल झील का नाम एक प्रकार से पुनरुक्तिपूर्ण है, क्योंकि कश्मीरी भाषा में ‘डल’ का अर्थ झील होता है।
- यह एक प्रसिद्ध नगरीय झील है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हाउसबोट और शिकारा नामक पारंपरिक लकड़ी की नौकाओं के लिए जानी जाती है।
- झील लगभग 18 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई है, जबकि तैरते हुए बगीचों सहित इसका विस्तृत आर्द्रभूमि क्षेत्र लगभग 21.1 वर्ग किलोमीटर है।
- इसे आपस में जुड़ी हुई कई झील-इकाइयों में विभाजित किया गया है, जिनमें गगरीबल, लोकुट डल, बोड डल और निगीन शामिल हैं।
- शीत ऋतु के दौरान तापमान कभी-कभी −11°C (12°F) तक पहुँच जाता है, जिससे झील जम जाती है।
- प्रमुख आकर्षण: यह झील अपने तैरते हुए बगीचों, हाउसबोट, शिकारा की सवारी और तैरते हुए सब्जी बाजार के लिए प्रसिद्ध है।
- आर्थिक महत्त्व: यह पर्यटन, मत्स्य पालन, बागवानी और स्थानीय समुदायों की आजीविका को सहारा देती है।
- पारिस्थितिक महत्त्व: यह झील जलीय पौधों, मछलियों और अन्य जैव विविधता को आश्रय प्रदान करती है तथा स्थानीय जलवैज्ञानिक पर्यावरण को विनियमित करने में सहायता करती है।
- पर्यावरणीय चिंताएँ: डल झील को बिना उपचारित किए गए सीवेज और ठोस अपशिष्ट से होने वाले प्रदूषण, जलीय खरपतवारों की अत्यधिक वृद्धि, गाद जमने तथा अतिक्रमण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ये समस्याएँ इसके पारिस्थितिक स्वास्थ्य के लिए खतरा उत्पन्न करती हैं।
स्रोत: IE
भारत के प्रवासी नागरिक
पाठ्यक्रम: GS2/राजव्यवस्था एवं शासन
संदर्भ
- अभिनेता इमरान खान, जो अमेरिकी नागरिक और भारत के प्रवासी नागरिक (OCI) कार्डधारक हैं, को विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) द्वारा भारत छोड़ने के लिए कहा गया है। यह निर्देश मुंबई में एक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के कुछ दिनों बाद दिया गया।
OCI क्या है?
- OCI योजना वर्ष 2005 में भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों की कुछ श्रेणियों के लिए शुरू की गई थी।
- भारत दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं देता है और OCI कार्डधारक किसी अन्य देश का पासपोर्ट रखने वाले विदेशी नागरिक ही रहते हैं।
- OCI का दर्जा कुछ विशेषाधिकार प्रदान करता है, जिनमें आजीवन बहु-प्रवेश वीजा तथा लागू शर्तों के अधीन, भारत में ठहरने की अवधि की परवाह किए बिना, FRRO में पंजीकरण से छूट शामिल है।
- हालाँकि, OCI कार्डधारकों को भारतीय नागरिकों को प्राप्त सभी अधिकार उपलब्ध नहीं होते हैं। वे मतदान नहीं कर सकते और न ही चुनाव लड़ सकते हैं। अनुच्छेद 19 के अंतर्गत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा शांतिपूर्ण सभा करने की स्वतंत्रता सहित संवैधानिक संरक्षण विशेष रूप से भारतीय नागरिकों को प्राप्त हैं।
OCI कार्डधारकों पर अन्य कौन-से प्रतिबंध लागू होते हैं?
- गृह मंत्रालय द्वारा वर्ष 2021 में जारी एक अधिसूचना के अनुसार, OCI कार्डधारकों को कुछ निर्दिष्ट गतिविधियों के लिए विशेष अनुमति प्राप्त करना आवश्यक है। इनमें अनुसंधान, मिशनरी या तबलीगी कार्य, पर्वतारोहण, पत्रकारिता संबंधी गतिविधियाँ, विदेशी राजनयिक प्रतिष्ठानों में कुछ प्रकार की इंटर्नशिप या रोजगार तथा संरक्षित, प्रतिबंधित या निषिद्ध क्षेत्रों का दौरा करना शामिल है।
- महत्त्वपूर्ण बात यह है कि इस अधिसूचना में राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने को ऐसी गतिविधि के रूप में स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध नहीं किया गया है, जिसके लिए पूर्व अनुमति आवश्यक हो। हालाँकि, OCI कार्डधारक विदेशी नागरिक बने रहते हैं और उन पर भारत के आव्रजन कानून तथा सरकार के लागू निर्देश प्रभावी होते हैं।
क्या OCI कार्डधारक को भारत छोड़ने के लिए कहा जा सकता है?
- आव्रजन एवं विदेशी नागरिक अधिनियम, 2025 ने विदेशी नागरिक अधिनियम, 1946 का स्थान लिया है। यह भारत में विदेशी नागरिकों के प्रवेश, प्रवास और निष्कासन को विनियमित करता है।
- धारा 7 सरकार को भारत में विदेशियों के प्रवेश, प्रस्थान और निरंतर उपस्थिति को विनियमित या प्रतिबंधित करने का अधिकार देती है। यह निर्दिष्ट गतिविधियों और आचरण पर प्रतिबंध लगाने की भी अनुमति देती है।
- धारा 29 कुछ निर्दिष्ट परिस्थितियों में विदेशी नागरिक को निष्कासित करने का प्रावधान करती है। इनमें अधिनियम, इसके नियमों या आदेशों का उल्लंघन अथवा प्रतिकूल सुरक्षा रिपोर्ट शामिल हैं।
OCI पंजीकरण कब रद्द किया जा सकता है?
- OCI पंजीकरण रद्द करना किसी व्यक्ति को भारत छोड़ने का निर्देश देने से अलग है।
- यह नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 7D द्वारा विनियमित होता है। इसमें पंजीकरण धोखाधड़ी या गलत बयानी के माध्यम से प्राप्त करना, संविधान के विरुद्ध निर्दिष्ट आचरण, कुछ आपराधिक मामलों में दोषसिद्धि तथा भारत की संप्रभुता, सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय संबंधों या जनहित से जुड़े आधारों सहित पंजीकरण रद्द करने के कारण सूचीबद्ध हैं।
स्रोत: IE
मधुमेह
पाठ्यक्रम: GS2/स्वास्थ्य
संदर्भ
- ICMR-INDIAB अध्ययन का अनुमान है कि भारत में वर्तमान में 10.1 करोड़ लोग मधुमेह से पीड़ित हैं और 13.6 करोड़ लोगों को मधुमेह-पूर्व स्थिति (प्रीडायबिटीज) है।
भारत में मधुमेह का भार
- भारत को प्रायः विश्व की मधुमेह राजधानी कहा जाता है।
- हालिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत में प्रत्येक 9 वयस्कों में से लगभग 1 मधुमेह से पीड़ित है। यह संकेत देता है कि निकट भविष्य में ऐसे लोगों की संख्या 10 करोड़ से अधिक हो सकती है।
- राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) से पता चलता है कि 5 से 9 वर्ष की आयु के प्रत्येक चार बच्चों में से एक का वजन अधिक है।
- शहरी किशोरों के आहार का आधे से अधिक हिस्सा अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों से बना होता है और वयस्कों में होने वाली गैर-संचारी बीमारियों (NCDs) के 70% मामलों की जड़ें 15 वर्ष की आयु से पहले विकसित हुई आदतों में होती हैं।
- निदान से वंचित मामलों तथा अनावश्यक जटिलताओं में वृद्धि के कारण यह भार और अधिक गंभीर हो जाता है।
मधुमेह क्या है?
- मधुमेह एक दीर्घकालिक चयापचय संबंधी विकार है, जिसमें शरीर या तो पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता अथवा उत्पादित इंसुलिन का प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं कर पाता है।
- इसके परिणामस्वरूप रक्त में ग्लूकोज (शर्करा) का स्तर बढ़ जाता है।
- इंसुलिन: इंसुलिन अग्न्याशय द्वारा उत्पादित एक हार्मोन है।
- यह भोजन से प्राप्त ग्लूकोज को कोशिकाओं में प्रवेश करने में सहायता करता है, जहाँ इसका उपयोग ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए किया जाता है।
- जब इंसुलिन अनुपस्थित होता है या ठीक से कार्य नहीं करता, तो ग्लूकोज रक्तप्रवाह में बना रहता है, जिससे रक्त शर्करा का स्तर बढ़ जाता है।
मधुमेह के प्रकार
- टाइप 1 मधुमेह: यह एक स्व-प्रतिरक्षित रोग है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली इंसुलिन उत्पादित करने वाली कोशिकाओं को नष्ट कर देती है। इसके परिणामस्वरूप शरीर बहुत कम या बिल्कुल भी इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता है।
- यह सामान्यतः बचपन या किशोरावस्था में शुरू होता है।
- इसके उपचार के लिए जीवनभर इंसुलिन के इंजेक्शन लेने की आवश्यकता होती है।
- टाइप 2 मधुमेह: यह मधुमेह का सबसे सामान्य प्रकार है। इसमें शरीर इंसुलिन के प्रति प्रतिरोधी हो जाता है या पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता है।
- यह सामान्यतः मोटापे, निष्क्रिय जीवनशैली, अस्वास्थ्यकर आहार और पारिवारिक इतिहास से जुड़ा होता है।
- इसे आहार में सुधार, व्यायाम, मौखिक दवाओं और कभी-कभी इंसुलिन के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है।
- गर्भावधि मधुमेह : यह गर्भावस्था के दौरान होता है और सामान्यतः प्रसव के बाद समाप्त हो जाता है। हालाँकि, इससे जीवन के बाद के चरणों में टाइप 2 मधुमेह होने का जोखिम बढ़ जाता है।
क्या आप जानते हैं?
- मधुमेह, उसकी रोकथाम और प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रत्येक वर्ष 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस मनाया जाता है।
- इस दिवस का उद्देश्य मधुमेह से पीड़ित व्यक्तियों को सहायता प्रदान करना तथा इस बीमारी के समग्र भार को कम करने के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है।
Source: IE
भारत का कच्चे तेल का आयात
पाठ्यक्रम: GS3/अर्थव्यवस्था
समाचारों में
- अगस्त 2026 में रूस, संयुक्त राज्य अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने संयुक्त रूप से मात्रा के आधार पर भारत के कच्चे तेल के कुल आयात में 66.8% का योगदान दिया।
प्रमुख निष्कर्ष
- कुल आयात: भारत ने अगस्त 2026 में 191.2 लाख टन तेल का आयात किया, जो जुलाई की तुलना में 10.3% कम, लेकिन अगस्त 2025 की तुलना में 3.4% अधिक था।
- रूस: रूस ने 84.8 लाख टन तेल की आपूर्ति की, जो कुल आयात का 44.3% था। कुल आयात में रूस की हिस्सेदारी जुलाई के 51% से घटकर अगस्त में लगभग 44% रह गई।
- संयुक्त राज्य अमेरिका: अमेरिका से आपूर्ति बढ़कर 9.7 लाख टन हो गई, जो कुल आयात का लगभग 5.1% था। यह मात्रा जुलाई की तुलना में लगभग 82% अधिक थी।
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE): UAE ने 33 लाख टन तेल की आपूर्ति की, जो कुल आयात का 17.4% था।

महत्त्व
- ऊर्जा सुरक्षा: कुछ चुनिंदा आपूर्तिकर्ताओं पर अत्यधिक निर्भरता भारत को भू-राजनीतिक व्यवधानों और आपूर्ति प्रतिबंधों के प्रति संवेदनशील बना सकती है।
- आर्थिक प्रभाव: कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से आयात बिल बढ़ता है तथा चालू खाते, मुद्रास्फीति और रुपये पर दबाव पड़ सकता है।
- भू-राजनीतिक चुनौतियाँ: भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद अमेरिका के साथ तनाव का एक कारण रही है। इसमें रूसी ऊर्जा का आयात करने वाले देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने की संभावना भी शामिल है।
- आपूर्ति का विविधीकरण: UAE सहित वैकल्पिक आपूर्तिकर्ता और आपूर्ति मार्ग भारत को पश्चिम एशिया में उत्पन्न होने वाले व्यवधानों से निपटने में सहायता कर सकते हैं।
स्रोत: TH
भारत में दो नए रामसर स्थल शामिल
पाठ्यक्रम: GS3/पर्यावरण
संदर्भ
- भारत में रामसर स्थलों की कुल संख्या बढ़कर 103 हो गई है। चंडीगढ़ की सुखना झील और उत्तर प्रदेश की सौंज झील को नवीनतम स्थलों के रूप में शामिल किया गया है।
सुखना झील
- चंडीगढ़ शहर के किनारे और बाह्य हिमालय की तलहटी में स्थित सुखना आर्द्रभूमि एक उपनगरीय जलाशय है, जो आसपास के जलग्रहण क्षेत्र से आने वाले अवसादों (तलछट) और जल के प्रवाह को विनियमित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
- यह स्थल विशेष रूप से यहाँ रहने वाले जलपक्षियों तथा मध्य एशियाई प्रवास मार्ग से होकर प्रवास करने वाले पक्षियों के लिए महत्त्वपूर्ण है। यह उन्हें भोजन प्राप्त करने, प्रजनन करने, विश्राम करने और शीतकाल बिताने के लिए आवास उपलब्ध कराता है।
- यहाँ पाई जाने वाली उल्लेखनीय प्रजातियों में असुरक्षित श्रेणी का सामान्य पोचार्ड (ऐथ्या फेरिना) और संकटग्रस्त पैलस फिश ईगल (हैलियाएटस ल्यूकोरीफस) शामिल हैं।
सौंज झील
- उत्तर प्रदेश में स्थित सौंज झील एक उथली झील है, जो गंगा नदी के बाढ़ मैदान में कृषि भूमि से घिरी हुई है।
- यह स्थल विशेष रूप से जलपक्षियों के लिए महत्त्वपूर्ण है। यहाँ नियमित रूप से 30,000 से अधिक पक्षी पाए जाते हैं। बर्डलाइफ इंटरनेशनल ने इसे महत्त्वपूर्ण पक्षी एवं जैव विविधता क्षेत्र (IBA) के रूप में नामित किया है।
- इस स्थल पर दर्ज की गई उल्लेखनीय जलपक्षी प्रजातियों में असुरक्षित श्रेणी का सारस क्रेन (ग्रस एंटीगोन) और ग्रेटर स्पॉटेड ईगल (क्लैंगा क्लैंगा) शामिल हैं।
रामसर अभिसमय क्या है?
- रामसर स्थल वह आर्द्रभूमि है जिसे रामसर अभिसमय के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय महत्त्व की आर्द्रभूमि के रूप में नामित किया गया है।
- रामसर अभिसमय सबसे पुराने अंतर-सरकारी समझौतों में से एक है, जिस पर सदस्य देशों ने अंतरराष्ट्रीय महत्त्व की आर्द्रभूमियों के पारिस्थितिक स्वरूप को संरक्षित करने के उद्देश्य से हस्ताक्षर किए थे।
- इस पर 2 फरवरी, 1971 को ईरान के रामसर शहर में हस्ताक्षर किए गए और यह वर्ष 1975 में लागू हुआ।
- भारत वर्ष 1982 में रामसर अभिसमय का हस्ताक्षरकर्ता बना।
Source: PIB
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