- हाल ही में मानसून सत्र के उपरांत संसदीय कार्य मंत्री द्वारा लोकसभा की 19% और राज्यसभा की 39% कार्यक्षमता की जानकारी दी गई। इससे संसदीय कार्यवाही में व्यवधान के कारण विधायी कार्यों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंताएँ पुनः उभर आई हैं।
- संसदीय व्यवधान से आशय बार-बार होने वाले स्थगन, विरोध-प्रदर्शन, नारेबाजी अथवा ऐसी अन्य कार्रवाइयों से है, जिनके कारण सदनों की निर्धारित कार्यवाही संचालित नहीं हो पाती।
- निरंतर होने वाले व्यवधान संसद के विचार-विमर्श तथा जवाबदेही संबंधी कार्यों को कमजोर करते हैं। हालांकि, विपक्ष द्वारा तत्काल एवं महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन के ध्यान में लाने के लिए व्यवधान का प्रयोग लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक वैध संसदीय साधन हो सकता है। Read More
भारत में संसदीय कार्यकुशलता एवं कार्यवाही में व्यवधान
संदर्भ
भारत में संसदीय व्यवधान के बारे में