पंचायती राज मंत्रालय ने साक्ष्य-आधारित वित्तीय विकेंद्रीकरण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से "राज्य वित्त आयोगों हेतु आँकड़ा-संग्रहों पर समिति की रिपोर्ट" जारी की है।
राज्य वित्त आयोग
संवैधानिक स्थिति: राज्य वित्त आयोग संविधान के अनुच्छेद 243-I के अंतर्गत गठित संवैधानिक निकाय हैं, जिनकी स्थापना 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के लागू होने के पश्चात की गई।
प्रत्येक राज्य सरकार के लिए यह अनिवार्य है कि वह प्रत्येक पाँच वर्ष में एक राज्य वित्त आयोग का गठन करे, जो पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करे।
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक उर्वरक मूल्यों में तीव्र वृद्धि तथा आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों के कारण भारत पर उर्वरक सब्सिडी का भार वर्ष 2026-27 में बढ़कर लगभग ₹3.4 लाख करोड़ तक पहुँचने की संभावना है, जो बजट अनुमान ₹1.71 लाख करोड़ का लगभग दोगुना है।
उर्वरक क्या हैं?
उर्वरक ऐसे सघन पादप-पोषक तत्व होते हैं, जो अकार्बनिक रासायनिक पदार्थों से निर्मित किए जाते हैं।
जैविक खाद के विपरीत, उर्वरकों में पोषक तत्व अधिक मात्रा में होते हैं तथा इन्हें अपेक्षाकृत कम मात्रा में प्रयोग किया जाता है।
राष्ट्रीय अनुप्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद (NCAER) द्वारा जारी "भारत में डिजिटल समावेशन के विकसित होते परिदृश्य" शीर्षक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में डिजिटल विभाजन एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है।
प्रमुख निष्कर्ष
भारत की डिजिटल क्रांति और समावेशन की चुनौती: भारत की डिजिटल क्रांति लगभग प्रत्येक परिवार तक मोबाइल फोन पहुँचाने में सफल रही है, किंतु सार्थक डिजिटल समावेशन सुनिश्चित करने में अभी भी अपेक्षित सफलता प्राप्त नहीं हो सकी है।
लगभग सार्वभौमिक पहुँच : 95.1 प्रतिशत परिवारों के पास मोबाइल उपकरण उपलब्ध हैं।
व्यंग्यात्मक कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इस प्रश्न पर परिचर्चा शुरू कर दी है कि यदि वह स्वयं को एक राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत कराती है, तो क्या उसे चुनाव चिह्न के रूप में कॉकरोच (तिलचट्टा) आवंटित किया जा सकता है।
भारत में चुनाव चिह्न
चुनाव चिह्नों का विनियमन निर्वाचन चिह्न (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश, 1968 के अंतर्गत किया जाता है, जिसका प्रशासन भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा किया जाता है।