पाठ्यक्रम: GS2/ शासन | GS3/ ऊर्जा
सन्दर्भ
- सरकार ने मार्च में पश्चिम एशिया संकट के दौरान प्राकृतिक गैस की आपूर्ति पर लगाए गए आपातकालीन प्रतिबंधों को हटा लिया है।
पृष्ठभूमि
- 12 मार्च को केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री ने संसद में “तात्कालिक प्राथमिकता क्रम (Immediate Priority Sequence)” की जानकारी दी।
- घरों में पाइप द्वारा प्राकृतिक गैस (PNG) तथा वाहनों के लिए संपीड़ित प्राकृतिक गैस (CNG) की आपूर्ति में कोई कटौती नहीं की गई और उन्हें 100% आपूर्ति सुनिश्चित की गई।
- औद्योगिक एवं विनिर्माण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को पिछले छह महीनों की औसत खपत का अधिकतम 80% गैस उपलब्ध कराई गई।
- उर्वरक संयंत्रों को अधिकतम 70% गैस आपूर्ति दी गई, ताकि बुवाई के मौसम से पहले कृषि आदान श्रृंखला की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
- रिफाइनरी तथा पेट्रो-रसायन इकाइयों की गैस आपूर्ति में नियंत्रित कटौती की गई और बचाई गई गैस को अधिक प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की ओर मोड़ दिया गया।
- सरकार ने युद्धविराम और वार्ता तथा होर्मुज़ जलडमरूमध्य से समुद्री यातायात के पुनः प्रारंभ होने का हवाला देते हुए प्राकृतिक गैस की सामान्य आपूर्ति बहाल कर दी।
सर्वाधिक एलएनजी (LNG) का उपयोग कौन-सा क्षेत्र करता है?
- भारत में उर्वरक उद्योग सबसे अधिक द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) का उपभोग करता है।
- भारत में प्राकृतिक गैस की कुल खपत का लगभग 30% से कुछ कम उर्वरकों के निर्माण में उपयोग होता है।
- विद्युत संयंत्र लगभग 13% तथा नगर गैस वितरण (City Gas Distribution) क्षेत्र लगभग 21% प्राकृतिक गैस का उपयोग करते हैं।
- यूरिया, जिसमें लगभग 46% नाइट्रोजन होती है, सबसे अधिक प्रयुक्त नाइट्रोजनयुक्त उर्वरक है।
- इसका निर्माण प्राकृतिक गैस (मीथेन) को अमोनिया में परिवर्तित करके तथा बाद में उसे कार्बन डाइऑक्साइड के साथ संयोजित करके किया जाता है।
भारत की ऊर्जा मांग
- वर्ष 2050 तक वैश्विक ऊर्जा मांग में होने वाली अतिरिक्त वृद्धि का 23% से अधिक हिस्सा अकेले भारत से आने की संभावना है, जो किसी भी देश के लिए सबसे अधिक होगा।
- इस बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए भारत ने नीतिगत सुधारों, ऊर्जा अवसंरचना के विस्तार तथा स्वच्छ ऊर्जा आधारित मार्गों के माध्यम से अपनी ऊर्जा प्रणाली को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है।

- भारत की द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) की लगभग 60% घरेलू आवश्यकता आयात के माध्यम से पूरी होती है, और इन आयातों का लगभग 90% सामान्यतः होर्मुज़ जलडमरूमध्य से होकर आता है।
- इस प्रकार, यदि यह समुद्री मार्ग बंद रहता है, तो सामान्य LPG उपलब्धता का लगभग 54% प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो सकता है।
ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने हेतु भारत के प्रयास
तेल क्षेत्र (विनियमन एवं विकास) संशोधन अधिनियम, 2025:
- यह अधिनियम प्रक्रियाओं को सरल बनाकर, समेकित ऊर्जा विकास को सक्षम बनाकर तथा निवेशकों के विश्वास को मजबूत करके भारत के अपस्ट्रीम (अन्वेषण एवं उत्पादन) नियामकीय ढाँचे का आधुनिकीकरण करता है।
- इस सुधार का उद्देश्य घरेलू तेल एवं गैस उत्पादन बढ़ाना, ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करना तथा एक स्थिर और पारदर्शी नीतिगत वातावरण प्रदान करना है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियम, 2025:
- यह तेल एवं प्राकृतिक गैस के अन्वेषण और उत्पादन के लिए एक आधुनिक एवं पारदर्शी नियामकीय ढाँचा प्रदान करता है।
एकीकृत पाइपलाइन शुल्क (Unified Pipeline Tariff-UPT):
- वर्ष 2023 में “एक राष्ट्र, एक ग्रिड, एक शुल्क” के अंतर्गत इसे लागू किया गया।
- इसका उद्देश्य गैस परिवहन लागत में क्षेत्रीय असमानताओं को समाप्त करना है।
ईंधन एवं गैस अवसंरचना:
- देशभर में ईंधन खुदरा केंद्रों की संख्या 2014 में लगभग 52,000 से बढ़कर 2025 तक एक लाख से अधिक हो गई, जिससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम छोर तक ईंधन की उपलब्धता में सुधार हुआ।
- “एक राष्ट्र, एक गैस ग्रिड” की परिकल्पना के अंतर्गत प्राकृतिक गैस पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार 25,400 किलोमीटर से अधिक हो चुका है।
विद्युत गतिशीलता (ई-मोबिलिटी) अवसंरचना:
- FAME चरण-II के अंतर्गत खुदरा केंद्रों पर 8,932 विद्युत वाहन (EV) चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए।
- इसके अतिरिक्त, तेल विपणन कंपनियों (OMCs) द्वारा 18,500 से अधिक अतिरिक्त चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं।
एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम:
- वर्ष 2014 से अब तक इस कार्यक्रम के परिणामस्वरूप लगभग 1.59 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है।
- 813 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन में कमी आई है।
- 270 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का प्रतिस्थापन हुआ है।
- यह आयात निर्भरता कम करने तथा उत्सर्जन घटाने में जैव-ईंधनों की महत्त्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
सतत विमानन ईंधन (Sustainable Aviation Fuel-SAF):
- सरकार ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए विमानन टरबाइन ईंधन में SAF मिश्रण के निम्नलिखित सांकेतिक लक्ष्य निर्धारित किए हैं—
- 2027 से 1%
- 2028 से 2%
- 2030 से 5%
वैश्विक सहयोग:
- वैश्विक जैव-ईंधन गठबंधन (Global Biofuel Alliance-GBA) तथा जी-20 ऊर्जा संक्रमण कार्य समूह (G20 Energy Transitions Working Group) जैसे मंचों में भारत की सक्रिय भागीदारी ऊर्जा संक्रमण के प्रति उसके व्यावहारिक एवं समावेशी दृष्टिकोण को प्रदर्शित करती है।
इंडिया एनर्जी वीक (India Energy Week):
- यह सरकारों, उद्योगों, वित्तीय संस्थानों तथा प्रौद्योगिकी प्रदाताओं के बीच संवाद के लिए एक महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय मंच के रूप में कार्य करता है।
वैकल्पिक स्रोत:
- भारत अब संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस, नॉर्वे तथा कनाडा सहित विभिन्न वैकल्पिक स्रोतों से भी LPG की आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है।
निष्कर्ष
- हाल के वर्षों में भारत के ऊर्जा क्षेत्र में नीतिगत सुधारों, अवसंरचना विस्तार तथा लक्षित स्वच्छ ऊर्जा पहलों के कारण उल्लेखनीय परिवर्तन हुआ है।
- हाइड्रोकार्बन गवर्नेंस, गैस कनेक्टिविटी, ईंधन एवं गतिशीलता(Mobility) अवसंरचना, जैव-ईंधन तथा स्वच्छ खाना पकाने की सुविधाओं में हुई प्रगति ने ऊर्जा की उपलब्धता को मजबूत किया है, ऊर्जा प्रणाली की लचीलापन क्षमता बढ़ाई है तथा उत्सर्जन की तीव्रता को कम किया है।
- ये विकास इस बात को दर्शाते हैं कि भारत का ऊर्जा संक्रमण दृष्टिकोण बढ़ती ऊर्जा मांग का उत्तर देते हुए वृहद स्तर, प्रभावी क्रियान्वयन तथा समावेशिता पर आधारित है।
स्रोत: TH
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