- करों के हस्तांतरण तथा राज्यों की राजकोषीय स्वायत्तता को लेकर हालिया परिचर्चाओं ने संघ के संसाधनों और राज्यों के उत्तरदायित्वों के मध्य संतुलन को लेकर चिंताओं को पुनः बढ़ा दिया है।
- राजकोषीय संघवाद एक आर्थिक ढाँचा है, जिसके माध्यम से संघ, राज्य और स्थानीय सरकारों के बीच संबंधों को समझा जाता है। इसमें इन सरकारों के बीच व्यय एवं कराधान संबंधी शक्तियों के विभाजन पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
- यह विभिन्न स्तरों की सरकारों के बीच उत्तरदायित्वों के विभाजन से संबंधित है। Read More
भारत में राजकोषीय संघवाद
संदर्भ
राजकोषीय संघवाद के बारे में