2026 का शरीर क्रिया विज्ञान या चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार

पाठ्यक्रम: GS3/विज्ञान

संदर्भ

  • 2026 का शरीर क्रिया विज्ञान या चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार उन खोजों के लिए प्रदान किया गया, जिन्होंने ऑप्टोजेनेटिक्स को संभव बनाया। यह एक ऐसी तकनीक है, जिसमें प्रकाश का उपयोग करके चयनित तंत्रिका कोशिकाओं की गतिविधि को अत्यंत सटीकता से नियंत्रित किया जाता है।

शरीर क्रिया विज्ञान या चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार

  • यह अल्फ्रेड नोबेल द्वारा स्थापित पाँच मूल नोबेल पुरस्कारों में से एक है। इसे कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट की नोबेल असेंबली द्वारा चिकित्सा या मानव शरीर क्रिया विज्ञान के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण खोजों के लिए प्रदान किया जाता है।
  • वर्ष 2026 में इस पुरस्कार की राशि 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोनर (लगभग ₹11.5 करोड़) है, जिसे तीन पुरस्कार विजेताओं के बीच समान रूप से बाँटा गया है।
  • 2026 का पुरस्कार: वर्ष 2026 के पुरस्कार विजेता हैं:
    • कार्ल डीसेरोथ – स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय, अमेरिका
    • पीटर हेगेमैन – हम्बोल्ट विश्वविद्यालय, बर्लिन, जर्मनी
    • जॉर्ज नागेल – वुर्ज़बर्ग विश्वविद्यालय, जर्मनी
  • इनके कार्य ने ऑप्टोजेनेटिक्स के वैज्ञानिक आधार स्थापित किए। इसके माध्यम से शोधकर्ताओं के लिए केवल तंत्रिका गतिविधि का अवलोकन करने के बजाय विशिष्ट न्यूरॉन्स तथा तंत्रिका परिपथों की व्यवहार और भावनाओं में कारणात्मक भूमिका का परीक्षण करना संभव हुआ।

ऑप्टोजेनेटिक्स क्या है?

  • ऑप्टोजेनेटिक्स आनुवंशिक अभियांत्रिकी और प्रकाशिकी का संयोजन है, जिसके माध्यम से आनुवंशिक रूप से चयनित कोशिकाओं की गतिविधि को प्रकाश का उपयोग करके नियंत्रित किया जाता है।
  • प्रकाश-संवेदनशील ऑप्सिन नामक प्रोटीन को विशिष्ट न्यूरॉन्स में प्रविष्ट कराया जाता है।
  • प्रकाश के संपर्क में आने पर ये प्रोटीन कोशिका झिल्ली के आर-पार आयनों की गति को नियंत्रित करते हैं, जिससे तंत्रिका कोशिकाओं की गतिविधि को चालू या बंद किया जा सकता है।
  • यह औषधियों या विद्युत उत्तेजना जैसी पारंपरिक विधियों की तुलना में समय तथा विशिष्ट कोशिकाओं के स्तर पर कहीं अधिक सटीक नियंत्रण प्रदान करता है।

ऑप्टोजेनेटिक्स की नींव

  • ऑप्टोजेनेटिक्स की नींव 1990 के दशक में रखी गई, जब पीटर हेगेमैन ने सूक्ष्म शैवाल क्लैमाइडोमोनास का अध्ययन किया और देखा कि प्रकाश के संपर्क में आने पर तीव्रता से एक विद्युत संकेत उत्पन्न होता है।
  • इसके बाद हेगेमैन और जॉर्ज नागेल ने चैनलरोडोप्सिन नामक प्रकाश-सक्रिय आयन चैनलों की पहचान की।
  • चैनलरोडोप्सिन-2 (ChR2) विशेष रूप से महत्वपूर्ण था, क्योंकि यह लगभग 0.2 मिलीसेकंड में खुल सकता था। इससे धनावेशित आयनों को कोशिकाओं में प्रवेश करने और विद्युत संकेत उत्पन्न करने की अनुमति मिलती थी।
  • प्रयोगों से पता चला कि इसके जीन को स्तनधारी कोशिकाओं में स्थानांतरित करने पर वे प्रकाश के प्रति संवेदनशील हो जाती हैं।
  • कार्ल डीसेरोथ ने विशिष्ट न्यूरॉन्स के आनुवंशिक लक्ष्यीकरण के साथ इस खोज को संयोजित करने की क्षमता को पहचाना।

चिकित्सा और तंत्रिका विज्ञान में अनुप्रयोग

  • ऑप्टोजेनेटिक्स ने दर्द, ध्यान, नींद, स्मृति और सामाजिक व्यवहार से संबंधित अनुसंधान में महत्वपूर्ण परिवर्तन किया है।
  • इसने निम्नलिखित विकारों को समझने में योगदान दिया है:
    • सिज़ोफ्रेनिया और अवसाद
    • अल्ज़ाइमर तथा पार्किंसन रोग
    • मिर्गी एवं अन्य तंत्रिका संबंधी विकार
    • दृष्टि और श्रवण की पुनर्स्थापना
  • एक महत्वपूर्ण अनुवादात्मक चिकित्सा विकास में एक दृष्टिहीन व्यक्ति की रेटिना में चैनलरोडोप्सिन जैसी प्रोटीन को प्रविष्ट कराया गया।
  • प्रकाश की उत्तेजना से व्यक्ति में इतनी दृश्य क्षमता उत्पन्न हुई कि वह पास की वस्तुओं को पहचानकर उन्हें खोजने और उठाने में सक्षम हुआ।

नोबेल पुरस्कार

  • उत्पत्ति: नोबेल पुरस्कार की स्थापना स्वीडिश आविष्कारक, अभियंता और उद्योगपति अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के माध्यम से हुई। उनका निधन 1896 में हुआ था।
    • नोबेल पुरस्कार का उद्देश्य ऐसे असाधारण योगदानों को सम्मानित करना है, जिनसे मानवता को महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त हुआ हो।
  • प्रथम पुरस्कार (1901): अल्फ्रेड नोबेल की मृत्यु के पाँच वर्ष पश्चात, वर्ष 1901 में प्रथम बार नोबेल पुरस्कार प्रदान किए गए।
  • मूल श्रेणियाँ: अल्फ्रेड नोबेल ने भौतिकी, रसायन विज्ञान, शरीर क्रिया विज्ञान या चिकित्सा, साहित्य और शांति के क्षेत्र में पुरस्कार स्थापित किए थे।
  • आर्थिक विज्ञान: अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में अर्थशास्त्र का स्वेरिग्स रिक्सबैंक पुरस्कार वर्ष 1968 में स्थापित किया गया और प्रथम बार 1969 में प्रदान किया गया। यह मूल नोबेल पुरस्कारों में शामिल नहीं है।
  • पुरस्कार प्रदान करने वाली संस्थाएँ
    • भौतिकी एवं रसायन विज्ञान: रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज़
    • शरीर क्रिया विज्ञान या चिकित्सा: कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट की नोबेल असेंबली
    • साहित्य: स्वीडिश अकादमी
    • शांति: नॉर्वेजियन नोबेल समिति
    • आर्थिक विज्ञान: रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज़
  • नोबेल शांति पुरस्कार: नोबेल शांति पुरस्कार ओस्लो, नॉर्वे में प्रदान किया जाता है, जबकि अन्य नोबेल पुरस्कार स्टॉकहोम, स्वीडन में प्रदान किए जाते हैं।
  • पुरस्कार के घटक: प्रत्येक पुरस्कार विजेता को पदक, डिप्लोमा और मौद्रिक पुरस्कार प्रदान किया जाता है।
  • चयन प्रक्रिया: पुरस्कार विजेताओं का चयन ऐसी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है, जिसमें नामांकन, विशेषज्ञों द्वारा मूल्यांकन तथा संबंधित पुरस्कार प्रदान करने वाली संस्थाओं द्वारा विचार-विमर्श शामिल होता है।

स्रोत: TH

 

Other News of the Day

पाठ्यक्रम: GS2/राजव्यवस्था, GS3/ अर्थव्यवस्था संदर्भ करों के हस्तांतरण तथा राज्यों की राजकोषीय स्वायत्तता को लेकर हालिया परिचर्चाओं ने संघ के संसाधनों और राज्यों के उत्तरदायित्वों के मध्य संतुलन को लेकर चिंताओं को पुनः बढ़ा दिया है। राजकोषीय संघवाद के बारे में राजकोषीय संघवाद एक आर्थिक ढाँचा है, जिसके माध्यम से संघ, राज्य और स्थानीय सरकारों...
Read More

पाठ्यक्रम: GS2/अंतरराष्ट्रीय संबंध संदर्भ स्विट्ज़रलैंड के राष्ट्रपति भारत की 3 दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। प्रमुख बिंदु भारत और स्विट्ज़रलैंड ने पाँच समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं तथा द्विपक्षीय सहयोग को अधिक बेहतर करने पर सहमति व्यक्त की है। प्रवासन एवं गतिशीलता साझेदारी (MMP) पर समझौता ज्ञापन: इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य समान व्यवहार के...
Read More

पाठ्यक्रम: GS3/विज्ञान और प्रौद्योगिकी संदर्भ आंध्र प्रदेश ने प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) पहल के अंतर्गत 3D कंक्रीट प्रिंटिंग (3DCP) का उपयोग करके ग्रामीण आवासों के निर्माण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक पायलट परियोजना शुरू की है। 3D मुद्रण के बारे में 3D मुद्रण एक विनिर्माण प्रक्रिया है, जिसमें कंप्यूटर द्वारा निर्मित डिज़ाइन का उपयोग...
Read More

पाठ्यक्रम: GS3/ऊर्जा संदर्भ इस वर्ष घरेलू कोयला-आधारित विद्युत संयंत्रों में कोयले के भंडार में कमी विगत तीन वर्षों में सर्वाधिक रही है। प्रमुख तथ्य घरेलू कोयला-आधारित विद्युत संयंत्रों में ईंधन भंडार में इस वर्ष लगभग 66% की कमी आई है। इसी अवधि के दौरान वर्ष 2024 में यह कमी 31.8% तथा वर्ष 2023 में 36.8%...
Read More

शास्त्रीय भाषाओं के अध्ययन हेतु पाँच नए उत्कृष्टता केंद्र पाठ्यक्रम: GS1/ संस्कृति; GS2/ शिक्षा संदर्भ शिक्षा मंत्रालय ने शास्त्रीय भाषाओं के अध्ययन हेतु पाँच उत्कृष्टता केंद्र (CoE) स्थापित करने को स्वीकृति प्रदान की है। समाचार के बारे में अधिक जानकारी स्वीकृत उत्कृष्टता केंद्र शास्त्रीय असमिया, शास्त्रीय बंगाली, शास्त्रीय मराठी, शास्त्रीय पाली और शास्त्रीय प्राकृत के...
Read More
scroll to top