अंतरराष्ट्रीय जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र दिवस 

पाठ्यक्रम: GS3/पर्यावरण

चर्चा में 

  • अंतरराष्ट्रीय जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र दिवस प्रत्येक वर्ष 3 नवंबर को मनाया जाता है।

जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र क्या हैं?

  • ये ऐसे क्षेत्र हैं, जिन्हें राष्ट्रीय सरकारों द्वारा जैव विविधता के संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चिह्नित किया जाता है।
  • ये प्राकृतिक आवासों की रक्षा करते हैं, पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखते हैं तथा जैविक संसाधनों के सतत उपयोग को प्रोत्साहित करते हैं।
  • ये पृथ्वी के स्थलीय सतह के लगभग 5% हिस्से में फैले हुए हैं, फिर भी विश्व की स्थलीय कशेरुकी प्रजातियों की विविधता का 60% से अधिक हिस्सा इन क्षेत्रों में संरक्षित है।
  • प्रथम जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र वर्ष 1976 में नामित किए गए थे। अंटार्कटिका को छोड़कर प्रत्येक महाद्वीप पर जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र पाए जाते हैं।
    • माटा अटलांटिका जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र विश्व का सबसे बड़ा जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र है। यह ब्राज़ील में स्थित है।
  • विश्व जैवमंडल आरक्षित क्षेत्रों के नेटवर्क का मानचित्र 2025-26 के अनुसार, वर्ष 2050 तक लगभग 40% जैवमंडल आरक्षित क्षेत्रों को अधिक चरम जलवायु घटनाओं का सामना करना पड़ सकता है तथा 50% से अधिक जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र किसी अन्य अंतरराष्ट्रीय संरक्षण पदनाम वाले क्षेत्र के साथ अतिव्यापन करते हैं।

जैवमंडल आरक्षित क्षेत्रों के क्षेत्र

  • मुख्य क्षेत्र : मुख्य क्षेत्र पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता के लिए सर्वोच्च स्तर का संरक्षण प्रदान करता है।
    • यह आवासों, प्रजातियों और आनुवंशिक विविधता का संरक्षण करते हुए आवश्यक पारिस्थितिक प्रक्रियाओं को बनाए रखता है।
    • यहाँ मानवीय गतिविधियाँ अत्यंत सीमित होती हैं। दीर्घकालिक संरक्षण के लिए अनुकूल अनुसंधान और निगरानी गतिविधियों की अनुमति दी जाती है।
  •  बफर क्षेत्र: बफर क्षेत्र मुख्य क्षेत्र को चारों ओर से घेरता है अथवा उससे सटा हुआ होता है।
    • इसमें संरक्षण के अनुकूल गतिविधियाँ संचालित की जाती हैं, जिनमें पर्यावरणीय शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान और विनियमित पारिस्थितिक पर्यटन शामिल हैं।
    • ये गतिविधियाँ पारिस्थितिक समझ को बेहतर बनाने के साथ-साथ कड़ाई से संरक्षित क्षेत्रों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में सहायता करती हैं।
  • संक्रमण क्षेत्र : संक्रमण क्षेत्र में बस्तियों, आजीविका और सतत आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाता है।
    • यहाँ समुदाय उत्तरदायी कृषि, सतत वानिकी, पारिस्थितिक पर्यटन तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल अन्य गतिविधियाँ संचालित कर सकते हैं।
    • यह क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग को प्रोत्साहित करते हुए स्थानीय लोगों की आजीविका को बढ़ावा देता है।

जैवमंडल आरक्षित क्षेत्रों के कार्य

  • संरक्षण : जैव विविधता, आनुवंशिक संसाधनों, पारिस्थितिकी तंत्रों और प्राकृतिक परिदृश्यों का संरक्षण करना। इसमें उनसे जुड़ी सांस्कृतिक विविधता भी शामिल है।
  •  सतत आर्थिक विकास : ऐसी आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना, जो पारिस्थितिक सीमाओं तथा स्थानीय सांस्कृतिक मूल्यों का सम्मान करती हों।
  • वैज्ञानिक सहयोग : संरक्षण संबंधी गतिविधियों को बेहतर बनाने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान, पर्यावरणीय निगरानी, शिक्षा, प्रशिक्षण और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना।
  • वैश्विक लक्ष्यों की प्राप्ति : ये वैश्विक विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में योगदान देते हैं। इनमें कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता रूपरेखा के अंतर्गत वर्ष 2030 तक पृथ्वी के महत्त्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्रों के बड़े हिस्से का संरक्षण और पुनर्स्थापन करने जैसे लक्ष्य शामिल हैं।

जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र अन्य संरक्षित क्षेत्रों से किस प्रकार भिन्न हैं? 

  • राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों जैसे संरक्षित क्षेत्रों का प्राथमिक उद्देश्य भारत के वन्यजीव संरक्षण कानूनों के अंतर्गत वन्यजीवों और उनके आवासों की रक्षा करना है।
  • इसके विपरीत, जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र अधिक व्यापक दृष्टिकोण अपनाते हैं। ये संरक्षित पारिस्थितिकी तंत्रों को आसपास के समुदायों से जोड़ते हैं। इस प्रकार, जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र एक ऐसे मॉडल के रूप में कार्य करते हैं, जो दर्शाता है कि जैव विविधता और मानव कल्याण किस प्रकार एक साथ सह-अस्तित्व में रह सकते हैं।

विभिन्न पहलें 

  • यूनेस्को का मानव एवं जैवमंडल कार्यक्रम : इसे वर्ष 1971 में प्रारंभ किया गया था।
    • यह मानव और उसके पर्यावरण के बीच संबंधों को बेहतर बनाने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोणों को बढ़ावा देता है।
    • इसके अंतर्गत 145 देशों में 797 जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र शामिल हैं।

भारत की स्थिति

  • भारत का जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र नेटवर्क देश के विविध पारिस्थितिकी तंत्रों और समृद्ध पारिस्थितिक विरासत का प्रतिनिधित्व करता है।
  • देश में 18 अधिसूचित जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र हैं, जिनमें से 13 यूनेस्को के विश्व जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र नेटवर्क (WNBR) में शामिल हैं।

नोट: (*) का चिह्न उन जैवमंडल आरक्षित क्षेत्रों को दर्शाता है, जिन्हें यूनेस्को के विश्व जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र नेटवर्क (WNBR) में शामिल किया गया है।

स्रोत : PIB

 

Other News of the Day

पाठ्यक्रम: GS1/संस्कृति संदर्भ भारत में प्राप्त बौद्ध अवशेषों को परियोजना 108 के अंतर्गत निर्मित किए जा रहे 108 जांगचुब चोर्टेन (ज्ञानोदय के स्तूपों) में प्रतिष्ठित किया जाएगा। ज़ुंग और जांगचुब चोर्टेन के बारे में ये अवशेष ‘ज़ुंग’ का हिस्सा हैं, जो बुद्ध के प्रबुद्ध शरीर, वाणी और मन का सजीव स्वरूप माना जाता है। ज़ुंग...
Read More

पाठ्यक्रम: GS2/ शासन संदर्भ ग्रामीण विकास मंत्रालय ने VB-G RAM G अधिनियम, 2025 के क्रियान्वयन से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए VB-G RAM G (शिकायत निवारण) नियम, 2026 अधिसूचित किए हैं। शिकायत निवारण नियम, 2026 के प्रावधान कोई भी व्यक्ति योजना के क्रियान्वयन से उत्पन्न या उससे संबंधित किसी भी विषय के संबंध में...
Read More

पाठ्यक्रम: GS3/ अर्थव्यवस्था समाचारों में  भारत में प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गमों (IPOs) के माध्यम से धन एकत्रित करने वाली कंपनियों की संख्या में वृद्धि के बीच आईपीओ का अनौपचारिक ग्रे मार्केट तीव्रता से लोकप्रिय हो रहा है। लघु निवेशक कल्याण संघ (SIREN) ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) से कथित अवैध कारोबार, बाजार में हेरफेर...
Read More

सरकार का पूँजीगत व्यय में वृद्धि पर बल पाठ्यक्रम: GS3/अर्थव्यवस्था संदर्भ केंद्रीय वित्त मंत्री ने सतत सार्वजनिक पूँजीगत व्यय के माध्यम से आर्थिक विकास को समर्थन देने तथा साथ ही राजकोषीय विवेक बनाए रखने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। पूँजीगत व्यय के बारे में पूँजीगत व्यय (Capex) से तात्पर्य सरकार द्वारा दीर्घकालिक भौतिक...
Read More
scroll to top