- हाल ही में राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में आए धूल-आंधियों ने उत्तरी भारत को धूल-आंधियों से सुरक्षित रखने में अरावली पर्वतमाला की महत्वपूर्ण पारिस्थितिक भूमिका को उजागर किया।
- धूल-आंधियाँ उत्तर-पश्चिमी भारत में प्रायः मानसून-पूर्व अवधि, अर्थात् अप्रैल से जून के महीनों के दौरान आती हैं।
- भूमि सतह के तीव्र ताप से शुष्क एवं अस्थिर वायुमंडलीय परिस्थितियाँ उत्पन्न होती हैं, जो धूल-आंधियों के निर्माण के लिए अनुकूल होती हैं। Read More
मरुस्थलीकरण के विरुद्ध प्राकृतिक संरक्षण कवच के रूप में अरावली पर्वतमाला
संदर्भ
उत्तर-पश्चिमी भारत में धूल-आंधियाँ