LPG की कमी से बायोगैस का पुनरुत्थान
पाठ्यक्रम: GS3/ऊर्जा
संदर्भ
- हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में शिपिंग बाधित रहने के कारण भारत के कुछ हिस्से तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) की आपूर्ति में कमी के बीच वैकल्पिक ईंधनों की ओर प्रवृत्त हो रहे हैं।
परिचय
- केरल, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्य घरेलू एवं वाणिज्यिक रसोईघरों में ईंधन संकट के चलते बायोगैस तथा अन्य स्थानीय ऊर्जा विकल्पों को अपना रहे हैं।
- बायोगैस एक स्वच्छ ईंधन है जो पशु, कृषि, घरेलू और औद्योगिक अपशिष्टों के अवायवीय अपघटन से उत्पन्न होता है।
- इसका उपयोग जैविक अपशिष्ट, पशु गोबर या सीवेज से विद्युत उत्पादन हेतु किया जा सकता है।
- बायोगैस में मुख्यतः मीथेन, कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य गैसों (हाइड्रोजन, कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, हाइड्रोजन सल्फाइड) के अंश होते हैं।
- इसमें मीथेन की मात्रा लगभग 60% होती है।
- महत्व: यह सौर/पवन ऊर्जा के विपरीत एक नवीकरणीय और नियंत्रित ऊर्जा स्रोत है।
- अपशिष्ट प्रबंधन में सहायक और किसानों को अतिरिक्त आय प्रदान करता है।
- कोयले पर निर्भरता कम करता है और शुद्ध ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन घटाता है।
भारत की LPG आयात स्थिति
- भारत प्रतिवर्ष लगभग 31 मिलियन टन LPG का उपभोग करता है, जबकि घरेलू उत्पादन केवल 13 मिलियन टन है।
- आयात FY12 में लगभग 6 मिलियन टन से FY25 में लगभग 21 मिलियन टन तक बढ़ गया है, जो उपभोग वृद्धि का 93% पूरा करता है।
- इसी अवधि में LPG उपभोक्ताओं की संख्या 2015 में 14.86 करोड़ से बढ़कर 2025 में 33.05 करोड़ हो गई, जिसका मुख्य कारण प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना है।
- भारत लगभग 65% LPG का आयात करता है, जो मुख्यतः पश्चिम एशिया से आता है, जिससे यह भू-राजनीतिक व्यवधानों के प्रति संवेदनशील है।
स्रोत: DTE
आव्रजन, वीज़ा, विदेशी पंजीकरण एवं ट्रैकिंग (IVFRT) योजना
पाठ्यक्रम: GS2/शासन
संदर्भ
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने IVFRT योजना को 31 मार्च से आगे पाँच वर्षों के लिए, 2031 तक जारी रखने की स्वीकृति दी है।
परिचय
- IVFRT प्लेटफ़ॉर्म का उद्देश्य भारत में आव्रजन, वीज़ा जारी करने और विदेशियों के पंजीकरण से संबंधित कार्यों को परस्पर जोड़ना तथा अनुकूलित करना है।
- इसे प्रथम बार 2010 में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा 2014 तक की अवधि के लिए स्वीकृत किया गया था।
- योजना उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाकर आव्रजन और वीज़ा पारिस्थितिकी तंत्र का आधुनिकीकरण करेगी ताकि यात्री आवागमन निर्बाध और सुरक्षित हो।
- IVFRT प्रणाली ने 100% संपर्करहित और चेहरारहित वीज़ा प्रक्रिया सक्षम की है, जिससे वीज़ा प्रसंस्करण समय तीव्र हुआ है। विगत पाँच वर्षों में 91.24% ई-वीज़ा आवेदन 72 घंटों के अंदर स्वीकृत हुए।
- आव्रजन चौकियों पर यात्री निकासी का औसत समय पारंपरिक 5-6 मिनट से घटकर 2.5-3 मिनट हो गया है।
स्रोत: TH
PRISM-SG पोर्टल
पाठ्यक्रम: GS3/अर्थव्यवस्था
समाचार में
हाल ही में PRISM-SG पोर्टल राजमार्ग और रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं में समन्वय सुधारने हेतु लॉन्च किया गया।
PRISM-SG क्या है?
- PRISM-SG का अर्थ है रेल-सड़क निरीक्षण एवं चरण प्रबंधन पोर्टल – स्टील गर्डर।
- यह एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है जो पुल निर्माण के अनुमोदन और निरीक्षण प्रक्रियाओं को सरल बनाता है।
- विशेष रूप से निम्न निर्माण को कवर करता है:
- सड़क उपरि पुल (ROBs)
- रेलवे पुल
- यह पोर्टल सड़क विभागों, भारतीय रेल, ठेकेदारों आदि जैसे सभी प्रमुख हितधारकों को एक ही मंच पर लाता है।
स्रोत: TH
पुनर्नवीनीकृत उड़ान योजना (UDAN) : क्षेत्रीय वायु संपर्क को सुदृढ़ करना
पाठ्यक्रम: GS3/अवसंरचना
संदर्भ
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उड़ान योजना (UDAN) के संशोधित संस्करण को ₹28,840 करोड़ की कुल लागत के साथ स्वीकृति दी है।
- यह योजना वित्त वर्ष 2026–27 से 2035–36 तक 10 वर्षों की अवधि में लागू की जाएगी।
उड़ान योजना के बारे में
- उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) एक क्षेत्रीय संपर्क योजना है जिसे 2016 में शुरू किया गया था ताकि हवाई यात्रा सुलभ और व्यापक हो सके।
- इसका उद्देश्य भारत के अप्रयुक्त और अल्प-सेवित हवाई अड्डों को सब्सिडी वाले किराए तथा वित्तीय प्रोत्साहनों के माध्यम से जोड़ना है।
- यह एक बाज़ार-आधारित तंत्र पर कार्य करती है, जहाँ एयरलाइंस व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण(VGF) के समर्थन से मार्गों के लिए बोली लगाती हैं।
- फरवरी 2026 तक, कुल 663 मार्ग 95 हवाई अड्डों, हेलीपोर्ट्स और जल एयरोड्रोम्स पर परिचालित किए गए हैं, जिनमें 3.41 लाख उड़ानों ने 162.47 लाख से अधिक यात्रियों को सेवा प्रदान की है।
संशोधित उड़ान योजना की प्रमुख विशेषताएँ
- सरकार आगामी आठ वर्षों में ₹12,159 करोड़ की पूँजीगत लागत से अप्रयुक्त हवाई पट्टियों से 100 नए हवाई अड्डों का विकास करेगी।
- स्थिरता संबंधी चिंताओं को दूर करने हेतु क्षेत्रीय हवाई अड्डों के संचालन और रखरखाव के लिए तीन वर्षों तक समर्थन दिया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत ₹2,577 करोड़ होगी तथा यह लगभग 441 सुविधाओं को कवर करेगा।
- इसके अतिरिक्त, दूरस्थ, पहाड़ी, द्वीपीय और आकांक्षी क्षेत्रों में अंतिम-मील संपर्क सुधारने हेतु ₹3,661 करोड़ की लागत से 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित किए जाएँगे।
स्रोत: DD News
प्रतिपदार्थ (Antimatter)
पाठ्यक्रम: GS3/विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
संदर्भ
- CERN के वैज्ञानिकों ने प्रथम बार प्रतिप्रोटॉनों का सड़क मार्ग से परिवहन सफलतापूर्वक किया है, जो प्रतिपदार्थ अनुसंधान और प्रायोगिक भौतिकी में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
प्रतिपदार्थ (Antimatter) क्या है?
- प्रतिपदार्थ उस पदार्थ को कहते हैं जो प्रतिकणों (जैसे पॉज़िट्रॉन और प्रतिप्रोटॉन) से बना होता है। इनका द्रव्यमान सामान्य पदार्थ के समान होता है, लेकिन विद्युत आवेश और चुंबकीय आघूर्ण विपरीत होता है।
- संरचना: प्रतिपरमाणु (Anti-atoms) प्रतिप्रोटॉन और प्रतिन्यूट्रॉन से बने नाभिक में परिक्रमा करते पॉज़िट्रॉनों (प्रतिईलेक्ट्रॉनों) से निर्मित होते हैं।
- परस्पर क्रिया: पदार्थ और प्रतिपदार्थ भौतिक रूप से समान होते हुए भी सह-अस्तित्व नहीं रख सकते। इनके संपर्क से तीव्र विनाश (Annihilation) होता है, जिससे गामा किरणें उत्पन्न होती हैं।

CERN के बारे में
- CERN (परमाणु अनुसंधान के लिए यूरोपीय परिषद) विश्व का सबसे बड़ा कण भौतिकी प्रयोगशाला है, जो जिनेवा के निकट फ्रांको-स्विस सीमा पर स्थित है।
- इसकी स्थापना 1954 में हुई थी और यह लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर(LHC) सहित जटिल त्वरकों का उपयोग कर पदार्थ के मौलिक घटकों का अध्ययन करता है।
- प्रमुख खोजें: हिग्स बोसॉन (2012), W और Z बोसॉन (1983), तथा प्रथम प्रतिहाइड्रोजन परमाणु (1995)।
स्रोत: TH
सरस्वती सम्मान 2025
पाठ्यक्रम: विविध
संदर्भ
- लेखक रामकुमार मुखोपाध्याय की बंगाली उपन्यास हरा पार्वती कथा को सरस्वती सम्मान, 2025 के लिए चुना गया है।
परिचय
- सरस्वती सम्मान की स्थापना 1991 में के.के. बिड़ला फाउंडेशन द्वारा की गई थी।
- यह एक वार्षिक पुरस्कार है जो किसी भी भारतीय भाषा में भारतीय नागरिक द्वारा लिखित और विगत 10 वर्षों में प्रकाशित उत्कृष्ट साहित्यिक कृति को प्रदान किया जाता है।
- पुरस्कार विजेता को ₹15 लाख की राशि, प्रशस्ति-पत्र और पट्टिका प्रदान की जाएगी।
स्रोत: AIR