Editorial Analysis in Hindi
आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 का यथार्थवादी मूल्यांकन
आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर का अनुमान लगाया गया है, जो भारत की आर्थिक प्रगति का व्यापक और यथार्थवादी आकलन प्रस्तुत करता है।
श्रीलंका की नृजातीय समस्या का समाधान
भारत द्वारा जाफना सांस्कृतिक केंद्र का नाम बदलकर 'जाफना तिरुवल्लुवर सांस्कृतिक केंद्र' रखने से श्रीलंका के साथ भारत के संबंध मजबूत हुए हैं, तथा इसमें 'जाफना' शब्द को आरंभ में हटा दिए जाने पर तमिलों की चिंता का समाधान किया गया है।
पोषण की दृष्टि से सुरक्षित भारत के लिए दूध की कमी को दूर करना
लंबे समय से भारत वर्गीज कुरियन द्वारा प्रारंभ की गई श्वेत क्रांति की आपूर्ति पक्ष की अविश्वसनीय सफलता का उत्सव मनाता रहा है। हालाँकि, अब मांग पक्ष पर ध्यान केंद्रित करना और यह सुनिश्चित करना महत्त्वपूर्ण है कि दूध सबसे कमजोर जनसंख्या तक पहुँचे।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र को SOPs की आवश्यकता
सेमीकंडक्टर उद्योग आधुनिक प्रौद्योगिकी का एक महत्त्वपूर्ण स्तंभ है, जो स्मार्टफोन, कंप्यूटिंग और AI-संचालित प्रणालियों में प्रगति को आगे बढ़ाता है। जैसे-जैसे माँग बढ़ती है, गुणवत्ता, दक्षता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए मानकीकृत संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) का कार्यान्वयन आवश्यक हो जाता है।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति स्थायी प्रतिबद्धता
हिंद-प्रशांत क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति और रणनीतिक पहलों का केंद्र बिंदु बनकर उभरा है, जो वैश्विक मामलों में इसके महत्त्व को रेखांकित करता है। विश्व भर के राष्ट्र इस क्षेत्र के महत्त्व को तेजी से पहचान रहे हैं और इसकी स्थिरता, समृद्धि एवं खुलेपन के लिए प्रतिबद्ध हैं।
भारत-इंडोनेशिया: प्राचीन संबंधों का नये चरण तक पहुँचना
इंडोनेशियाई राष्ट्रपति की हाल की भारत की राजकीय यात्रा और भारत के 76वें गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में उनकी भूमिका, भारत-इंडोनेशिया राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ का प्रतीक है, जिसमें द्विपक्षीय सहयोग का पूर्ण दायरा शामिल है।
‘EndTB’ के लिए भारत की कठिन राह
महत्वाकांक्षी EndTB अभियान के तहत 2025 तक तपेदिक (TB) को समाप्त करने की दिशा में भारत की यात्रा चुनौतियों और जटिलताओं से भरी हुई है।
भारत का भूजल संकट
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने हाल ही में केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) द्वारा तैयार वार्षिक भूजल गुणवत्ता रिपोर्ट 2024 जारी की। यह व्यापक रिपोर्ट भारत के भूजल संसाधनों की स्थिति, उनकी गुणवत्ता, उपयोग की प्रवृति और चुनौतियों पर प्रकाश डालती है, साथ ही सतत प्रबंधन प्रथाओं की तत्काल आवश्यकता पर बल देती है।
चीन की रणनीतिक चालें और भारत की महत्त्वपूर्ण खनिजों पर निर्भरता का नया स्वरूप
महत्त्वपूर्ण खनिजों के निर्यात को नियंत्रित करने में चीन द्वारा हाल ही में की गई रणनीतिक चालों ने वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में हलचल उत्पन्न कर दी है, जिससे भारत जैसे देशों को इन महत्त्वपूर्ण संसाधनों को सुरक्षित करने के अपने दृष्टिकोण पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित होना पड़ा है।