भारत में डिजिटल सतर्कतावाद और सोशल मीडिया न्याय
Published on: 30 April, 2026
हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय ने यह टिप्पणी की कि सोशल मीडिया पोस्ट केवल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तक सीमित नहीं रहते, बल्कि ‘सार्वजनिक शर्मिंदगी के उत्प्रेरक’ के रूप में कार्य कर सकते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म न्याय वितरण के समानांतर एक नए क्षेत्र के रूप में उभर रहे हैं। इसने भारत में डिजिटल सतर्कतावाद (Digital Vigilantism) पर बहस को पुनर्जीवित किया है।