आईसीआई (ICI) सूचकांक का अपडेशन

पाठ्यक्रम: जीएस-3/अर्थव्यवस्था

सन्दर्भ

  • केंद्र सरकार ने मुख्य उद्योग सूचकांक (Index of Core Industries – ICI) की अद्यतन(Updated) श्रृंखला जारी की है।

मासिक मुख्य उद्योग सूचकांक (ICI)

  • यह उत्पादन मात्रा सूचकांक (Production Volume Index) है, जिसका उद्देश्य केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) जारी किए जाने से पहले मुख्य (Core) उद्योगों के उत्पादन प्रदर्शन का अग्रिम संकेत प्रदान करना है।

ICI आठ चयनित मुख्य उद्योगों के उत्पादन के सामूहिक तथा व्यक्तिगत प्रदर्शन को मापता है। ये उद्योग हैं—

  • कोयला,कच्चा तेल,प्राकृतिक गैस,पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पाद,उर्वरक,इस्पात,सीमेंट,विद्युत।
  • इस सूचकांक का संकलन एवं प्रकाशन आर्थिक सलाहकार कार्यालय (Office of the Economic Adviser – OEA) द्वारा किया जाता है, जो औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (DIPP), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।
  • आठ मुख्य उद्योगों का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में संयुक्त भार 37.90% है तथा इसे IIP जारी होने से लगभग 12 दिन पहले प्रकाशित किया जाता है।

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP)

  • IIP औद्योगिक क्षेत्र में खनन, विनिर्माण तथा विद्युत क्षेत्रों के उत्पादन की मात्रा को मापता है।
  • यह मात्रा-आधारित (Volume-based) सूचकांक है, न कि सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की तरह मूल्य-आधारित (Value-based)।
  • यह औद्योगिक गतिविधियों का संकेत देता है, जिससे अर्थव्यवस्था की अल्पकालिक गति का आकलन किया जाता है।
  • इसका प्रकाशन प्रतिमाह किया जाता है तथा वर्तमान आधार वर्ष 2022–23 है।
  • इसे राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी किया जाता है।

सूचकांक का अपडेशन

  • आधार वर्ष में परिवर्तन: नई श्रृंखला में आधार वर्ष को 2022–23 कर दिया गया है। इससे आँकड़े वर्तमान औद्योगिक स्थिति को अधिक यथार्थ रूप में दर्शाते हैं और औद्योगिक गतिविधियों के बेहतर आकलन में सहायता मिलती है।
  • पूर्ववर्ती ICI का आधार वर्ष 2011–12 था, जो काफी पुराना हो चुका था।
  • क्षेत्रों की संख्या में परिवर्तन: अब इस सूचकांक में शामिल क्षेत्रों की संख्या 8 से बढ़ाकर 9 कर दी गई है।
  • औद्योगिक उत्पादन में लौह अयस्क (Iron Ore) के व्यापक उपयोग को देखते हुए इसे मुख्य उद्योगों की सूची में शामिल किया गया है।

अन्य अपडेशन:

  • इस्पात उत्पादन की गणना अब शुद्ध उत्पादन (Net Output) के स्थान पर सकल उत्पादन (Gross Output) के आधार पर की जाएगी, ताकि इसे IIP की कार्यप्रणाली के अनुरूप बनाया जा सके।
  • कोयला क्षेत्र में अद्यतन श्रृंखला अब केवल कच्चे कोयले (Raw Coal) के उत्पादन को मापेगी तथा मिडलिंग (Middling) और धुले हुए कोयले (Washed Coal) को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा।
  • यह परिवर्तन दोहरी गणना (Double Counting) को समाप्त करने के लिए किया गया है, क्योंकि मिडलिंग तथा धुला हुआ कोयला दोनों ही कच्चे कोयले से तैयार किए जाते हैं।

सूचकांक में विभिन्न क्षेत्रों के भार का पुनर्वितरण:

  • लौह अयस्क को 4.905% भार प्रदान किया गया है।
  • कोयला क्षेत्र का भार 10.33% से घटाकर 5.596% कर दिया गया है।
  • प्राकृतिक गैस का भार 6.88% से घटाकर 3.841% कर दिया गया है।
  • रिफाइनरी उत्पादों का भार 28.04% से घटाकर 22.572% कर दिया गया है।
  • विद्युत क्षेत्र का भार 19.85% से बढ़ाकर 30.932% कर दिया गया है।
  • उर्वरक क्षेत्र का भार 2.63% से बढ़ाकर 2.731% कर दिया गया है।

महत्व

  • अद्यतन आधार वर्ष: आधार वर्ष को 2022–23 करने से सूचकांक वर्तमान औद्योगिक संरचना, उत्पादन पैटर्न तथा तकनीकी परिवर्तनों का अधिक सटीक प्रतिनिधित्व करता है।
  • अधिक सटीकता एवं तुलनीयता: इस्पात उत्पादन की गणना सकल उत्पादन के आधार पर करने से ICI की कार्यप्रणाली IIP के अनुरूप हो गई है, जिससे दोनों औद्योगिक सूचकों के बीच एकरूपता तथा तुलनीयता बढ़ती है।
  • दोहरी गणना का उन्मूलन: कोयला क्षेत्र में केवल कच्चे कोयले को शामिल करने तथा मिडलिंग एवं धुले हुए कोयले को बाहर रखने से उत्पादन के आँकड़ों में दोहराव समाप्त हो गया है।
  • औद्योगिक संकेतकों की विश्वसनीयता में वृद्धि: कार्यप्रणाली में किए गए इन सुधारों से सूचकांक की सटीकता, विश्वसनीयता तथा सांख्यिकीय मजबूती बढ़ी है, जिससे यह औद्योगिक वृद्धि तथा आर्थिक प्रदर्शन का अधिक भरोसेमंद संकेतक बन गया है।

स्रोत: TH

 

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