- बख्तरबंद सेना कोर के एक अधिकारी को व्यभिचार के आरोपों के संबंध में सेना नियम, 1954 के अंतर्गत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इस नोटिस में प्रशासनिक कार्रवाई के माध्यम से उनकी सेवा समाप्त करने का प्रस्ताव रखा गया।
- भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 497 में व्यभिचार को अपराध के रूप में मान्यता दी गई थी तथा इसके लिए दंड का प्रावधान किया गया था।
- इसके अनुसार, यदि कोई पुरुष किसी अन्य पुरुष की पत्नी के साथ, उस पति की सहमति के बिना, यह जानते हुए या ऐसा विश्वास करने का कारण रखते हुए यौन संबंध स्थापित करता है कि वह महिला किसी अन्य पुरुष की पत्नी है, तो वह व्यभिचार के अपराध का दोषी माना जाता था। Read More
भारतीय सेना में व्यभिचार और सैन्य अनुशासन
संदर्भ
व्यभिचार क्या है?