- संयुक्त राष्ट्र ने 16वीं शताब्दी के मर्केटर मानचित्र से हटकर ऐसे मानचित्र को अपनाने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया है, जो अफ्रीका के विशाल आकार को अधिक सटीक रूप से दर्शाता है।
- पृथ्वी एक पूर्ण गोला होने के बजाय एक चपटा गोलाभ (Oblate Spheroid) है, जो इसके घूर्णन, गुरुत्वाकर्षण प्रभावों तथा भूमि और महासागरों के असमान वितरण के कारण है।
- मानचित्र प्रक्षेपण पृथ्वी की त्रि-आयामी घुमावदार सतह को द्वि-आयामी समतल पर परिवर्तित करता है, जिससे अनिवार्य रूप से कुछ विकृति उत्पन्न होती है। Read More
मर्केटर से इक्वल अर्थ तक: विश्व मानचित्रों का विकास
सन्दर्भ
पृथ्वी को समतल मानचित्र पर सटीक रूप से क्यों नहीं दिखाया जा सकता?