- नेपाल-चीन सीमा के पास एक विनाशकारी हिमनदीय पतन और अचानक आई बाढ़ ने यारलुंग त्सांगपो नदी पर चीन के मेगा-बांध को लेकर चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया है, विशेष रूप से भारत और बांग्लादेश जैसे निचले प्रवाह वाले देशों के लिए।
- यह परियोजना नाटकीय ‘ग्रेट बेंड’ के पास स्थित है, जहाँ यारलुंग त्सांगपो (भारत में ब्रह्मपुत्र) भारत की ओर मुड़ती है। अनुमान है कि इसकी स्थापित क्षमता 60 GW है एवं ये 300 अरब kWh वार्षिक विद्युत उत्पादन करती है जोकि थ्री गॉर्जेस बांध के विद्युत उत्पादन से तीन गुना से अधिक है।
- इस परियोजना में एक जलाशय शामिल है, जो कथित तौर पर न्यिंगची के ऊपरी प्रवाह में मेनलिंग के आसपास है, हालांकि इसे रन-ऑफ-द-रिवर परियोजना के रूप में वर्णित किया गया है। Read More
चीन का यारलुंग त्सांगपो मेगा-बांध: रणनीतिक और पारिस्थितिक चिंताएँ
संदर्भ
पैमाना और इंजीनियरिंग