पाठ्यक्रम: GS2/शासन; GS3/अर्थव्यवस्था
संदर्भ
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वर्ष 2026–27 से 2030–31 की अवधि के लिए ‘विकसित भारत सांख्यिकीय रूपांतरण, विश्लेषण एवं अनुसंधान पहल’ (VISTAR योजना) को स्वीकृति प्रदान की है।
परिचय
- यह एक केंद्रीय क्षेत्रक योजना है, जिसका उद्देश्य भारत की आधिकारिक सांख्यिकीय प्रणाली का व्यापक पुनर्गठन करना है। इसके अंतर्गत सांख्यिकी मंत्रालय के सभी सर्वेक्षणों, आँकड़ों और आर्थिक जनगणना संबंधी कार्यों को एक ही छत्र के अधीन समेकित किया जाएगा ।
- उद्देश्य: समयबद्धता, आँकड़ों की सूक्ष्मता, अंतर-संचालनीयता तथा सामंजस्यपूर्ण एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग के लिए तैयार आँकड़ा-संग्रह को बेहतर बनाने हेतु एक गतिशील, वास्तविक समय आधारित और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधिकारिक सांख्यिकीय ढाँचा स्थापित करना।
- यह योजना 16वें वित्त आयोग की अवधि (वित्त वर्ष 2027–वित्त वर्ष 2031) के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण आँकड़ों की कमियों को दूर करने के लिए 59 सर्वेक्षणों का वित्तपोषण करेगी।
- इसके अंतर्गत लंबे समय से लंबित आठवीं आर्थिक जनगणना तथा राज्य सांख्यिकी ब्यूरो के लिए सहायता कार्यक्रम के पुनर्गठन को भी वित्तपोषित किया जाएगा।
- इस योजना के तीन प्रमुख घटक हैं:
- व्यापक सांख्यिकीय संचालन एवं पारिस्थितिकी तंत्र का सुदृढ़ीकरण।
- राज्यों के लिए सांख्यिकीय सुदृढ़ीकरण सहायता (SSS)।
- आर्थिक जनगणना।
- प्रथम घटक: व्यापक सांख्यिकीय संचालन एवं पारिस्थितिकी तंत्र का सुदृढ़ीकरण: इसके अंतर्गत सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) सांख्यिकीय प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण करेगा तथा आँकड़ों के प्रसंस्करण, सत्यापन और विश्लेषण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एवं मशीन लर्निंग (ML) को शामिल करेगा।
- मंत्रालय कुछ नए उपायों की शुरुआत करने की योजना बना रहा है, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
- सेवा उत्पादन का समग्र सूचकांक।
- असंगठित क्षेत्र के उद्यमों का सूचकांक।
- पारंपरिक सर्वेक्षणों के पूरक के रूप में मोबाइल फोन, स्कैनर और ई-वाणिज्य से प्राप्त आँकड़ों जैसे वैकल्पिक स्रोतों का भी उपयोग किया जाएगा। इससे उत्तरदाताओं पर पड़ने वाला भार कम करने में सहायता मिलेगी।
- मंत्रालय कुछ नए उपायों की शुरुआत करने की योजना बना रहा है, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
- द्वितीय घटक: राज्यों के लिए सांख्यिकीय सुदृढ़ीकरण सहायता (SSS): राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को प्रदान की जाने वाली केंद्रीय वित्तीय सहायता को निर्धारित परिणामों एवं लक्ष्यों की प्राप्ति से जोड़ा जाएगा।
- MoSPI प्रमुख सर्वेक्षणों, जैसे आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS), में जिला स्तर और दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों के अनुमान तैयार करने की क्षमता बढ़ाने में सहायता करेगा।
- इसके अतिरिक्त, राज्य सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और जिला सकल घरेलू उत्पाद के संकलन को भी सुदृढ़ किया जाएगा।
- तृतीय घटक: आर्थिक जनगणना: इस घटक के अंतर्गत MoSPI राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के सहयोग से आठवीं आर्थिक जनगणना (EC) आयोजित करेगा।
- इसके माध्यम से ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर तक सभी गैर-कृषि प्रतिष्ठानों तथा उनमें नियोजित कामगारों से संबंधित विस्तृत एवं सूक्ष्म आँकड़े और गतिविधियों का विवरण उपलब्ध कराया जाएगा।
- आर्थिक जनगणना से प्राप्त आँकड़े राष्ट्रीय एवं उप-राष्ट्रीय स्तर पर नीति निर्माताओं के लिए उपयोगी होंगे।
- इससे सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में असंगठित क्षेत्र के योगदान का अनुमान लगाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
महत्त्व
- VISTAR योजना में सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की सभी सांख्यिकीय एवं आँकड़ा प्रबंधन संबंधी गतिविधियों को शामिल किया जाएगा।
- यह देश की आधिकारिक सांख्यिकीय प्रणाली के आधुनिकीकरण एवं सुदृढ़ीकरण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
स्रोत: PIB
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संक्षिप्त समाचार 04-11-2026