दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के संबंध में की गई कथित टिप्पणी को लेकर नोएडा पुलिस ने एक महिला के विरुद्ध शून्य प्राथमिकी (Zero FIR) दर्ज की।
परिचय
प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, धारा 353(1) तथा धारा 356(1) के अंतर्गत अपमान, लोक उपद्रव तथा मानहानि से संबंधित प्रावधान लगाए गए हैं।
धारा 352 के अंतर्गत अपराध सिद्ध करने के लिए यह प्रमाणित करना आवश्यक है कि आरोपी का आशय अथवा ज्ञान ऐसा था कि उसके द्वारा किया गया अपमान लोक शांति के वास्तविक भंग को उकसा सकता था; केवल किसी व्यक्ति का अपमानित महसूस करना पर्याप्त नहीं है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2030-31 तक के कार्यान्वयन हेतु ₹84,084 करोड़ के स्वीकृत परिव्यय के साथ 'समुद्र मंथन' – राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना को मंजूरी प्रदान की है।
अपतटीय अन्वेषण
अपतटीय अन्वेषण से अभिप्राय समुद्र तल के नीचे स्थित प्राकृतिक संसाधनों, विशेषकर कच्चे तेल , प्राकृतिक गैस तथा समुद्री तल के खनिजों की खोज से है।
इसमें समुद्री जल के नीचे छिपे संभावित भंडारों की पहचान एवं मूल्यांकन के लिए वाणिज्यिक ड्रिलिंग अथवा दोहन से पूर्व जटिल भूवैज्ञानिक, भू-भौतिकीय तथा अभियांत्रिकी तकनीकों का उपयोग किया जाता है।
संसद ने राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया है, जिसके माध्यम से राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को वही वैधानिक संरक्षण प्रदान किया गया है, जो वर्तमान में राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' को प्राप्त है।
प्रमुख बिंदु
यह विधेयक राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 की धारा 3 में संशोधन करता है।
इसके अंतर्गत निम्नलिखित कृत्यों को अपराध घोषित किया गया है—