संक्षिप्त समाचार 08-10-2026

विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा बाल्यावस्था के मोटापे पर प्रथम वैश्विक दिशा-निर्देश जारी 

पाठ्यक्रम: GS2 / स्वास्थ्य

संदर्भ

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बच्चों और किशोरों में मोटापे की समस्या से निपटने के लिए अपने प्रथम वैश्विक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

मोटापा

  • मोटापा एक दीर्घकालिक और बार-बार उभरने वाला रोग है, जिसके दुष्परिणाम जीवन के शुरुआती चरण में ही दिखाई देने लग सकते हैं।
    • अधिक वजन: शरीर द्रव्यमान सूचकांक (BMI) 25 या उससे अधिक होना।
    • मोटापा: शरीर द्रव्यमान सूचकांक (BMI) 30 या उससे अधिक होना।
  • मोटापे से टाइप-2 मधुमेह और हृदय-संबंधी रोगों सहित गैर-संचारी रोगों का जोखिम बढ़ सकता है।
  • मोटापे से प्रभावित बच्चों और किशोरों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों, सामाजिक कलंक, भेदभाव और उत्पीड़न का भी सामना करना पड़ सकता है।

मोटापे की स्थिति

  • वर्ष 2024 में 5–19 वर्ष की आयु के लगभग 17 करोड़ बच्चे और किशोर मोटापे से प्रभावित थे।
  • इनमें लगभग 7 करोड़ बच्चे 5–9 वर्ष की आयु के तथा 10 करोड़ किशोर 10–19 वर्ष की आयु के थे।
  • वर्ष 1990 से 5–19 वर्ष की आयु वर्ग में मोटापे की व्यापकता चार गुना हो गई है। यह बढ़कर 2% से 8% तक पहुँच गई है।

सिफारिशें

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आहार, शारीरिक गतिविधि और व्यवहार में परिवर्तन को शामिल करने वाले सुव्यवस्थित हस्तक्षेपों की सिफारिश की है।
  • संगठन ने सशर्त रूप से डिजिटल स्वास्थ्य हस्तक्षेपों की भी सिफारिश की है, बशर्ते उनका संचालन माता-पिता या देखभालकर्ता की निगरानी में किया जाए।
  • 0–9 वर्ष की आयु के बच्चों में मोटापे के उपचार के लिए वजन घटाने वाली दवाओं, मोटापे की शल्य चिकित्सा (बैरिएट्रिक सर्जरी) या वजन घटाने वाले उपकरणों के उपयोग की सिफारिश नहीं की गई है।
  • 10–19 वर्ष की आयु के किशोरों के लिए स्वीकृत दवाओं पर तभी विचार किया जा सकता है, जब निगरानी में संचालित बहुआयामी जीवनशैली कार्यक्रम से अपेक्षित परिणाम प्राप्त न हुए हों।
  • गंभीर मोटापे से प्रभावित किशोरों के लिए बैरिएट्रिक सर्जरी पर भी विचार किया जा सकता है, लेकिन केवल सख्त शर्तों के अंतर्गत।
  • स्वास्थ्यकर्मियों को परिवारों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए समावेशी और आयु के अनुकूल दृष्टिकोण अपनाना चाहिए तथा मोटापे और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का एक साथ समाधान करना चाहिए।

स्रोत: WHO

भारतीय रिजर्व बैंक खाता समेककों के बीच अंतर-संचालनीयता की अनुमति देगा

पाठ्यक्रम: GS3 / अर्थव्यवस्था

संदर्भ

  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी खाता समेककों (NBFC-AAs) के बीच अंतर-संचालनीयता सक्षम करेगा। इससे व्यक्ति एक ही मंच के माध्यम से अपनी वित्तीय परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

प्रमुख बिंदु

  • इस कदम से ग्राहक अपने बैंक खातों को डीमैट खातों से जोड़ सकेंगे और खाता समेकक के माध्यम से अपनी समेकित वित्तीय जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
  • इससे भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा विनियमित निक्षेपागारों को अपनी समेकित खाता विवरणियों (CAS) में बैंक जमा से संबंधित जानकारी शामिल करने में भी सहायता मिलेगी।

खाता समेककों के बारे में

  • खाता समेकक (AA), भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा विनियमित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी की एक श्रेणी है।
  • यह सहमति-आधारित वित्तीय आँकड़ा-साझाकरण मंच है, जो व्यक्तियों को भाग लेने वाले वित्तीय संस्थानों के बीच अपनी वित्तीय जानकारी सुरक्षित रूप से प्राप्त करने और साझा करने में सक्षम बनाता है।
  • खाता समेकक ग्राहक के वित्तीय आँकड़ों को अपने पास संग्रहित नहीं करता, बल्कि संबंधित संस्थाओं के बीच उनके सुरक्षित हस्तांतरण को सुगम बनाता है।
  • लाइसेंस प्राप्त खाता समेककों के उदाहरण:
    • CAMS FinServ: कंप्यूटर एज मैनेजमेंट सर्विसेज (CAMS) की सहायक कंपनी।
    • OneMoney: फिनसेक एए सॉल्यूशंस द्वारा संचालित।

प्रमुख हितधारक

  • वित्तीय सूचना प्रदाता (FIPs): बैंक, म्यूचुअल फंड कंपनियाँ, बीमा कंपनियाँ आदि।
  • वित्तीय सूचना उपयोगकर्ता (FIUs): ऋणदाता, संपत्ति प्रबंधक, बीमाकर्ता आदि।
  • खाता समेकक (AAs): लाइसेंस प्राप्त संस्थाएँ, जो वित्तीय सूचना प्रदाताओं और वित्तीय सूचना उपयोगकर्ताओं के बीच आँकड़ों के प्रवाह को सुगम बनाती हैं।

स्रोत: TH

जीवंत ग्रह रिपोर्ट, 2026

पाठ्यक्रम: GS3 / पर्यावरण

संदर्भ

  • विश्व वन्यजीव कोष (WWF) की द्विवार्षिक जीवंत ग्रह रिपोर्ट, 2026 के अनुसार, वर्ष 1970 से 2022 के बीच 52 वर्षों की अवधि में निगरानी किए गए कशेरुकी जीवों—स्तनधारियों, मछलियों, पक्षियों और उभयचरों—की जनसंख्या के औसत आकार में 73% की गिरावट दर्ज की गई।

प्रमुख बिंदु

  • यह रिपोर्ट लंदन प्राणी विज्ञान सोसायटी (ZSL) द्वारा तैयार किए गए जीवंत ग्रह सूचकांक (LPI) के आँकड़ों पर आधारित है।
  • वर्ष 2026 के आकलन में कशेरुकी जीवों की 5,790 प्रजातियों की 35,803 जनसंख्या की प्रवृतियों को शामिल किया गया है।

प्रमुख निष्कर्ष

  • स्वच्छ जल के पारितंत्र: जनसंख्याओं में सर्वाधिक 85% की गिरावट दर्ज की गई।
  • स्थलीय पारितंत्र: जनसंख्याओं में 69% की गिरावट दर्ज की गई।
  • समुद्री पारितंत्र: जनसंख्याओं में 59% की गिरावट दर्ज की गई।
    • निगरानी की गई लगभग आधी जनसंख्या स्थिर रहीं या उनमें वृद्धि हुई। इससे पता चलता है कि संरक्षण संबंधी हस्तक्षेपों के माध्यम से आबादियों में गिरावट को रोका जा सकता है और उनकी स्थिति में सुधार लाया जा सकता है।

प्रमुख खतरे

  • पारितंत्रों और वन्यजीव जन्संझ्या में होने वाले परिवर्तनों के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
    • प्राकृतिक आवासों का विनाश और क्षरण।
    • प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन।
    • जलवायु परिवर्तन।
    • आक्रामक विदेशी प्रजातियों का प्रभाव।
    • प्रदूषण।
    • रोग।

स्रोत: IE

घाना

पाठ्यक्रम: GS1 / समाचारों में स्थान

संदर्भ

  • भारत और घाना ने कृषि अनुसंधान, शिक्षा, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तथा व्यावसायीकरण के क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए पाँच वर्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

घाना के बारे में (राजधानी: अकरा)

  • घाना पश्चिमी अफ्रीका में स्थित संसाधन-संपन्न देश है। यह एकात्मक बहुदलीय गणराज्य है।
  • स्वतंत्रता: घाना ने क्वामे नक्रूमा के नेतृत्व में 6 मार्च, 1957 को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्त की। अफ्रीका में उपनिवेशवाद के अंत की प्रक्रिया को प्रेरित करने में इसकी महत्त्वपूर्ण भूमिका रही।
  • भौगोलिक स्थिति: यह अटलांटिक महासागर के तट पर स्थित गिनी की खाड़ी के किनारे अवस्थित है। यह भूमध्य रेखा के थोड़ा उत्तर में स्थित है और प्रधान मध्याह्न रेखा इसके क्षेत्र से होकर गुजरती है।
  • नदी तंत्र: देश का अधिकांश भाग वोल्टा नदी तंत्र द्वारा अपवाहित होता है।
  • वोल्टा झील: लगभग 8,500 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली वोल्टा झील विश्व के सबसे बड़े कृत्रिम जलाशयों में से एक है। यह अकोसोम्बो बाँध के माध्यम से जलविद्युत उत्पादन में सहायता करती है।
  • खनिज एवं ऊर्जा संसाधन: घाना को पहले गोल्ड कोस्ट के नाम से जाना जाता था। यह सोना, बॉक्साइट, मैंगनीज और हीरे जैसे खनिजों से समृद्ध है। यहाँ समुद्रतटीय अपतटीय क्षेत्रों में पेट्रोलियम संसाधन भी पाए जाते हैं।
  • कृषि: घाना कोको का एक प्रमुख उत्पादक और निर्यातक देश है।
  • जलवायु: अंतर-उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) का मौसमी स्थानांतरण घाना की जलवायु को प्रभावित करता है। सहारा मरुस्थल से आने वाली हरमट्टन पवनें शुष्क और धूलयुक्त वायु लाती हैं, जबकि अटलांटिक महासागर से आने वाली दक्षिण-पश्चिमी मानसूनी पवनें नमी लेकर आती हैं।

स्रोत: PIB

 

Other News of the Day

पाठ्यक्रम: GS3/विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संदर्भ रसायन विज्ञान में वर्ष 2026 के नोबेल पुरस्कार ने कायरैलिटी (Chirality) और होमोकायरैलिटी (Homochirality) की ओर वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है। यह इस बात को रेखांकित करता है कि किस प्रकार रासायनिक अभिक्रियाएँ किसी अणु के दर्पण-प्रतिबिंबीय रूपों में से किसी एक रूप का चयनात्मक रूप से उत्पादन कर सकती...
Read More

पाठ्यक्रम: GS2/ सामाजिक न्याय संदर्भ  सर्वोच्च न्यायालय ने दिव्यांग व्यक्तियों (PwDs) को हवाई यात्रा के दौरान विभिन्न चरणों में होने वाली व्यवस्थित सुगम्यता संबंधी समस्याओं का आरोप लगाने वाली एक याचिका पर केंद्र सरकार तथा प्रमुख विमानन प्राधिकरणों से जवाब मांगा है। भारत में दिव्यांगता की स्थिति  दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुसार, दिव्यांग व्यक्ति...
Read More

पाठ्यक्रम: GS3/कृषि संदर्भ  भारत में शाकनाशी-सहिष्णु बीटी (HTBt) कपास की खेती को अभी तक स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है, फिर भी ऐसा प्रतीत होता है कि किसान बड़े पैमाने पर इसे अपना रहे हैं। परिचय  साउथ एशिया बायोटेक्नोलॉजी सेंटर (SABC) द्वारा फेडरेशन ऑफ सीड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (FSII) तथा नेशनल सीड एसोसिएशन ऑफ इंडिया...
Read More

पाठ्यक्रम: GS3/पर्यावरण/ऊर्जा संदर्भ आइसलैंड भारत के विकसित होते भूतापीय ऊर्जा परिदृश्य में उभरते अवसरों को लेकर आश्वस्त है और उसका मानना है कि नियामक चुनौतियों का समाधान किया जा सकता है। प्रमुख बिंदु आइसलैंड ने अपनी कार्बफिक्स (Carbfix) तकनीक के उपयोग की संभावनाओं की ओर संकेत किया, जो अवशोषित कार्बन डाइऑक्साइड को पत्थर में परिवर्तित...
Read More

पाठ्यक्रम: GS4/ एथिक्स संदर्भ प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित का उल्लेख किया, जिसके अनुसार किसी व्यक्ति के नैतिक मूल्य का निर्धारण करने में ज्ञान, वाक्पटुता और उपलब्धियों की तुलना में चरित्र और आचरण अधिक महत्त्वपूर्ण होते हैं। चरित्र और आचरण के बारे में चरित्र से आशय उन आंतरिक नैतिक गुणों, मूल्यों और प्रवृत्तियों से है,...
Read More
scroll to top