रामप्पा मंदिर
पाठ्यक्रम: GS1/कला एवं संस्कृति
समाचारों में
- तेलंगाना में विरासत संरक्षण विशेषज्ञ प्रस्तावित गहरे खुले कोयला खनन परियोजना से रामप्पा मंदिर को उत्पन्न होने वाले संभावित खतरे को लेकर चिंतित हैं।
रामप्पा मंदिर
- काकतीय रुद्रेश्वर (रामप्पा) मंदिर को लोकप्रिय रूप से रामप्पा मंदिर के नाम से जाना जाता है।
- यह तेलंगाना राज्य में हैदराबाद से लगभग 200 किमी उत्तर-पूर्व में स्थित पालमपेट गाँव में स्थित है।
- यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।
- इसका निर्माण वर्ष 1213 ईस्वी में काकतीय साम्राज्य के शासनकाल के दौरान काकतीय राजा गणपति देव के सेनापति रेचार्ला रुद्र द्वारा कराया गया था।
- यहाँ की अधिष्ठात्री देवता रामलिंगेश्वर स्वामी हैं।
- इसे रामप्पा मंदिर भी कहा जाता है, जिसका नाम उस शिल्पकार के नाम पर पड़ा जिसने 40 वर्षों तक मंदिर में शिल्पकारी का कार्य किया।
- इसे वर्ष 2021 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में सूचीबद्ध किया गया।
विशेषताएँ
- मंदिर 6 फुट ऊँचे तारे के आकार के चबूतरे पर निर्मित है। इसकी दीवारों, स्तंभों और छतों पर अत्यंत सूक्ष्म नक्काशी की गई है, जो काकतीय शिल्पकारों की विशिष्ट कला-कौशल को प्रदर्शित करती है।
- मंदिर का निर्माण बलुआ पत्थर से किया गया है। इसमें नक्काशीदार ग्रेनाइट और डोलराइट से निर्मित अलंकृत बीम एवं स्तंभ हैं। इसका विशिष्ट पिरामिडाकार विमान हल्की और छिद्रयुक्त ईंटों से निर्मित है, जिन्हें “तैरती हुई ईंटें” भी कहा जाता है।
- काकतीय रुद्रेश्वर (रामप्पा) मंदिर की मूर्तियाँ, विशेषकर इसकी कोष्ठक मूर्तियाँ , कठोर डोलराइट पत्थर से निर्मित अद्वितीय कलाकृतियाँ हैं। इन पर धातु जैसी चमकदार सतह दिखाई देती है और इनकी चमक आज भी अक्षुण्ण है।
स्रोत: TH
अंतर-संसदीय संघ (IPU)
पाठ्यक्रम: GS2/राजव्यवस्था
समाचारों में
- राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के नेतृत्व में एक भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल अंतर-संसदीय संघ (IPU) की 153वीं सभा में भाग लेने के लिए तंजानिया रवाना हुआ है।
अंतर-संसदीय संघ (IPU) के बारे में (मुख्यालय: जिनेवा, स्विट्जरलैंड)
- IPU राष्ट्रीय संसदों का एक वैश्विक संगठन है, जो संसदीय कूटनीति, लोकतंत्र, मानवाधिकार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देता है।
- इसकी स्थापना वर्ष 1889 में पेरिस में विलियम रैंडल क्रेमर (यूके) और फ्रेडरिक पासी (फ्रांस) द्वारा की गई थी।
- इसमें 183 सदस्य संसदें और 15 सहयोगी सदस्य हैं।
- यह मंच सांसदों को वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने, सामान्य सहमति बनाने और संवाद को सुदृढ़ करने के लिए एक मंच प्रदान करता है।
- IPU भारत को संसदीय कूटनीति के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है, जिसके माध्यम से भारतीय सांसद विश्व भर के अपने समकक्षों के साथ संवाद कर सकते हैं, विश्वास का निर्माण कर सकते हैं तथा शांति, आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन और लोकतांत्रिक शासन जैसे मुद्दों पर चर्चाओं में योगदान दे सकते हैं।
स्रोत: AIR
PM-SETU: भारत के ITI के रूपांतरण का एक वर्ष
पाठ्यक्रम: GS2/सरकारी पहल
संदर्भ
- PM-SETU (प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड ITIs) योजना के कार्यान्वयन का एक वर्ष पूरा हो गया है।
PM-SETU के बारे में
- वर्ष 2025 में शुरू की गई PM-SETU एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसका उद्देश्य 1,000 सरकारी ITI को आधुनिक और उद्योग-केंद्रित प्रशिक्षण संस्थानों में परिवर्तित करना है।
- इस योजना का कुल परिव्यय ₹60,000 करोड़ है, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा ₹30,000 करोड़, राज्यों द्वारा ₹20,000 करोड़ और उद्योग जगत द्वारा ₹10,000 करोड़ का योगदान शामिल है।
- यह योजना हब-एंड-स्पोक मॉडल पर आधारित है, जिसके तहत 200 हब ITI को 800 स्पोक ITI से जोड़ा गया है।
- योजना के अंतर्गत:
- ITIs के बुनियादी ढाँचे का आधुनिकीकरण स्मार्ट कक्षाओं, आधुनिक प्रयोगशालाओं और डिजिटल सामग्री के माध्यम से किया जाएगा।
- उभरती हुई कौशल आवश्यकताओं के आधार पर उद्योग-अनुरूप तथा नई पीढ़ी के पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
- उद्योग-नेतृत्व वाले प्रशासन और क्लस्टर विकास के लिए एंकर इंडस्ट्री पार्टनर्स के साथ विशेष प्रयोजन संस्थाओं (SPVs) की स्थापना की जाएगी।
- भुवनेश्वर (ओडिशा), चेन्नई (तमिलनाडु), हैदराबाद (तेलंगाना), कानपुर (उत्तर प्रदेश) और लुधियाना (पंजाब) स्थित 5 राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों को वैश्विक साझेदारियों के साथ उत्कृष्टता केंद्र के रूप में सुदृढ़ किया जाएगा।

स्रोत: PIB
अमेरिका का AI समझौता
पाठ्यक्रम: GS3/विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
समाचारों में
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने “आर्टिफिशियल सुपर इंटेलिजेंस पर व्हाइट हाउस समझौता: फ्रंटियर उत्तरदायित्वों के प्रति संयुक्त प्रतिबद्धता” की घोषणा की।
AI समझौता
- यह प्रमुख अमेरिकी AI कंपनियों के बीच एक स्वैच्छिक समझौता है, जिसका उद्देश्य सुरक्षित AI विकास और जनता के विश्वास को बढ़ावा देना है।
- इस पर गूगल के सुंदर पिचाई, एंथ्रोपिक के डारियो अमोडेई, मेटा के मार्क जुकरबर्ग, OpenAI के ग्रेग ब्रॉकमैन, xAI के एलन मस्क और NVIDIA के जेनसन हुआंग सहित अन्य प्रमुख व्यक्तियों ने हस्ताक्षर किए।
- इसमें तकनीकी कंपनियों द्वारा सुरक्षित AI उत्पाद विकसित करने और जनता का विश्वास कायम करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
- इसे लागू करने के लिए चार प्रमुख कदम निर्धारित किए गए हैं, जिनकी शुरुआत निम्नलिखित से होती है:
- अनपेक्षित AI हैकिंग को रोकने के लिए मजबूत आंतरिक नियंत्रण स्थापित करना।
- कंपनी में सुरक्षा संचालन और समाधान संबंधी कार्यों का प्रबंधन करने के लिए एक आंतरिक टीम का गठन करना।
- मूल्यांकन के लिए एक स्वतंत्र बाहरी ऑडिटर के साथ साझेदारी करना।
- रिपोर्टों पर कार्रवाई करने के लिए निदेशक मंडल की एक स्वतंत्र समिति का गठन करना।
- यह समझौता कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है और इसके उल्लंघन के लिए किसी दंड का प्रावधान नहीं है।
महत्व
- इस समझौते का महत्व AI प्रणालियों के “नियंत्रण से बाहर हो जाने”, निजता एवं बाल सुरक्षा से जुड़े जोखिमों तथा AI एजेंटों द्वारा सुरक्षित प्लेटफॉर्म को हैक करने के प्रयासों से जुड़ी घटनाओं के संबंध में बढ़ती चिंताओं के बीच है।
स्रोत: TH
रेबीज़
पाठ्यक्रम: GS3/विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
समाचारों में
- ICMR के नेतृत्व में किए गए और द लैंसेट इन्फेक्शियस डिज़ीज़ेज़ में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, भारत में प्रत्येक वर्ष लगभग 5,726 लोगों की रेबीज़ से मृत्यु होने का अनुमान है।
रेबीज़ के बारे में
- रेबीज़ 150 से अधिक देशों और क्षेत्रों में, विशेषकर एशिया और अफ्रीका में, सार्वजनिक स्वास्थ्य की एक गंभीर समस्या है।
- यह एक विषाणुजनित, जूनोटिक (पशुजनित), उपेक्षित उष्णकटिबंधीय बीमारी है, जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती है।
- यह रेबीज़ वायरस (वंश लिसावायरस, कुल रैब्डोविरिडे) के कारण होता है।
- रेबीज़ लार के माध्यम से मनुष्यों और जानवरों में फैलता है। इसका संक्रमण सामान्यतः काटने, खरोंचने या श्लेष्मा झिल्ली (जैसे आँख, मुँह या खुले घाव) के सीधे संपर्क से होता है।
- इसके लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मतली, मतिभ्रम और पानी से डर (हाइड्रोफोबिया) शामिल हो सकते हैं।
- एक बार नैदानिक लक्षण प्रकट हो जाने के बाद रेबीज़ लगभग 100% घातक होता है।
- भारत में कुत्तों से होने वाले रेबीज़ के उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय कार्ययोजना (NAPRE) का लक्ष्य वर्ष 2030 तक मानव मृत्यु को शून्य करना है।
स्रोत: TH
अग्निपथ योजना
पाठ्यक्रम: GS3/रक्षा
संदर्भ
- रक्षा बलों ने अग्निपथ योजना के प्रथम बैच के भर्ती कर्मियों के चार वर्ष के कार्यकाल के समापन के करीब पहुँचने पर सैन्य कार्य विभाग (DMA) को योजना के कार्यान्वयन से संबंधित प्रतिक्रिया और सिफारिशें प्रस्तुत की हैं।
अग्निपथ योजना
- इसे वर्ष 2022 में शुरू किया गया था और इसे टूर ऑफ ड्यूटी योजना के नाम से भी जाना जाता है।
- यह भारतीय सेना में अल्पकालिक भर्ती योजना है।
- इस योजना के तहत ‘अग्निवीर’ नाम से सैनिकों की चार वर्ष के लिए भर्ती की जाती है। इसके बाद एक बैच के केवल 25% भर्ती कर्मियों को 15 वर्ष की नियमित सेवा के लिए बनाए रखा जाता है।
- आयु सीमा: 17.5 वर्ष से 21 वर्ष की आयु के उम्मीदवार अग्निपथ योजना में भर्ती के लिए पात्र हैं।
- यह योजना देश की सेवा करने के इच्छुक भारतीय युवाओं को अल्प अवधि के लिए सशस्त्र बलों में भर्ती होने का अवसर प्रदान करती है।
- यह योजना सशस्त्र बलों में युवाओं की भागीदारी और युवा प्रोफाइल को बढ़ाती है।
स्रोत: TH
तुवालु (Tuvalu)
पाठ्यक्रम: विविध / समाचारों में स्थान
संदर्भ
- तुवालु समुद्र के स्तर में वृद्धि, समुद्री हीटवेव और मत्स्य संसाधनों में गिरावट जैसी संयुक्त चुनौतियों का सामना कर रहा है। यह लघु द्वीपीय विकासशील देशों (SIDS) की जलवायु संबंधी असमान रूप से अधिक संवेदनशीलता को रेखांकित करता है।
तुवालु के बारे में
- तुवालु दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित नौ छोटे द्वीपों का समूह है, जिसने वर्ष 1978 में यूनाइटेड किंगडम से स्वतंत्रता प्राप्त की।
- पूर्व में एलिस द्वीप समूह (Ellice Islands) के नाम से जाना जाने वाला यह क्षेत्र हवाई और ऑस्ट्रेलिया के बीच स्थित निम्न-ऊँचाई वाले द्वीपों और एटोल का समूह है।
- इस देश की औसत ऊँचाई समुद्र तल से मात्र 1 से 3 मीटर है, जिसके कारण यह समुद्र के स्तर में वृद्धि, तटीय कटाव, लवणीय जल के अंतःप्रवेश और तूफानी ज्वार जैसी घटनाओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है।
- राजधानी: फुनाफुटी

स्रोत: TH
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संक्षिप्त समाचार 05-10-2026