पाठ्यक्रम: GS2/अंतरराष्ट्रीय संबंध
संदर्भ
- हाल ही में हुई अमेरिका–चीन द्विपक्षीय बैठक के बाद “पांडा कूटनीति” पुनः चर्चा में आई है। इस दौरान चीन ने अमेरिका को दो विशाल पांडा दीर्घकालिक पट्टे पर देने पर सहमति व्यक्त की।
पांडा कूटनीति
- पांडा कूटनीति से आशय चीन द्वारा विदेशी देशों को राजनयिक सद्भावना के संकेत के रूप में विशाल पांडा भेजने की दीर्घकालिक परंपरा से है।
- इसकी शुरुआत 1957 में हुई, जब चीन ने सोवियत संघ को पांडा उपहार में दिए।
- इसके बाद 1972 में चीन और अमेरिका के बीच पांडा का आदान-प्रदान हुआ।
- 1984 से चीन ने पांडा को उपहार में देना बंद कर दिया और इसके स्थान पर दीर्घकालिक समझौतों के अंतर्गत उन्हें पट्टे पर देना शुरू किया। सामान्यतः ऐसे समझौते 10 वर्षों के लिए होते हैं।
एनिमल -आधारित कूटनीति
- एनिमल-आधारित कूटनीति से आशय राजनयिक संबंधों को सुदृढ़ करने, सॉफ्ट पावर का प्रदर्शन करने तथा देशों के बीच सद्भावना को बढ़ावा देने के लिए पशुओं का उपहार, पट्टे या राष्ट्रीय प्रतीकों के रूप में रणनीतिक उपयोग करने से है।
- प्राचीन परंपरा: यह परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। मिस्र के फिरौन भूमध्यसागरीय क्षेत्र के प्राचीन शासकों को अफ्रीकी पशु भेजा करते थे।
- इसी प्रकार, रोमन साम्राज्य भी विदेशी एवं दुर्लभ प्रजातियों के पशुओं का प्रदर्शन करता था, जिसके माध्यम से वह अपने क्षेत्रीय नियंत्रण एवं साम्राज्यिक विस्तार को प्रदर्शित करता था।
- सॉफ्ट पावर के रूप में: एनिमल-आधारित कूटनीति के माध्यम से दाता देश या सरकार औपचारिक राजनयिक माध्यमों को दरकिनार करते हुए सीधे दूसरे देश की आम जनता से जुड़कर अपनी सॉफ्ट पावर का प्रदर्शन कर सकती है।
- राजनीतिक महत्त्व: इस प्रकार का आदान-प्रदान यह संकेत देता है कि दाता देश को विश्वास है कि प्राप्तकर्ता देश एक जिम्मेदार मेजबान के रूप में पशुओं की देखभाल करने में सक्षम है।
- दुर्लभ या संकटग्रस्त प्रजातियों के मामले में, यह संरक्षण का दायित्व प्राप्तकर्ता देश पर डालता है, इस अपेक्षा के साथ कि वह विदेशी पर्यावास में भी संबंधित पशु के संरक्षण को सुनिश्चित करेगा।
- इस प्रकार, इन पशुओं का कल्याण एवं स्वास्थ्य स्वयं द्विपक्षीय राजनयिक संबंधों की स्थिति के सूचक बन जाते हैं।
एनिमल-आधारित कूटनीति का भारतीय उदाहरण
- भारत और नामीबिया के बीच वर्ष 2022 में “प्रोजेक्ट चीता” के अंतर्गत सहयोग एनिमल-आधारित कूटनीति का एक प्रमुख उदाहरण है।
- इसके बाद के वर्षों में दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना से अफ्रीकी चीतों के दो और जत्थे भारत पहुँचे।
- वर्ष 2026 में भारत ने संयुक्त राष्ट्र को पाँच मोर उपहार में दिए, जिन्हें जिनेवा स्थित उसके यूरोपीय मुख्यालय में रखा जाना है।
विशाल पांडा
- सामान्य नाम: विशाल पांडा
- वैज्ञानिक नाम: ऐलुरोपोडा मेलानोल्यूका
- वर्ग: स्तनधारी
- आहार: सर्वाहारी
- प्राकृतिक पर्यावास में औसत जीवनकाल: लगभग 20 वर्ष
- पर्यावास: दक्षिण-पश्चिमी चीन के धुंध से घिरे, वर्षा-प्रधान पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित घने बाँस के वन।
- प्राकृतिक रूप से वितरण: वर्तमान में जंगली विशाल पांडा केवल चीन में पाए जाते हैं।
- आईयूसीएन संरक्षण स्थिति: सुभेद्य
स्रोत: IE