भारत में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य पर्यटन

पाठ्यक्रम: जीएस- 2/स्वास्थ्य, जीएस- 3/अर्थव्यवस्था

सन्दर्भ 

  • भारत धीरे-धीरे चिकित्सा पर्यटन के एक प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। देश का चिकित्सा मूल्य यात्रा बाजार 2025 में अनुमानित 8.7 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक लगभग 16.2 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है।

चिकित्सा पर्यटन क्या है?

  • चिकित्सा पर्यटन से आशय किसी व्यक्ति द्वारा उपचार, शल्य क्रिया या स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के लिए किसी अन्य देश या क्षेत्र की यात्रा करना है।
  • इसमें उपचारात्मक सेवाएँ (जैसे शल्य क्रिया, विशेष उपचार) तथा कुछ मामलों में निवारक या निदान संबंधी सेवाएँ भी शामिल होती हैं।
  • कारण:
    • लोग उन देशों में उपचार कराना पसंद करते हैं जहाँ उपचार की गुणवत्ता उच्च होती है, किंतु लागत उनके अपने देश की तुलना में काफी कम होती है।
    • ऐसे विशेष उपचारों के लिए यात्रा की जाती है जो स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नहीं होते या जहाँ प्रतीक्षा अवधि बहुत लंबी होती है।

चिकित्सा मूल्य यात्रा के प्रमुख रुझान

  • वैश्विक चिकित्सा मूल्य यात्रा बाजार का मूल्य 2022 में लगभग 115.6 अरब डॉलर था, जो 2030 तक लगभग 286.1 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है।
  • यह बाजार लगभग 10.8% की वार्षिक चक्रवृद्धि वृद्धि दर से बढ़ रहा है।

चिकित्सा पर्यटन सूचकांक 2020–21 के अनुसार भारत की स्थिति:

  • विश्व के शीर्ष 46 चिकित्सा पर्यटन स्थलों में 10वाँ स्थान
  • विश्व के शीर्ष 20 स्वास्थ्य पर्यटन बाजारों में 12वाँ स्थान
  • एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शीर्ष 10 स्वास्थ्य स्थलों में 5वाँ स्थान
  • पर्यटन मंत्रालय के अनुसार 2025 में लगभग 5,07,244 विदेशी नागरिक विशेष रूप से चिकित्सा उपचार हेतु भारत आए।
  • यह कुल विदेशी पर्यटक आगमन (FTAs) का लगभग 5.5% है।
  • प्रमुख स्रोत देश: बांग्लादेश, इराक, उज्बेकिस्तान, सोमालिया, तुर्कमेनिस्तान, ओमान और केन्या।
  • भारत में चिकित्सा पर्यटन के प्रमुख केंद्रों में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहर शामिल हैं।
  • गौरतलब है कि रोगी मुख्य रूप से विशेष उपचारों के लिए भारत आते हैं, जैसे: कार्डियक सर्जरी, ऑर्थोपेडिक प्रक्रियाएं, कैंसर का इलाज, अंग प्रत्यारोपण, आयुष-आधारित स्वास्थ्य उपचार आदि।

भारत में चिकित्सा पर्यटन के विकास के लिए ज़िम्मेदार कारक

  • किफ़ायती इलाज: भारत, अमेरिका या यूरोप जैसे देशों की तुलना में बहुत कम खर्च पर मेडिकल प्रक्रियाएँ उपलब्ध कराता है।
  • उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ:भारत में सुविकसित स्वास्थ्य अवसंरचना, अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त अस्पताल तथा कुशल चिकित्सा विशेषज्ञ उपलब्ध हैं।
    • भारत में 69,364 अस्पताल (43,486 निजी तथा 25,778 सरकारी) हैं और लगभग 12 लाख पंजीकृत चिकित्सक कार्यरत हैं।
  • उन्नत चिकित्सा तकनीक की उपलब्धता: भारतीय अस्पताल आधुनिक उपकरणों और अत्याधुनिक उपचार पद्धतियों से सुसज्जित हैं, विशेषकर हृदय रोग, कैंसर तथा अस्थि रोग के क्षेत्रों में।
  • कम प्रतीक्षा समय: चिकित्सा पर्यटकों को शीघ्र उपचार उपलब्ध होता है, जिससे उन्हें उन देशों की तुलना में लंबी प्रतीक्षा से बचाव मिलता है जहाँ स्वास्थ्य सेवाओं में देरी सामान्य है।
  • सरकारी समर्थन एवं नीतियाँ: भारत सरकार ने चिकित्सा पर्यटन को प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न नीतियाँ लागू की हैं, जिनमें चिकित्सा वीजा की सुविधा तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस क्षेत्र का प्रचार शामिल है।
  • आयुष आधारित चिकित्सा मूल्य यात्रा को सुदृढ़ करना: भारत को स्वास्थ्य पर्यटन में अपनी पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों — आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध तथा होम्योपैथी — के कारण विशेष लाभ प्राप्त है।

चिकित्सा पर्यटन को सुदृढ़ करने हेतु सरकारी पहलें

  • राष्ट्रीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य पर्यटन प्रोत्साहन बोर्ड (NMWTB): पर्यटन मंत्रालय द्वारा 2015 में गठित किया गया, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय पर्यटन मंत्री द्वारा की जाती है । यह भारत में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा देता है और उसे सुगम बनाता है।

आयुष तंत्र को सुदृढ़ करना:

  • आयुर्वेद में शिक्षा, अनुसंधान और उपचार सेवाओं को बढ़ाने के लिए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव।
  • जामनगर स्थित विश्व स्वास्थ्य संगठन के वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र का उन्नयन, जिससे प्रमाण-आधारित अनुसंधान और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

वीजा सुधार:

  • ई-चिकित्सा वीजा और ई-चिकित्सा परिचारक वीजा को 172 देशों तक विस्तारित किया गया।
  • पारंपरिक उपचार के इच्छुक लोगों के लिए ई-आयुष वीजा की शुरुआत।
  • डिजिटल सहयोग: चिकित्सा मूल्य यात्रा पोर्टल का पुनर्निर्माण, जो योजना, बुकिंग, भुगतान तथा उपचारोपरांत देखभाल जैसी समग्र सेवाएँ प्रदान करता है।
  • “हील इन इंडिया” पहल: इसका उद्देश्य भारत को समेकित स्वास्थ्य सेवाओं के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

 इसके दो प्रमुख स्तंभ हैं:

  • चिकित्सा पर्यटन: शल्य क्रिया और उन्नत उपचार जैसी सेवाओं पर केंद्रित।
  • स्वास्थ्य पर्यटन: निवारक स्वास्थ्य और समग्र उपचार पर आधारित।

भारत में चिकित्सा पर्यटन की चुनौतियाँ

  • मलेशिया, थाईलैंड और सिंगापुर से कड़ी प्रतिस्पर्धा
  • अधिकांश चिकित्सा सेवाएँ बीमा के अंतर्गत नहीं आतीं, जिससे यह कम आकर्षक बनता है।
  • चिकित्सा मूल्य यात्रा से जुड़े मध्यस्थ संगठित और मान्यता प्राप्त नहीं हैं; कई अपेशेवर एजेंट शोषण करते हैं।
  • नियमन की कमी: इस क्षेत्र के लिए समग्र नियमों का अभाव, जिससे गुणवत्ता की निगरानी नहीं हो पाती।
  • प्रचार की कमी: अस्पताल स्तर पर प्रचार होता है, परंतु भारत को एक वैश्विक ब्रांड के रूप में स्थापित करने हेतु प्रभावी अभियान का अभाव।

आगे की राह

  • चिकित्सा एवं स्वास्थ्य पर्यटन एक उच्च संभावनाओं वाला क्षेत्र है, जो स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक प्रभाव को जोड़ता है।
  • उचित नीतिगत समर्थन, गुणवत्ता सुनिश्चितता और वैश्विक स्तर पर प्रभावी पहचान के माध्यम से भारत सस्ती, समग्र और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं के एक प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में उभर सकता है।

स्रोत: PIB

 

Other News of the Day

पाठ्यक्रम: जीएस-3/अर्थव्यवस्था; अवसंरचना सन्दर्भ  हाल ही में मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) ने भारत की लॉजिस्टिक व्यवस्था में आंतरिक जलमार्गों की बढ़ती भूमिका को एक सुदृढ़ तथा रणनीतिक घटक के रूप में रेखांकित किया है। आंतरिक जलमार्ग का परिचय आंतरिक जल परिवहन (IWT) से आशय नदियों, नहरों, बैकवाटर तथा जलधाराओं के माध्यम से माल और यात्रियों...
Read More

पाठ्यक्रम: जीएस-2/शासन, जीएस- 3/अर्थव्यवस्था सन्दर्भ  भारत सरकार ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के अंतर्गत नियमों में संशोधन करते हुए सीमित चीनी हिस्सेदारी वाली विदेशी कंपनियों के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) मानदंडों को सरल बनाया है। परिचय पूर्व व्यवस्था: उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के अनुसार, सीमावर्ती देशों से किसी भी स्तर के...
Read More

पाठ्यक्रम: जीएस- 3/कृषि सन्दर्भ भारतीय कृषि पर जलवायु परिवर्तनशीलता तथा बढ़ती इनपुट लागत का प्रभाव बढ़ रहा है, जिससे कृषि अभियांत्रिकी इस क्षेत्र में दक्षता, सततता और लचीलापन बढ़ाने का एक महत्त्वपूर्ण साधन बन गई है। कृषि अभियांत्रिकी क्या है? कृषि अभियांत्रिकी में अभियांत्रिकी सिद्धांतों, वैज्ञानिक ज्ञान तथा तकनीकी नवाचारों का उपयोग करके कृषि उत्पादकता...
Read More

पाठ्यक्रम: जीएस-3/आपदा प्रबंधन सन्दर्भ केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के सहयोग से, 4 से 10 मई 2026 तक पूरे भारत में ‘अग्नि सुरक्षा सप्ताह’ मनाने जा रहा है, जिसका उद्देश्य आग से होने वाले खतरों की रोकथाम और शमन के महत्त्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। भारत में अग्नि सेवाएँ अग्नि...
Read More

अंडमान ने दो गिनीज विश्व रिकॉर्ड स्थापित किए  पाठ्यक्रम: GS1/सुर्ख़ियों में रहे स्थान सन्दर्भ अंडमान और निकोबार द्वीप समूह ने स्वराज द्वीप (पूर्व में हैवलॉक द्वीप) पर पानी के भीतर सबसे ऊँचा मानव पिरामिड बनाकर एक और गिनीज विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। परिचय यह उपलब्धि उस घटना के एक दिन बाद प्राप्त हुई, जब केंद्रशासित...
Read More
scroll to top