संक्षिप्त समाचार  09-04-2026

सॉइल सखियाँ(Soil Sakhis)

पाठ्यक्रम: GS3/कृषि

संदर्भ

  • पश्चिम महाराष्ट्र के सूखा-प्रवण जिलों में “सॉइल सखियाँ” पहल महिलाओं को सशक्त बना रही है, साथ ही मृदा के स्वास्थ्य और कृषि उत्पादकता में सुधार कर रही है।

पहल के बारे में

  • 2023 में मन्न देशी फाउंडेशन के कृषि और जलवायु कार्रवाई कार्यक्रम के अंतर्गत प्रारंभ।
  • ग्रामीण महिलाओं को “सॉइल सखियाँ” के रूप में प्रशिक्षित किया जाता है ताकि वे मृदा परीक्षण और वैज्ञानिक खेती की पद्धतियों को बढ़ावा दें।
  • सतारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर और पुणे जिलों में लागू।

प्रमुख विशेषताएँ

  • सॉइल सखियाँ नमूने एकत्र करती हैं और प्रयोगशालाओं के माध्यम से मृदा परीक्षण को सुगम बनाती हैं।
  • किसानों को फसल और पोषण प्रबंधन हेतु उपयोगी रिपोर्ट प्राप्त होती है।
  • सॉइल सखियाँ प्रति माह लगभग ₹8,000–₹10,000 कमाती हैं (पेट्रोल भत्ता अलग)।

स्रोत: TH

FSSAI पशु आहार का विनियमन नहीं कर सकता

पाठ्यक्रम: GS2/स्वास्थ्य/शासन

संदर्भ

  • दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के उस विनियमन को निरस्त कर दिया, जिसमें दूध उत्पादन करने वाले पशुओं के लिए गोवंशीय या सूअर के मांस अथवा हड्डी के चूर्ण वाले पशु-आहार की बिक्री पर रोक लगाई गई थी।

परिचय 

  • FSSAI ने दूध और मांस उत्पादन करने वाले पशुओं के लिए मांस या हड्डी के चूर्ण के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया था, अपवादस्वरूप मुर्गी, सूअर एवं मछली के लिए अनुमति थी।
  • दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि FSSAI को पशु-आहार हेतु मानक निर्धारित करने का अधिकार नहीं है; इसका अधिकार क्षेत्र केवल मानव उपभोग हेतु खाद्य पदार्थों तक सीमित है।

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI)

  • स्थापना: खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत।
  • प्रशासनिक प्राधिकरण: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय।
  • उद्देश्य: खाद्य पदार्थों के लिए वैज्ञानिक मानक निर्धारित करना तथा उनके निर्माण, भंडारण, वितरण, बिक्री और आयात को विनियमित करना ताकि मानव उपभोग हेतु सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो सके।
  • मुख्यालय: दिल्ली।
  • FSSAI और राज्य खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों को लागू करते हैं।

स्रोत: TH

मंत्रिमंडल द्वारा फॉस्फेट एवं पोटाश उर्वरक सब्सिडी में 12% वृद्धि को स्वीकृति प्रदान

पाठ्यक्रम: GS3/कृषि

समाचार में

  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने खरीफ मौसम 2026 के लिए फॉस्फेटिक और पोटैसिक (P&K) उर्वरकों हेतु पोषक तत्व-आधारित सब्सिडी (NBS) दरों में 12% वृद्धि को स्वीकृति प्रदान की है।

पोषक तत्व-आधारित सब्सिडी (NBS) योजना के बारे में

  • प्रारंभ: 2010 में रसायन और उर्वरक मंत्रालय द्वारा।
  • उद्देश्य:
    • पोषक तत्वों में संतुलित उर्वरक उपयोग को प्रोत्साहित करना।
    • सरकार के सब्सिडी भार को तर्कसंगत और नियंत्रित करना।
    • कृषि में पोषक तत्व प्रबंधन को दक्ष बनाना।
  • प्रमुख विशेषताएँ:
    • सब्सिडी पोषक तत्व-केंद्रित होती है, अर्थात् यह निम्न तत्वों की मात्रा पर आधारित होती है:
      • नाइट्रोजन (N)
      • फॉस्फोरस (P)
      • पोटैशियम (K)
      • सल्फर (S)
    • योजना में 28 अधिसूचित P&K उर्वरक ग्रेड शामिल हैं, जिनमें DAP और SSP जैसे सामान्य उत्पाद सम्मिलित हैं।
    • यूरिया NBS के अंतर्गत नहीं आता और अलग सब्सिडी व्यवस्था में रहता है।

स्रोत: TH

11 वर्ष पूर्ण: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY)

पाठ्यक्रम: GS3/अर्थव्यवस्था; GS2/सरकारी पहल

संदर्भ

  • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) ने 11 वर्ष पूरे कर लिए हैं।

परिचय 

  • प्रारंभ: 2015
  • उद्देश्य: गैर-निगमित और गैर-कृषि आय-सृजन गतिविधियों हेतु छोटे व्यवसायों को समर्थन देना।
  • लक्षित समूह: नए उद्यमी, छोटे दुकानदार, महिला उद्यमी, रेहड़ी-पटरी वाले विक्रेता, कारीगर, फल/सब्ज़ी विक्रेता और छोटे विनिर्माण इकाइयाँ।
  • ऋण प्रदाता: वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs), स्मॉल फाइनेंस बैंक, माइक्रोफाइनेंस संस्थान (MFIs) और NBFCs।
  • मुद्रा ने चार उत्पाद विकसित किए:
    • शिशु: ₹50,000/- तक के ऋण।
    • किशोर: ₹50,000/- से ₹5 लाख तक के ऋण।
    • तरुण: ₹5 लाख से ₹10 लाख तक के ऋण।
    • तरुण प्लस: ₹10 लाख से ₹20 लाख तक के ऋण।
  • ऋण विनिर्माण, व्यापार और सेवा क्षेत्रों में टर्म फाइनेंसिंग एवं कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं को कवर करते हैं, जिनमें कृषि-संबद्ध गतिविधियाँ जैसे पोल्ट्री, डेयरी और मधुमक्खी पालन शामिल हैं।
  • ब्याज दर RBI दिशा-निर्देशों द्वारा नियंत्रित होती है, पुनर्भुगतान शर्तें लचीली हैं।

स्रोत: PIB

स्किल्स आउटकम्स फंड

पाठ्यक्रम: GS3/अर्थव्यवस्था

संदर्भ

  • कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) ने स्किल्स आउटकम्स फंड स्थापित करने हेतु अभियान प्रारंभ किया है।

परिचय 

  • उद्देश्य: आर्थिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं के लिए बेहतर करियर अवसर उपलब्ध कराना।
  • यह पहल स्किल इम्पैक्ट बॉन्ड की उपलब्धियों पर आधारित है, जो 2021 में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) द्वारा प्रारंभ किया गया भारत का प्रथम परिणाम-आधारित प्रोजेक्ट था।
    • स्किल इम्पैक्ट बॉन्ड ने निजी क्षेत्र के संसाधनों और ज्ञान का उपयोग किया, जिसमें केवल प्रशिक्षण पूर्णता के बजाय वास्तविक रोजगार प्राप्ति एवं दीर्घकालिक रोजगार को प्राथमिकता दी गई।
  • NSDC इस नए फंड का नेतृत्व और प्रबंधन भी करेगा।
  • वित्तीय सहायता सीधे प्रमाणित करियर परिणामों से जुड़ी होगी, विशेष रूप से नियुक्ति और निरंतर रोजगार पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

स्रोत: PIB

उल्कापिंड (Meteorites)

पाठ्यक्रम: GS3/अंतरिक्ष

संदर्भ

  • आर्टेमिस-II मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा पर उल्कापिंडों के प्रभाव देखे।

उल्कापिंड क्या हैं?

  • उल्कापिंड किसी धूमकेतु, क्षुद्रग्रह या उल्का-पिंड से उत्पन्न ठोस अवशेष होते हैं, जो बाह्य अंतरिक्ष से आते हैं और वायुमंडल से गुजरकर ग्रह या चंद्रमा की सतह तक पहुँच जाते हैं।
  • उल्कापिंड के प्रकार
    • शैलयुक्त (Stony): मुख्यतः सिलिकेट खनिजों से बने।
    • लौहयुक्त (Iron): लोहे और निकल से समृद्ध।
    • शैल-लौहयुक्त (Stony-Iron): धात्विक और शैल पदार्थ का मिश्रण।

आर्टेमिस-II मिशन के बारे में

  • आर्टेमिस-II मिशन नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम के अंतर्गत एक मानवयुक्त चंद्र फ्लाईबाई मिशन है।
  • इसे 1 अप्रैल 2026 को प्रक्षेपित किया गया, जो 1972 के अपोलो-17 के बाद चंद्रमा के निकट प्रथम मानव मिशन है।
  • इस मिशन में ओरियन अंतरिक्ष यान पर चार अंतरिक्ष यात्री सवार हैं।
  • यह 10-दिवसीय मिशन है, जिसमें चंद्रमा की परिक्रमा कर पृथ्वी पर वापसी होती है, बिना चंद्रमा पर उतरने के।

स्रोत: TH

                   जम्मू और कश्मीर में झीलों का क्षरण

पाठ्यक्रम: GS3/पर्यावरण

संदर्भ

  • भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने पाया है कि 1967 से अब तक जम्मू और कश्मीर की लगभग आधी झीलें समाप्त हो चुकी हैं तथा उन्होंने पारिस्थितिक संकट की चेतावनी दी है।

प्रमुख कारण

  • अनियंत्रित मानवीय गतिविधियाँ और अतिक्रमण।
  • संस्थागत समन्वय की कमजोरी।
  • एकीकृत नियामक ढाँचे का अभाव, जिसके कारण भूमि उपयोग में परिवर्तन।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश की प्रमुख झीलें

  • डल झील: प्रसिद्ध ताजे जल की झील, हाउसबोट्स, शिकारे और तैरते बाग़ (राड) के लिए जानी जाती है।
  • वुलर झील: भारत की सबसे बड़ी ताजे जल की झील, जो विवर्तनिक गतिविधि से बनी है। इसे झेलम नदी पोषित करती है और यह रामसर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है।
  • पैंगोंग त्सो: उच्च हिमालयी लवणीय जल की झील, जो तिब्बत तक फैली है। इसके बदलते रंग और सामरिक महत्व प्रसिद्ध हैं।
  • त्सो मोरीरी: एक अन्य उच्च हिमालयी लवणीय झील, यह भी रामसर स्थल है।
  • मानसबाल झील: क्षेत्र की सबसे गहरी ताजे जल की झीलों में से एक, जिसके किनारे नूरजहाँ द्वारा निर्मित मुगल उद्यान जरोक़ा बाग़ स्थित है।
  • होकर्सर आर्द्रभूमि: “आर्द्रभूमियों की रानी” के रूप में प्रसिद्ध।
  • सुरिनसर झील और मानसर झील: जुड़वाँ झीलें, दोनों रामसर स्थल हैं।

स्रोत: DTE

                      एक्सरसाइज साइक्लोन-IV

पाठ्यक्रम: GS3/रक्षा अभ्यास

संदर्भ

  • भारतीय सेना मिस्र में आयोजित एक्सरसाइज साइक्लोन-IV के चौथे संस्करण में भाग ले रही है।

परिचय 

  • प्रारंभ: 2023
  • यह भारत-मिस्र द्विपक्षीय संयुक्त विशेष बलों का सैन्य अभ्यास है।
  • उद्देश्य:
    • पेशेवर विशेषज्ञता का परस्पर आदान-प्रदान।
    • मैत्री और सहयोग को सुदृढ़ करना।
    • एक-दूसरे की सैन्य परंपराओं और संस्कृतियों की गहन समझ विकसित करना।

स्रोत: TH

 

Other News of the Day

पाठ्यक्रम: GS1/ इतिहास और संस्कृति संदर्भ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा एलीफैंटा द्वीप पर किए गए एक प्रमुख उत्खनन में 1,500 वर्ष पुराना सीढ़ीनुमा जलाशय उजागर हुआ है। सीढ़ीनुमा जलाशय की प्रमुख विशेषताएँ उत्खनित संरचना एक T-आकार का सीढ़ीनुमा जलाशय है, जो योजनाबद्ध स्थापत्य डिज़ाइन को दर्शाता है। जलाशय की लंबाई लगभग 14.7 मीटर है,...
Read More

पाठ्यक्रम: GS2/ अंतर्राष्ट्रीय संबंध संदर्भ भारत और तुर्किये ने चार वर्षों के अंतराल के बाद विदेश कार्यालय परामर्श (FoC) का 12वाँ दौर आयोजित किया, जो तनावपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों को पुनर्जीवित करने के प्रयासों का संकेत देता है। पृष्ठभूमि राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोआन के नेतृत्व में तुर्किये ने अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर बार-बार कश्मीर मुद्दा उठाया। संबंध...
Read More

पाठ्यक्रम: GS2/ शासन; GS3/ भूमि सुधार संदर्भ वर्ल्ड इनइक्वैलिटी लैब के एक कार्यपत्र में ग्रामीण भारत में भूमि असमानता की सीमा और प्रकृति को उजागर किया गया है। यह अध्ययन सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना के आँकड़ों पर आधारित है, जिसमें 2.7 लाख गाँवों के 65 करोड़ लोग शामिल हैं। अध्ययन के प्रमुख निष्कर्ष भूमि स्वामित्व का...
Read More

पाठ्यक्रम: GS2/शासन संदर्भ गृह मंत्रालय (MHA) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को निर्देश जारी किए हैं, जिनमें फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं (FSLs) को सुदृढ़ करने, रिक्त पदों को भरने एवं तीन माह के अंदर लंबित मामलों को निपटाने पर बल दिया गया है। निर्देश MHA ने सभी राज्यों को फॉरेंसिक विज्ञान...
Read More

पाठ्यक्रम: GS3/नवीकरणीय ऊर्जा संदर्भ एक करोड़ पीएम सूर्य घर परिवारों का लक्ष्य 2027 तक पूरा करने हेतु नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) राज्यों को ‘यूटिलिटी लीड एग्रीगेशन (ULA)’ मॉडल अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। परिचय MNRE राज्यों को आकर्षित करने के लिए पीएम सूर्य योजना को अधिक आकर्षक बनाने हेतु एक प्रोत्साहन...
Read More
scroll to top