75वाँ भारतीय गणतंत्र दिवस 2024: इतिहास, थीम, कार्यक्रम, परेड, मुख्य अतिथि और अन्य सम्बंधित तथ्य

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भारतीय गणतंत्र दिवस
भारतीय गणतंत्र दिवस

भारतीय गणतंत्र दिवस: गणतंत्र दिवस वह दिन है जिसे “हम, भारत के लोग,” लोकतंत्र, विविधता और भारत की सामूहिक भावना के पर्व के रूप में मनाते हैं। जैसा कि हम जानते हैं, राष्ट्र 26 जनवरी 2024 को 75वें भारतीय गणतंत्र दिवस के भव्य समारोह के लिए तैयार है, आइए इस महत्त्वपूर्ण अवसर के विभिन्न पहलुओं पर विचार करें।

भारतीय गणतंत्र दिवस के बारे में

भारतीय गणतंत्र दिवस भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है जो भारत के संविधान के लागू होने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था। इसलिए प्रतिवर्ष 26 जनवरी को भारतीय गणतंत्र दिवस मनाया जाता है।

भारतीय गणतंत्र दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत के गणतंत्र दिवस का ऐतिहासिक संदर्भ भारतीयों के स्वतंत्रता संघर्ष से जुड़ा हुआ है। यद्यपि भारत ने 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता प्राप्त की थी, लेकिन उस समय तक भारत का अपना कोई संविधान नहीं था। उस समय कानून और शासन प्रणाली 1935 के भारत सरकार अधिनियम के एक संशोधित संस्करण पर आधारित थी।

29 अगस्त 1947 को भारत में एक स्थायी संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए एक प्रारुप समिति के गठन के लिए संविधान सभा में एक प्रस्ताव रखा गया था। तदनुसार, डॉ. बी.आर. अंबेडकर की अध्यक्षता में प्रारुप समिति का गठन किया गया। समिति ने 4 नवंबर 1948 को संविधान का अंतिम प्रारूप संविधान सभा में प्रस्तुत किया।

फिर विचार-विमर्श और कुछ संशोधनों के पश्चात् संविधान के प्रारुप को 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा पारित किया गया। संविधान के कुछ प्रावधान 26 नवंबर 1949 को ही लागू हो गए। हालाँकि, संविधान के प्रमुख भाग 26 जनवरी 1950 से लागू हुए। यही वह तिथि थी जब भारत वास्तव में एक संप्रभु गणराज्य बना।

26 जनवरी 1950 के अवसर को 21 तोपों की सलामी और डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को फहराने से चिह्नित किया गया। तत्पश्चात, 26 जनवरी को भारत के गणतंत्र दिवस के रूप में मान्यता दी गई।

26 जनवरी को विशेष रूप से संविधान की ‘प्रारंभ तिथि’ के रूप में चुना गया था क्योंकि इसी दिन 1930 में कांग्रेस के लाहौर सत्र (दिसंबर 1929) के प्रस्ताव के बाद पूर्ण स्वराज दिवस मनाया गया था।

गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान कार्यक्रमों का क्रम (Chronological Order of Events during Republic Day Celebrations)

हालाँकि भारतीय गणतंत्र दिवस पूरे देश में मनाया जाता है, लेकिन मुख्य कार्यक्रम राष्ट्रीय राजधानी – नई दिल्ली में होते है। ये प्रमुख कार्यक्रम निम्नलिखित है:-

परेड-पूर्व कार्यक्रम (Pre-Parade Events)

प्रारम्भभारत का गणतंत्र दिवस समारोह 23 जनवरी (पराक्रम दिवस या नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती) से शुरू होता है।
a. 2022 से पहले, भारतीय गणतंत्र दिवस समारोह 24 जनवरी से शुरू होता था। लेकिन, 2022 में, सरकार ने नेताजी की जयंती को गणतंत्र दिवस समारोह के भाग के रूप में शामिल करते हुए शुरुआती तिथि को 23 जनवरी कर दिया।
गणतंत्र दिवस भाषणगणतंत्र दिवस से ठीक एक दिन पहले भारत के राष्ट्रपति राष्ट्र को संबोधित करते हैं। यह संबोधन, जिसे आमतौर पर 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के भाषण के रूप में जाना जाता है, राष्ट्र की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य के लिए दृष्टिकोण को रेखांकित करता है।
अमर जवान ज्योति पर पुष्पांजलि (Wreath-Laying at the Amar Jawan Jyoti) गणतंत्र दिवस की सुबह प्रधानमंत्री अमर जवान ज्योति युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। यह दिन के आधिकारिक स्मरणोत्सव के शुरुआत का प्रतीक है।
राष्ट्रीय ध्वज फहराना(The Unfurling of the National Flag)राष्ट्रपति कर्तव्य पथ (पूर्व में राजपथ के नाम से जाना जाता था) पर पहुँचते हैं और राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं। इसके बाद राष्ट्रगान बजाया जाता है और 21 तोपों की सलामी दी जाती है।

गणतंत्र दिवस परेड (The Republic Day Parade)

गणतंत्र दिवस परेड राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद प्रारम्भ होती है और यह गणतंत्र दिवस समारोह का मुख्य भाग होती है। परेड में कुछ प्रमुख झलकियाँ भी शामिल होती हैं:

भारतीय सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों की मार्चिंग टुकड़ियाँ (Marching contingents)
‘डेयर डेविल्स’ द्वारा मोटरसाइकिल स्टंट;
जीवंत झांकियाँ (Vibrant tableaux) भारत के विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ सरकार के विभिन्न विभागों/मंत्रालयों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
विभिन्न राज्यों के लोक नृत्य दल।
भारतीय वायु सेना के विभिन्न विमानों द्वारा मनमोहक फ्लाई-पास्ट (fly-pasts) से परेड का समापन होता है।

परेड के बाद के कार्यक्रम (Post-Parade Events)

पद्म पुरस्कार और वीरता पुरस्कार प्रदान करना (Bestowing of Padma Awards and Gallantry Awards): गणतंत्र दिवस की शाम को भारत के राष्ट्रपति संबंधित पुरस्कार विजेताओं को प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कार और वीरता पुरस्कार प्रदान करते हैं।
बीटिंग रिट्रीट समारोह और समापन(Beating Retreat Ceremony and Conclusion): बीटिंग रिट्रीट समारोह 29 जनवरी को आयोजित किया जाता है और गणतंत्र दिवस समारोह के समापन का प्रतीक है।

भारत का 75वाँ गणतंत्र दिवस 2024 (The 75th Republic Day of India)

26 जनवरी, 2024 को भारत अपना 75वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। गणतंत्र दिवस की 75वीं वर्षगांठ होने के कारण यह सभी भारतीयों के लिए एक विशेष अवसर और उत्सव हो जाता है। जिन आयोजनों की योजना बनाई गई है और वे जिन विषयों पर आधारित हैं, वे देश की प्रगति, लोकतंत्र और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक भव्य उत्सव होने का संकेत करते हैं।

निम्नलिखित कार्यक्रम भारत गणतंत्र दिवस समारोह 2024 के विभिन्न पहलुओं की व्याख्या करते हैं:-

गणतंत्र दिवस समारोह 2024 की थीम (Themes of Republic Day Celebrations)

  • 75वें गणतंत्र दिवस 2024 की थीम हैं: ‘विकसित भारत’ और ‘भारत – लोकतंत्र की मातृका’
  • इन विषयों को माननीय प्रधान मंत्री जी के विचारों के अनुरूप चुना गया है कि ‘भारत वास्तव में लोकतंत्र की जननी है’
  • ये विषय विभिन्न राज्यों और सरकारी विभागों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली झांकियों में प्रतिबिंबित होंगे, जो प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक विरासत जैसे विभिन्न क्षेत्रों में भारत की प्रगति को प्रदर्शित करेंगे।

75वें भारतीय गणतंत्र दिवस समारोह 2024 की प्रमुख विशेषताएँ

महिला-केंद्रित गणतंत्र दिवस परेड (A Women-Centric Republic Day Parade)

  • कर्तव्य पथ पर 75वें गणतंत्र दिवस 2024 की परेड महिलाओं की भूमिका पर अधिक केंद्रित होगी। महिला मार्चिंग टुकड़ियाँ परेड का प्रमुख हिस्सा होंगी।
  • पहली बार, परेड की शुरुआत 100 महिला कलाकारों द्वारा भारतीय संगीत वाद्ययंत्र जैसे शंख, नादस्वरम, नगाड़ा आदि बजाते हुए की जाएगी।
  • परेड में पहली बार एक महिलाओं की त्रि-सेवा दल (Tri-Service Contingent) को भी कार्तव्य पथ पर मार्च करते हुए देखा जाएगा।
  • CAPF दल में भी महिला कर्मी शामिल होंगी।
  • कुल मिलाकर, भारत गणतंत्र दिवस परेड 2024 को गणतंत्र दिवस परेड में अब तक महिलाओं के सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधित्व का प्रदर्शन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

गणतंत्र दिवस परेड में फ्रांसीसियों की भागीदारी (French Participation in the Republic Day Parade)

  • फ्रांस की 33 सदस्यीय बैंड टुकड़ी और 95 सदस्यीय मार्चिंग दल भी 75वें भारतीय गणतंत्र दिवस परेड 2024 में भाग लेंगे।
  • भारतीय वायु सेना के विमानों के साथ, फ्रांसीसी वायु सेना भी अपने एक मल्टी रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट (MRTT) विमान और दो राफेल विमान के साथ इस वर्ष फ्लाई-पास्ट में भाग लेगी।

विशेष अतिथि के रूप में किसान (Farmers as Special Guests)

  • पहली बार, गणतंत्र दिवस परेड 2024 के लिए लगभग 1,500 किसानों और उनके जीवनसाथियों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
    • इनमें किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के किसान प्रतिनिधि, पीएम-किसान और सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं।
  • यह निमंत्रण सरकार के जनभागीदारी के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए दिया गया है।
  • किसानों को आमंत्रित करने का उद्देश्य सभी क्षेत्रों के लोगों को राष्ट्रीय उत्सव में भाग लेने का अवसर प्रदान करना है।

झांकियाँ (Tableaux)

  • परेड में कुल 16 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 9 मंत्रालयों/विभागों की 25 झांकियाँ शामिल होंगी।

वस्त्र स्थापना ‘अनंत सूत्र – अंतहीन धागा'(Textile Installation ‘Anant Sutra – The Endless Thread’)

  • गणतंत्र दिवस समारोह 2024 के हिस्से के रूप में, संस्कृति मंत्रालय कार्तव्य पथ पर ‘अनंत सूत्र – अंतहीन धागा’ नामक एक वस्त्र स्थापना का प्रदर्शन करेगा।
  • भारतीय साड़ी को एक शानदार श्रद्धांजलि के रूप में, यह अनूठी स्थापना देश भर से लगभग 1,900 साड़ियों और पर्दों को प्रदर्शित करेगी।
  • इस प्रकार स्थापित किए गए वस्त्रों में QR कोड होंगे जिन्हें स्कैन करके उनमें उपयोग की जाने वाली बुनाई और कढ़ाई कला के बारे में विवरण जान सकते हैं।

स्मारक सिक्का और डाक टिकट (Commemorative Coin & Stamp)

  • रक्षा मंत्रालय समारोह के दौरान एक स्मारक सिक्का और स्मारक डाक टिकट जारी करेगा।

राष्ट्रीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता(National School Band Competition)

  • गणतंत्र दिवस समारोह 2024 के हिस्से के रूप में, अखिल भारतीय स्तर पर एक राष्ट्रीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता आयोजित की गई थी।
  • इसका उद्देश्य स्कूली बच्चों में देशभक्ति, एकता और राष्ट्रीय गौरव की भावना जगाना था।

वंदे भारतम 3.0 (Vande Bharatam 3.0)

  • वंदे भारतम नृत्य प्रतियोगिता के तीसरे संस्करण, वंदे भारतम 3.0 का आयोजन भी गणतंत्र दिवस समारोह 2024 का एक हिस्सा बना। इस प्रतियोगिता से चुनी गई महिला कलाकारों के समूह गणतंत्र दिवस परेड 2024 के दौरान कर्तव्य पथ पर प्रदर्शन करेंगे।

वीर गाथा 3.0

  • रक्षा मंत्रालय ने शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से गणतंत्र दिवस समारोह 2024 के एक हिस्से के रूप में परियोजना वीर गाथा के तीसरे संस्करण का आयोजन किया।
  • कुल 100 स्कूली छात्रों को ‘सुपर-100‘ घोषित किया गया है, जो 75वें भारत गणतंत्र दिवस परेड 2024 में भाग लेंगे।
  • वीर गाथा एक अखिल भारतीय पहल है जिसे आजादी का अमृत महोत्सव में शुरू किया गया था ताकि स्कूली बच्चों को सशस्त्र बलों द्वारा किए गए वीरतापूर्ण कार्यों और बलिदानों के बारे में शिक्षित किया जा सके।

भारत पर्व ( Bharat Parv)

  • पर्यटन मंत्रालय दिल्ली के लाल किले पर ‘भारत पर्व‘ का आयोजन करेगा।
  • जनभागीदारी’ थीम को प्रतिबिंबित करते हुए, इसमें गणतंत्र दिवस की झांकियाँ , सांस्कृतिक प्रदर्शन, सैन्य बैंड के प्रदर्शन, शिल्प बाजार के साथ-साथ अखिल भारतीय व्यंजन परोसने वाले फूड कोर्ट का प्रदर्शन किया जाएगा।

पराक्रम दिवस (Parakram Diwas)

  • भारतीय गणतंत्र दिवस समारोह 2024 के हिस्से के रूप में संस्कृति मंत्रालय द्वारा लाल किले पर पराक्रम दिवस कार्यक्रम के आयोजन की भी योजना बनाई गई है।
  • यह नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन पर आधारित होगा।
  • इस आयोजन के दौरान नियोजित विभिन्न गतिविधियों में 3-डी प्रोजेक्शन मैपिंग/लाइट एंड साउंड शो, प्रोजेक्शन मैपिंग विद प्ले/डांस प्रदर्शन आदि शामिल हैं।

बीटिंग रिट्रीट समारोह (Beating Retreat Ceremony)

  • 75वां गणतंत्र दिवस 2024 समारोह का समापन 29 जनवरी, 2024 को विजय चौक पर आयोजित होने वाले बीटिंग रिट्रीट समारोह द्वारा किया जाएगा।
  • इसमें भारतीय सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय वायु सेना और CAPF के बैंड द्वारा बजाई जाने वाली सभी भारतीय धुनें सुनाईं जाएंगी।
  • बीटिंग रिट्रीट समारोह के हिस्से के रूप में, एक ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी जिसमें लोग सैनिकों की देशभक्ति और बलिदान को उजागर करते हुए भारतीय धुनें गा सकते हैं या बजा सकते हैं और उन्हें MyGov पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं। शीर्ष प्रविष्टियों को पुरस्कार दिया जाएगा।

75वें भारतीय गणतंत्र दिवस 2024 के मुख्य अतिथि (Chief Guest of the 75th Indian Republic Day)

भारत के गणतंत्र दिवस समारोह 2024 में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह छठी बार होगा जब कोई फ्रांसीसी नेता भारतीय गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि होंगे। इससे पहले पिछले वर्ष गणतंत्र दिवस 2023 में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह एल-सिसी मुख्य अतिथि थे।

गणतंत्र दिवस मुख्य अतिथि के बारे में रोचक तथ्य (Interesting Facts about the Republic Day Chief Guest)

1950 में प्रथम गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो थे।
– गणतंत्र दिवस समारोह के लिए मुख्य अतिथि चुनने की प्रक्रिया कार्यक्रम से लगभग छह महीने पहले प्रारम्भ हो जाती है। काफी विचार-विमर्श और औपचारिकताओं के बाद अंतिम निर्णय लिया जाता है।
– भारतीय गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि की यात्रा प्रतीकात्मकता से भरी होती है और यह भारत और आमंत्रित राष्ट्र के बीच संबंधों को बनाने और नवीनीकृत करने के लिए एक शक्तिशाली उपकरण के रूप में कार्य करती है। इस प्रकार इसका राजनीतिक और कूटनीतिक महत्त्व भी अधिक है।
– आमंत्रण देने से पहले निम्नलिखित तथ्यों को ध्यान में रखा जाता है वे हैं:
1.भारत और संबंधित देश के बीच संबंधों की प्रकृति।
2. भारत के राजनीतिक, वाणिज्यिक, सैन्य और आर्थिक हित। भारत सरकार इस अवसर का उपयोग इन सभी क्षेत्रों में आमंत्रित देश के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए करती है।
3. एक ऐतिहासिक कारक जो स्वत्रंता के पश्चात् से मुख्य अतिथि के चयन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, वह गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) के साथ जुड़ाव।

गणतंत्र दिवस समारोह का महत्त्व (Importance of Republic Day Celebration)

भारतीय गणतंत्र दिवस समारोह के विविध महत्त्व को इस प्रकार देखा जा सकता है:

संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता (Commitment to Constitutional Values)भारतीय गणराज्य के पर्व के उपलक्ष्य के रूप में, यह न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति राष्ट्र की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सांस्कृतिक विरासत का उत्सव (Celebration of Cultural Heritage)भारत के गणतंत्र दिवस समारोह का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा बनने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम, भारत के विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक नृत्य, लोक संगीत और कला रूपों का प्रदर्शन करते हैं। ये सभी भारत की सांस्कृतिक विविधता के साथ-साथ सांस्कृतिक समृद्धि को भी उजागर करते हैं।
शिक्षा और प्रेरणा (Education and Inspiration)एक महत्त्वपूर्ण राजनीतिक मील के पत्थर की स्मृति के रूप में, गणतंत्र दिवस समारोह युवा पीढ़ी को हमारे संविधान पर आधारित मौलिक दर्शन और मूल्यों के विषय में शिक्षित करता है। इसके साथ ही, वे नागरिकों में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और देशभक्ति की भावना पैदा करते हैं और उन्हें हमारे राष्ट्र की प्रगति में योगदान करने के लिए प्रेरित करते हैं।
राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना (Promotion of National Unity)गणतंत्र दिवस परेड के साथ-साथ सांस्कृतिक उत्सव में विभिन्न क्षेत्रों की सांस्कृतिक विरासत, कला रूपों और उपलब्धियों को झाँकियों द्वारा दिखाया जाता है। ‘कश्मीर से कन्याकुमारी’ तक इस विशाल विविधता को एक मंच पर प्रदर्शित करना भारतीय समाज की मूल विशेषता – ‘विविधता में एकता’को प्रदर्शित करता है।
वीरता और बलिदान को श्रद्धांजलि (A Tribute to Valor and Sacrifice)गणतंत्र दिवस आजादी के समय हमारे स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा दिखाए गए साहस और बलिदान की याद दिलाता है।
चिंतन का दिन (A Day of Reflection)जिस तरह से समारोह के हिस्से के रूप में घटनाएं सामने आती हैं, वह एक नवोदित लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में समक्ष चुनौतियों पर काबू पाने से लेकर मजबूत, समृद्ध और समावेशी राष्ट्र की ओर प्रगति तक भारत की अविश्वसनीय यात्रा की एक झलक देता है। इस प्रकार, यह एक तरह से आत्मनिरीक्षण और चिंतन का दिन है।
भविष्य के लिए प्रतिज्ञा(Pledge for the Future)राष्ट्र द्वारा की गई प्रगति पर चिंतन करने के साथ-साथ, यह भविष्य के लिए अपनी प्रतिबद्धताओं को और मजबूत करने की एक संकल्प भावना को नागरिकों में पैदा करता है। समारोह के दौरान तकनीकी विकास, आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण पर जोर एक अधिक समृद्ध और समावेशी राष्ट्र के मनोभाव को नागरिकों के हृदय में भरता है ।
रणनीतिक संदेश (Strategic Messaging)गणतंत्र दिवस परेड हमारे देश की सैन्य शक्ति को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करती है। साथ ही, सरकारी संगठनों के झांकी राष्ट्र द्वारा की गई विकासात्मक उपलब्धियों को प्रदर्शित करते हैं। ये सभी अपने देशवासियों में आश्वासन की भावना पैदा करने के साथ-साथ विश्व में एक रणनीतिक संदेश को भी प्रसारित करते हैं।
भारत के कूटनीतिक संबंधो को मजबूती (Strengthening India’s Diplomacy)गणतंत्र दिवस समारोह आमतौर पर विदेशी गणमान्य व्यक्तियों और मीडिया की उपस्थिति में होते है। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में विभिन्न देशों के राष्ट्रध्यक्षों के निमंत्रण दिया जाता है, जिससे भारत के कुटनीतिक संबंधों को मजबूती मिलती है।

एक महत्त्वपूर्ण राजनीतिक मील के पत्थर की स्मृति से अधिक, भारतीय गणतंत्र दिवस भारत की यात्रा, पहचान और लोकतांत्रिक सिद्धांतों का उत्सव है जो इसकी विविध आबादी को एकता के सूत्र में बांधे रखता है। यह अतीत के बलिदानों को श्रद्धांजलि देने, वर्तमान की उपलब्धियों का जश्न मनाने और एक ऐसे भविष्य की कल्पना करने का दिन है जहाँ राष्ट्र प्रगति और समृद्धि की ओर अग्रसर हो।

जैसे ही देश में 75वें गणतंत्र दिवस 2024 समारोह का उत्साह बढ़ रहा है, NEXT IAS आपको गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ देता है!

भारतीय गणतंत्र दिवस पर सामान्यत: पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

गणतंत्र दिवस क्या है?

भारत का गणतंत्र दिवस हमारे देश का एक राष्ट्रीय पर्व है जो 26 जनवरी, 1950 को भारत के संविधान के लागू होने की याद दिलाता है।

हम गणतंत्र दिवस क्यों मनाते हैं?

भारत में गणतंत्र दिवस उस दिन की याद में मनाया जाता है जब भारत का संविधान लागू हुआ था।

26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में क्यों मनाया जाता है?

भारत में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ था।

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