पाठ्यक्रम: GS3/ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
समाचार में
- भारत के सर्वोच्च न्यायालय (SC) ने निर्णय दिया है कि ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) के लिए स्टेम सेल थेरेपी (SCT) को नियमित नैदानिक उपचार के रूप में प्रस्तुत करना अनैतिक है और चिकित्सीय कदाचार की श्रेणी में आता है।
- ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) एक न्यूरो-डेवलपमेंटल स्थिति है, जो व्यक्ति की सामाजिक सहभागिता, संचार और व्यवहार को प्रभावित करती है।
सर्वोच्च न्यायालय ने इसे अनैतिक क्यों माना?
- वैज्ञानिक प्रमाणों की कमी: ऐसा कोई ठोस नैदानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है कि स्टेम सेल थेरेपी ऑटिज़्म में सुधार या उपचार कर सकती है। जब किसी प्रक्रिया में वैज्ञानिक “मानक उपचार” का अभाव होता है, तो चिकित्सक जोखिम एवं परिणामों के बारे में पर्याप्त जानकारी प्रदान नहीं कर सकता।
- चिकित्सीय नैतिकता का उल्लंघन: अप्रमाणित उपचार प्रदान करना अहानिकरता (Do No Harm) और सूचित सहमति के सिद्धांतों का उल्लंघन है, क्योंकि रोगियों को अतिरंजित दावों से गुमराह किया जा सकता है।
- चिकित्सीय भ्रांति : क्लीनिक प्रायः ASD से पीड़ित बच्चों के अभिभावकों की भावनात्मक संवेदनशीलता का शोषण करते हैं, “प्रायोगिक परीक्षणों” को “सिद्ध उपचार” के रूप में प्रस्तुत करके। यह पारदर्शिता एवं ईमानदारी की नैतिक विफलता है।
- नियामकीय अनुपालन का अभाव: भारत में स्टेम सेल उपयोग भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और स्टेम सेल अनुसंधान के राष्ट्रीय दिशानिर्देशों द्वारा विनियमित है। ये दिशानिर्देश अनुमोदित नैदानिक परीक्षणों के बाहर ऑटिज़्म के लिए स्टेम सेल थेरेपी की अनुमति नहीं देते।
स्टेम कोशिकाएँ क्या हैं?
- स्टेम कोशिकाएँ अविभेदित कोशिकाएँ होती हैं, जो विभिन्न विशिष्ट कोशिकाओं में विकसित हो सकती हैं।
- प्रकार (Types):
- भ्रूणीय स्टेम कोशिकाएँ : प्लुरिपोटेंट – शरीर की किसी भी प्रकार की कोशिका बन सकती हैं।
- वयस्क स्टेम कोशिकाएँ : मल्टिपोटेंट – सामान्यतः अपनी उत्पत्ति वाली कोशिका प्रकार तक सीमित रहती हैं (जैसे रक्त कोशिकाएँ)।
- प्रेरित प्लुरिपोटेंट स्टेम कोशिकाएँ : रीप्रोग्राम्ड – प्रयोगशाला में भ्रूणीय स्टेम कोशिकाओं की तरह कार्य करने हेतु परिवर्तित।
- नाल संबंधी कोशिकाएँ : प्रायः रक्त-संबंधी रोगों जैसे ल्यूकेमिया के उपचार में प्रयुक्त।
स्टेम सेल थेरेपी क्या है?
- स्टेम सेल थेरेपी एक चिकित्सीय उपचार है, जिसमें स्टेम कोशिकाओं का उपयोग मानव शरीर में क्षतिग्रस्त कोशिकाओं, ऊतकों या अंगों की मरम्मत, प्रतिस्थापन या पुनर्जनन हेतु किया जाता है।
- भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR), 2021 के अनुसार, स्टेम सेल थेरेपी को केवल रक्त संबंधी विकारों (Hematological Disorders) के लिए मानक उपचार के रूप में मान्यता प्राप्त है।
Source: TH
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