स्पेस स्पिन-ऑफ्स

पाठ्यक्रम: GS2/ स्वास्थ्य, GS3/ विज्ञान और प्रौद्योगिकी

संदर्भ

  • अंतरिक्ष अन्वेषण ने शक्तिशाली स्वास्थ्य संबंधी स्पिन-ऑफ्स उत्पन्न किए हैं, जो पृथ्वी पर आधुनिक निदान प्रणाली, चिकित्सीय उपकरणों और स्वास्थ्य सेवा वितरण तंत्र की अदृश्य आधार का निर्माण करते हैं।

स्पेस स्पिन-ऑफ्स क्या हैं?

  • स्पेस स्पिन-ऑफ्स वे नागरिक अनुप्रयोग हैं जो मूलतः अंतरिक्ष अभियानों के लिए विकसित प्रौद्योगिकियों से उत्पन्न हुए हैं।
  • NASA ने 1976 से अब तक 2,000 से अधिक स्पिन-ऑफ्स का दस्तावेजीकरण किया है।
  • ISRO ने 350+ प्रौद्योगिकियों को भारतीय उद्योगों, जिनमें स्वास्थ्य और जैव-चिकित्सा क्षेत्र शामिल हैं, को हस्तांतरित किया है।

अंतरिक्ष अनुसंधान से स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रमुख परिवर्तन

  • निदान और चिकित्सीय इमेजिंग : MRI, CT स्कैन, अल्ट्रासाउंड और मैमोग्राफी में प्रयुक्त डिजिटल इमेज-प्रोसेसिंग तकनीकें मूलतः ग्रहों एवं खगोलीय छवियों के विश्लेषण से उत्पन्न हुईं।
  • प्वाइंट-ऑफ-केयर डायग्नोस्टिक्स : सूक्ष्म रक्त विश्लेषक और लैब-ऑन-चिप उपकरण सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में चिकित्सीय परीक्षण की आवश्यकता से विकसित हुए।
  • वियरेबल्स और जैव-चिकित्सीय निगरानी : आधुनिक वियरेबल्स (ECG, हृदय गति, श्वसन ट्रैकर्स) अंतरिक्ष यात्रियों की बायोटेलीमेट्री प्रणाली से विकसित हुए।
  • संक्रमण नियंत्रण और अस्पताल सुरक्षा : वायु और जल शुद्धिकरण प्रणालियाँ (HEPA फिल्टर, कैटालिटिक ऑक्सीडाइज़र) बंद अंतरिक्ष यानों के लिए विकसित की गईं।
  • टेलीमेडिसिन और स्वास्थ्य लॉजिस्टिक्स :उपग्रह-आधारित टेलीमेडिसिन दूरस्थ परामर्श, आपदा प्रतिक्रिया और टेलीरैडियोलॉजी को सक्षम बनाती है।
    • पृथ्वी-अवलोकन उपग्रह रोग निगरानी, महामारी मानचित्रण और आपदा-स्वास्थ्य मूल्यांकन का समर्थन करते हैं।
    • सौर ऊर्जा संचालित वैक्सीन रेफ्रिजरेटर और ड्रोन-आधारित चिकित्सीय आपूर्ति उपग्रह नेविगेशन एवं संचार पर निर्भर हैं।
  • स्वास्थ्य प्रणाली और नैदानिक अभ्यास :
    • अंतरिक्ष यात्रियों में अस्थि-हानि, मांसपेशी क्षय और हृदय-वाहिकीय दुर्बलता पर किए गए अध्ययन ने पृथ्वी पर ऑस्टियोपोरोसिस, सारकोपेनिया, वृद्धावस्था एवं दीर्घकालिक शय्या-विश्राम की समझ को बढ़ाया है।
    • गहन-अंतरिक्ष अभियानों से प्राप्त रेडियोबायोलॉजी अनुसंधान कैंसर जोखिम मूल्यांकन और रेडियोथेरेपी सुरक्षा को सूचित करता है।
  • चिकित्सीय उपकरण और हस्तक्षेप :
    • द्रव गतिकी में विशेषज्ञता ने कम रक्त-शियर तनाव वाले कॉम्पैक्ट वेंट्रिकुलर असिस्ट उपकरणों के विकास में योगदान दिया।
    • रेडिएशन-प्रतिरोधी इलेक्ट्रॉनिक्स और सूक्ष्मीकरण में प्रगति ने प्रोग्रामेबल पेसमेकर एवं हृदय गति-प्रबंधन उपकरणों के विकास को समर्थन दिया।

Source: TH

 

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