- सर्वोच्च न्यायालय ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत विद्यार्थियों के अनिवार्य प्रवेश को राष्ट्रीय मिशन बताते हुए बरकरार रखा।
- पड़ोस के विद्यालय, जिनमें निजी अप्रतिबद्ध संस्थान भी शामिल हैं, राज्य सरकार द्वारा आवंटित विद्यार्थियों को बिना विलंब प्रवेश देने के लिए कानूनी रूप से बाध्य हैं।
- कमजोर और वंचित वर्गों के बच्चों को प्रवेश न देना संविधान के अनुच्छेद 21A के अंतर्गत उनके शिक्षा के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। Read More
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत विद्यालयों में अनिवार्य प्रवेश बरकरार
संदर्भ
निर्णय की प्रमुख विशेषताएँ