- महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी, मानव विकास तथा वृद्ध होती जनसंख्या को सहायता प्रदान करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका के बावजूद, भारत की देखभाल अर्थव्यवस्था अभी भी विखंडित एवं असंगठित बनी हुई है।
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, देखभाल कार्य में उन व्यक्तियों को शारीरिक, भावनात्मक एवं सामाजिक सहायता प्रदान करना शामिल है, जो आयु, बीमारी अथवा दिव्यांगता के कारण दैनिक गतिविधियों को स्वतंत्र रूप से करने में असमर्थ होते हैं।
- - वर्ष 2023 में भारत के देखभाल सेवा बाजार का मूल्य 29.62 अरब अमेरिकी डॉलर था। इसके वर्ष 2030 तक 13.76 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर 72.31 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है। Read More
भारत में एक समग्र देखभाल प्रणाली का निर्माण
संदर्भ
देखभाल अर्थव्यवस्था क्या है?