पाठ्यक्रम: GS1/इतिहास
संदर्भ
- फ़ारसी ने सदियों तक भारत की भाषा और साहित्य को गहराई से प्रभावित किया है। इसने प्रशासन, कविता एवं हिंदी, उर्दू तथा क्षेत्रीय संस्कृतियों की शब्दावली को आकार दिया है और दैनिक बोलचाल में भी अपनी छाप छोड़ी है।
फ़ारसी भाषा की उत्पत्ति
- फ़ारसी भाषा की उत्पत्ति प्राचीन ईरान में हुई और यह लगभग 2,500 वर्षों के भाषाई विकास का परिणाम है।
- यह इंडो-ईरानी शाखा की भाषा है, जो इंडो-यूरोपीय भाषा परिवार का हिस्सा है।
- फ़ारसी प्राचीन फ़ारसी साम्राज्य की भाषा बनी और भारत की पूर्वी सीमा से लेकर रूस के उत्तर तक, फारस की खाड़ी के दक्षिणी तट से लेकर मिस्र एवं भूमध्यसागर तक व्यापक रूप से बोली जाती थी।
- समय के साथ पारसी भाषा अपने आधुनिक रूप में विकसित हुई और आज मुख्यतः ईरान, अफ़ग़ानिस्तान, ताजिकिस्तान एवं उज़्बेकिस्तान के कुछ हिस्सों में बोली जाती है।
भारत में फ़ारसी भाषा
- भारतीय भाषाओं पर प्रभाव: हिंदी की दैनिक शब्दावली का एक बड़ा हिस्सा फ़ारसी से आया है। इसका प्रभाव उर्दू, मराठी, बंगाली और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं पर भी पड़ा।
- फ़ारसी साहित्य का केंद्र भारत: अकबर के समय से भारत फ़ारसी साहित्यिक गतिविधियों का वैश्विक केंद्र बना। 1700 तक भारत में ईरान से अधिक फ़ारसी जानने वाले लोग थे।
- कूटनीति और शासन की भाषा: फ़ारसी सदियों तक प्रशासन और कूटनीति की आधिकारिक भाषा रही।
- संस्कृति का आदान-प्रदान: गंगा के मैदान और दक्षिणी प्रायद्वीप लंबे समय से अंतर-क्षेत्रीय आदान-प्रदान के केंद्र रहे हैं। 11वीं शताब्दी से फ़ारसी ग्रंथ और वक्ता पश्चिम, मध्य और दक्षिण एशिया में फैले।
भारत में फ़ारसी भाषा का विकास
- राजवंशों का प्रभाव: 11वीं शताब्दी के मध्य से ग़ज़नवी वंश ने लाहौर से पंजाब पर शासन किया और फ़ारसी संस्थाएँ व परंपराएँ लेकर आए।
- कवियों का आगमन: ग़ज़नी के तुर्क जब भारत आए तो वे फ़ारसी कवियों को भी साथ लाए।
- शासन की भाषा: दिल्ली, कन्नौज, ग्वालियर, उज्जैन, बिहार और वाराणसी जैसे क्षेत्रों में मुस्लिम शासन स्थापित होने पर फ़ारसी शिक्षा का नया केंद्र उभरा।
- 14वीं शताब्दी तक फ़ारसी दक्षिण एशिया में शासन की प्रमुख भाषा बन गई। दिल्ली सल्तनत और बाद में मुग़ल साम्राज्य में राजस्व और न्यायिक प्रशासन में इसका व्यापक प्रयोग हुआ।
- प्रशासनिक शब्दावली: प्रशासन से जुड़े कई शब्द फ़ारसी से आए: कागज़, रसीद, वकील, दीवानी, सलाहकार, चपरासी।
- प्रशासनिक इकाइयाँ: शहर, तहसील, मोहल्ला, परगना, ज़िला।
- डाक संबंधी शब्द: ख़त, लिफ़ाफ़ा, पता, ख़बर, अख़बार।
- संगीत और खेलों की शब्दावली: तबला, सितार, रुबाब, शहनाई, नगाड़ा, सरोद; शतरंज, ताश, पतंग, चौगान (पोलो), कुश्ती, पहलवानी।
- स्थापत्य: दीवार, हवेली, मकान, मंज़िल, बरामदा, बुर्ज, किला, महल।
- धार्मिक विचारों में भी फ़ारसी शब्द आए: सिख परंपरा में हुक्म (ईश्वर की कृपा), लंगर (सामूहिक भोजन), खालसा (प्रतिज्ञाबद्ध समुदाय)।
- मुग़ल काल: निर्णायक परिवर्तन 1582 में हुआ जब अकबर ने फ़ारसी को साम्राज्य की आधिकारिक भाषा बना दिया।
- प्रशासन और शिक्षा दोनों में फ़ारसी का प्रभुत्व स्थापित हुआ। राज्य के अभिलेख, रिपोर्ट एवं इतिहास ग्रंथ सभी फ़ारसी में लिखे गए।
- भौगोलिक विस्तार: 18वीं शताब्दी में बिहार में हिंदू और मुस्लिम ज़मींदारों ने मदरसे स्थापित किए, जहाँ हिंदू विद्वान फ़ारसी पढ़ाते थे।
- ईस्ट इंडिया कंपनी की आधिकारिक भाषा: 1765 में शाह आलम द्वितीय ने बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी कंपनी को दी, इस शर्त पर कि फ़ारसी न्यायालय की भाषा बनी रहे।
- कंपनी ने मौजूदा व्यवस्था को बनाए रखा और राजस्व, न्यायिक तथा पुलिस प्रशासन में फ़ारसी का प्रयोग जारी रखा।
- ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने फ़ारसी में बड़े निवेश किए और 1832–37 के प्रशासनिक सुधारों तक यह कंपनी की आधिकारिक भाषा रही।
- उर्दू द्वारा प्रतिस्थापन: 1832–37 में कंपनी ने प्रशासन में फ़ारसी को उर्दू (और बाद में अन्य स्थानीय भाषाओं) से बदल दिया।
- नागरिक और आपराधिक संहिताएँ अनुवादित की गईं, जिनमें अरबी-फ़ारसी शब्दावली का व्यापक प्रयोग बना रहा।
- नई साम्राज्यवादी और स्थानीय भाषाओं के उदय ने अंततः फ़ारसी की स्थिति को कमजोर कर दिया।
स्रोत: IE
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