संक्षिप्त समाचार 25-09-2026

मुख्य निर्वाचन आयुक्त की पदच्युति

पाठ्यक्रम: GS2/राजव्यवस्था

संदर्भ

  • विपक्ष संसद में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) के पदच्युति की मांग को लेकर प्रस्ताव लाने जा रहा है।

परिचय 

  • संविधान का अनुच्छेद 324 भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की स्थापना करता है तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति, कार्यकाल एवं पदच्युति का प्रावधान करता है।
  • मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 उनकी नियुक्ति और सेवा शर्तों को विनियमित करने वाला वैधानिक ढाँचा प्रदान करता है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त की पदच्युति संबंधी संवैधानिक प्रावधान

  • भारत के संविधान के अनुच्छेद 324(5) के अनुसार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) को उसी प्रक्रिया और उन्हीं आधारों पर पद से हटाया जा सकता है, जिन आधारों और प्रक्रिया के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश को हटाया जाता है।
    • हालाँकि, किसी निर्वाचन आयुक्त या क्षेत्रीय आयुक्त को राष्ट्रपति द्वारा केवल मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सिफारिश पर ही पदच्युति किया जा सकता है।
  • मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पदच्युति की मांग करने वाला प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन में पेश किया जा सकता है और उसमें पद से हटाने के आधार स्पष्ट रूप से बताए जाने आवश्यक हैं।
  • प्रस्ताव को निम्नलिखित सदस्यों का समर्थन प्राप्त होना आवश्यक है:
    • लोकसभा के कम-से-कम 100 सदस्य, या
    • राज्यसभा के कम-से-कम 50 सदस्य।
  • प्रस्ताव स्वीकार किए जाने के बाद, लोकसभा अध्यक्ष या राज्यसभा के सभापति आरोपों की जाँच के लिए एक जाँच समिति का गठन करते हैं।
    • यदि समिति आरोपों को सिद्ध पाती है, तो प्रस्ताव को संसद में मतदान के लिए प्रस्तुत किया जाता है।
  • इसके बाद दोनों सदनों को उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित करना होता है। दोनों सदनों द्वारा प्रस्ताव को स्वीकृति दिए जाने के बाद राष्ट्रपति मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने का अंतिम आदेश जारी करते हैं।
    • अब तक किसी भी मुख्य निर्वाचन आयुक्त को संसद द्वारा सफलतापूर्वक पद से नहीं हटाया गया है और न ही उनका महाभियोग हुआ है।

स्रोत: IE

11वाँ आयुर्वेद दिवस 2026

पाठ्यक्रम: GS2/स्वास्थ्य

संदर्भ

  • 11वाँ आयुर्वेद दिवस 23 सितंबर को “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” विषय के साथ मनाया गया।

आयुर्वेद दिवस के बारे में

  • सरकार ने वर्ष 2025 में प्रत्येक वर्ष 23 सितंबर को स्थायी रूप से आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाने की अधिसूचना जारी की।
  • यह तिथि शरद विषुव के साथ सामंजस्यशील है, जब दिन और रात की अवधि लगभग समान होती है। यह आयुर्वेद से जुड़े संतुलन के सिद्धांत का प्रतीक है।

आयुर्वेद क्या है?

  • ‘आयुर्वेद’ शब्द का अर्थ “जीवन का ज्ञान” है। यह प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति है, जो समग्र स्वास्थ्य और कल्याण पर केंद्रित है।
  • इसके प्रारंभिक संदर्भ चार वेदों में मिलते हैं, जिनकी रचना लगभग 5000 से 1000 ईसा पूर्व के बीच हुई थी।
    • इन वेदों में पौधों से प्राप्त औषधियों और प्राकृतिक उपचार विधियों के माध्यम से चिकित्सा का उल्लेख मिलता है।
  • आयुर्वेद का मुख्य बल दोष, अग्नि, धातु और मल के संतुलन के साथ-साथ शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने तथा रोगों के उपचार पर है।
  • बाद में आयुर्वेद से संबंधित ज्ञान को चरक संहिता और सुश्रुत संहिता जैसे व्यवस्थित ग्रंथों में विस्तारित किया गया, जिनमें आंतरिक चिकित्सा, शल्य चिकित्सा तथा समग्र जीवनशैली संबंधी पद्धतियों जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया।

आयुर्वेद का विकास

  • 200 ईसा पूर्व तक आयुर्वेद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त हो चुकी थी और विश्व के विभिन्न हिस्सों से चिकित्सा के विद्यार्थी भारत में तक्षशिला विश्वविद्यालय आते थे।
  • ईस्वी सन् की दूसरी से सातवीं शताब्दी के बीच नालंदा विश्वविद्यालय भी आयुर्वेदिक शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया, विशेष रूप से जापान, चीन और अन्य देशों के विद्यार्थियों के लिए।
    • बौद्ध धर्म के माध्यम से आयुर्वेद का प्रसार पूर्वी क्षेत्रों तक हुआ और इसने तिब्बती तथा चीनी चिकित्सा प्रणालियों को भी गहराई से प्रभावित किया।
  • वर्ष 1827 में भारत का प्रथम औपचारिक आयुर्वेद पाठ्यक्रम कलकत्ता स्थित गवर्नमेंट संस्कृत कॉलेज में शुरू किया गया।
  • वर्तमान में भारत में आयुष क्षेत्र का आकार ₹6.5 लाख करोड़ है और यह देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 1.5 प्रतिशत का योगदान देता है।
    • वर्ष 2030 तक इस क्षेत्र के 200 अरब डॉलर से अधिक का होने की संभावना है।

सरकार की पहलें

  • राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM): यह आयुष संबंधी बुनियादी ढाँचे और मुख्यधारा की स्वास्थ्य सेवाओं के साथ इसके एकीकरण को समर्थन प्रदान करता है।
  • आयुष आरोग्य मंदिर तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में आयुष सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच बढ़ रही है।
  • नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) और आयुष महाविद्यालयों का विकास किया जा रहा है।
  • ई-संजीवनी आयुष चिकित्सकों के साथ ऑनलाइन परामर्श की सुविधा भी उपलब्ध कराता है।
  • AYURGYAN योजना आयुर्वेद के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास को समर्थन प्रदान करती है।
  • AYUR SWASTHYA योजना नैदानिक अनुसंधान और संस्थागत विकास को बढ़ावा देती है।

स्रोत: AIR

संयुक्त राष्ट्र चार्टर में ‘शत्रु राज्य’ प्रावधान

पाठ्यक्रम: GS2/अंतरराष्ट्रीय संबंध

समाचार में

  • जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने संयुक्त राष्ट्र से अपने चार्टर में उपस्थित पुराने “शत्रु राज्य” संबंधी संदर्भों को हटाने का आह्वान किया। चीन और रूस ने हाल ही में इन प्रावधानों का उपयोग जापान के बढ़ते रक्षा व्यय की आलोचना करने के लिए किया है।

संयुक्त राष्ट्र चार्टर में ‘शत्रु राज्य’ प्रावधान

  • संयुक्त राष्ट्र चार्टर में शामिल ‘शत्रु राज्य’ संबंधी प्रावधान द्वितीय विश्व युद्ध के बाद तैयार किए गए थे और 24 अक्टूबर 1945 से प्रभावी हुए। इनका उद्देश्य विजयी मित्र राष्ट्रों द्वारा पूर्व धुरी शक्तियों—जर्मनी, इटली और जापान—में सैन्यवाद या फासीवाद के पुनरुत्थान को रोकना था।
  • चार्टर के अनुच्छेद 53, 77 और 107 में ‘शत्रु राज्य’ शब्द का उल्लेख किया गया है।

संयुक्त राष्ट्र चार्टर के प्रमुख अनुच्छेद

  • अनुच्छेद 53: कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की पूर्व अनुमति के बिना किसी ‘शत्रु राज्य’ के विरुद्ध प्रवर्तनात्मक कार्रवाई की अनुमति देता है।
    • अनुच्छेद 53(2): ‘शत्रु राज्य’ से आशय ऐसे देश से है, जो द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के किसी हस्ताक्षरकर्ता देश का शत्रु रहा हो।
  • अनुच्छेद 107: पूर्व मित्र राष्ट्रों को द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान शत्रु रहे देशों (धुरी शक्तियों) के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की पूर्व स्वीकृति के बिना प्रवर्तनात्मक कार्रवाई करने की अनुमति देता है। इससे बल प्रयोग के लिए संयुक्त राष्ट्र की अनुमति आवश्यक होने के सामान्य नियम का एक अपवाद बनता है।
  • अनुच्छेद 77(1)(b): द्वितीय विश्व युद्ध के बाद शत्रु राज्यों से अलग किए गए क्षेत्रों पर संयुक्त राष्ट्र न्यास प्रणाली लागू करने का प्रावधान करता है।
    • अनुच्छेद 73 और 75 के अंतर्गत इन क्षेत्रों का प्रशासन और पर्यवेक्षण तब तक किया जाना था, जब तक वहाँ के लोग पूर्ण स्वशासन प्राप्त नहीं कर लेते। ऐसे 11 न्यास क्षेत्र थे, जो मुख्यतः अफ्रीका और प्रशांत द्वीपों में स्थित थे।

क्या आप जानते हैं?

  • संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 1995 में इन प्रावधानों को “अप्रासंगिक” माना था और वर्ष 2005 में चार्टर से “शत्रु राज्यों” के संदर्भों को हटाने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया था।
  • हालाँकि, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, विशेष रूप से पाँच स्थायी सदस्यों (जिन्हें ‘बिग फाइव’ भी कहा जाता है), का आवश्यक समर्थन प्राप्त नहीं हो सका।
  • बिग फाइव: अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, रूस और चीन—ये पाँचों देश सुरक्षा परिषद में किसी भी प्रस्ताव या उपाय को वीटो कर सकते हैं।

स्रोत: IE

SWIFT भुगतान प्रणाली के विकल्प

पाठ्यक्रम: GS2/अंतरराष्ट्रीय संबंध

समाचार में

  • युद्धों और अमेरिकी वित्तीय प्रतिबंधों ने ग्लोबल साउथ के देशों को डॉलर-प्रभुत्व वाली SWIFT-आधारित भुगतान प्रणाली के विकल्प खोजने के लिए प्रेरित किया है।

सोसाइटी फॉर वर्ल्डवाइड इंटरबैंक फाइनेंशियल टेलीकम्युनिकेशन (SWIFT)

  • यह बैंकों के लिए वैश्विक स्तर पर धन के सुचारु लेन-देन को सुविधाजनक बनाने वाला एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क है।
  • यह एक संदेश-प्रेषण नेटवर्क है, जिसका उपयोग विश्वभर के बैंक और वित्तीय संस्थान वित्तीय लेन-देन से संबंधित सूचनाओं के त्वरित और त्रुटिरहित आदान-प्रदान के लिए करते हैं।
  • बेल्जियम मुख्यालय वाला SWIFT 200 से अधिक देशों और क्षेत्रों में 11,000 से अधिक बैंकिंग एवं प्रतिभूति संगठनों को जोड़ता है।
  • यह केवल एक ऐसा मंच है, जो संदेश भेजता है तथा स्वयं किसी प्रतिभूति या धन को अपने पास नहीं रखता।
  • यह लेन-देन को सुगम बनाने के लिए मानकीकृत और विश्वसनीय संचार व्यवस्था उपलब्ध कराता है।

SWIFT भुगतान प्रणाली के विकल्प

  • प्रोजेक्ट mBridge: यह बैंक ऑफ थाईलैंड, सेंट्रल बैंक ऑफ द यूनाइटेड अरब अमीरात, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के डिजिटल करेंसी इंस्टीट्यूट, हांगकांग मौद्रिक प्राधिकरण तथा सऊदी सेंट्रल बैंक का एक समूह है।
  • क्रॉस-बॉर्डर इंटरबैंक पेमेंट सिस्टम (CIPS): इसे पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना का समर्थन प्राप्त है। चीन ने युआन के अंतरराष्ट्रीय उपयोग को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2015 में CIPS क्लियरिंग और सेटलमेंट सेवा प्रणाली शुरू की थी।
    • यह वैश्विक बैंकों को ऑफशोर युआन केंद्रों में स्थित क्लियरिंग बैंकों के माध्यम से लेन-देन करने के बजाय, सीधे चीन में क्रॉस-बॉर्डर युआन लेन-देन का क्लियरिंग करने की सुविधा प्रदान करता है।
  • सिस्टम फॉर ट्रांसफर ऑफ फाइनेंशियल मैसेजेज (SPFS): इसे रूस ने वर्ष 2014 में पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने के उद्देश्य से विकसित किया था। वर्ष 2022 में रूसी बैंकों को SWIFT से अलग कर दिया गया था और उस समय SPFS उपयोगी साबित हुआ।
  • SEPAMA: यह ईरान की स्थानीय इंटरबैंक दूरसंचार प्रणाली है। सेंट्रल बैंक ऑफ ईरान के अनुसार, वर्ष 2023 में ईरानी बैंकों की 52 शाखाएँ और चार अज्ञात विदेशी बैंक, SPFS का उपयोग करने वाले 106 बैंकों से जुड़ी हुई थीं।
  • भारत की प्रगति: भारत और रूस ने रुपये और रूबल में भुगतान के लिए एक कार्य-ढाँचा स्थापित किया है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापार का 96% हिस्सा इन दोनों मुद्राओं में होता है। इस प्रणाली को स्बेरबैंक सहित 22 रूसी कंपनियों तथा 17 भारतीय बैंकों का समर्थन प्राप्त है, जो द्विपक्षीय भुगतान के लिए एक वैकल्पिक तंत्र उपलब्ध कराते हैं।
  • BRICS की नई दिल्ली घोषणा में BRICS देशों के बीच व्यापार तथा राष्ट्रीय मुद्राओं में भुगतान बढ़ाने का समर्थन किया है।

स्रोत: TH

यूकेलिप्टस एकल-कृषि वृक्षारोपण

पाठ्यक्रम: GS3/अर्थव्यवस्था

समाचार में

  • ग्लोबल फॉरेस्ट कोएलिशन (GFC) की एक रिपोर्ट ने ब्राजील की जेकीटिन्होंहा घाटी मेंएपेरम बायोएनर्जिया द्वारा संचालित बड़े पैमाने पर यूकेलिप्टस वृक्षारोपण के पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक प्रभावों को रेखांकित किया है।

समाचार के बारे में अधिक जानकारी

  • इन वृक्षारोपण क्षेत्रों से जल स्तर में 4.5 मीटर की गिरावट, अध्ययन किए गए 89% जलस्रोतों के सूखने, नदियों के प्रवाह में कमी तथा स्थानीय सेराडो वनस्पतियों के बड़े पैमाने पर हानि का संबंध पाया गया है।

यूकेलिप्टस

  • यह मर्टेसी कुल से संबंधित 660 से अधिक प्रजातियों वाली झाड़ियों और ऊँचे वृक्षों की एक बड़ी वंशावली है। यह ऑस्ट्रेलिया, जिसमें तस्मानिया भी शामिल है, तथा आसपास के द्वीपों का मूल निवासी है।
  • ऑस्ट्रेलिया में यूकेलिप्टस की प्रजातियों को सामान्यतः ‘गम ट्री’ या ‘स्ट्रिंगीबार्क ट्री’ के नाम से जाना जाता है।
  • विश्व के समशीतोष्ण क्षेत्रों में इसकी अनेक प्रजातियों का छायादार वृक्षों अथवा वानिकी वृक्षारोपण के रूप में व्यापक स्तर पर संवर्धन किया जाता है।
  • आर्थिक दृष्टि से यूकेलिप्टस के वृक्ष मायर्टेल्स (Myrtales) गण के सबसे मूल्यवान समूहों में से एक हैं।

क्या आप जानते हैं?

  • कृषि में एकल-कृषि किसी भूमि के एक हिस्से पर केवल एक ही फसल का उत्पादन करने की तकनीक है।
  • औद्योगिक कृषि में निरंतर एकल-कृषि का प्रभुत्व बढ़ा है, जिसका अर्थ है कि प्रत्येक वर्ष एक ही खेत में बार-बार एक ही फसल उगाई जाती है।
  • यह कृषि प्रबंधन को सरल बनाती है, लागत कम करती है और मशीनीकरण को बढ़ावा देती है, जिससे कम श्रम के साथ अधिक कृषि उत्पादन संभव होता है।
  • हालाँकि, यह मृदा की रासायनिक संरचना को खराब कर सकती है, कृत्रिम उर्वरकों की आवश्यकता बढ़ा सकती है तथा मृदा और जल प्रदूषण में योगदान दे सकती है।

स्रोत: DTE

प्रोजेक्ट सनकैचर

पाठ्यक्रम: GS3/विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

संदर्भ

  • गूगल ने प्रोजेक्ट सनकैचर की घोषणा की है। इसका उद्देश्य यह परीक्षण करना है कि क्या अंतरिक्ष में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के लिए कंप्यूटिंग अवसंरचना स्थापित की जा सकती है। इसकी शुरुआत Google की टेंसर प्रोसेसिंग यूनिट्स (TPUs) के कक्षीय परीक्षण से होगी।

प्रोजेक्ट सनकैचर क्या है?

  • प्रोजेक्ट सनकैचर अंतरिक्ष-आधारित AI कंप्यूटिंग अवसंरचना स्थापित करने की संभावना का अध्ययन करता है। इसके अंतर्गत निम्न पृथ्वी कक्षा (LEO) में उपग्रहों पर विशेषीकृत AI प्रोसेसर स्थापित किए जाएंगे।
  • इसके पहले परीक्षण मिशन में ग्रह के साथ साझेदारी में विकसित एक प्रोटोटाइप उपग्रह को तैनात किया जाएगा, ताकि यह आकलन किया जा सके कि गूगल की TPUs अंतरिक्ष की भौतिक और पर्यावरणीय परिस्थितियों में विश्वसनीय रूप से कार्य कर सकती हैं या नहीं।
  • इस प्रोटोटाइप को SpaceX के Transporter-18 मिशन के माध्यम से प्रक्षेपित किए जाने की उम्मीद है।
  • दीर्घकालिक दृष्टिकोण के अंतर्गत गूगल ने अनेक AI-सक्षम उपग्रहों से युक्त एक कंप्यूटिंग तारामंडल की परिकल्पना की है। इन उपग्रहों को उच्च-बैंडविड्थ वाले मुक्त-अंतरिक्ष ऑप्टिकल लिंक के माध्यम से आपस में जोड़ा जाएगा।
  • मुक्त-अंतरिक्ष ऑप्टिकल संचार में भौतिक केबल या पारंपरिक रेडियो-फ्रीक्वेंसी संकेतों के बजाय खुले अंतरिक्ष में डेटा के संचारण के लिए लेजर किरणों का उपयोग किया जाता है।
  • TPU क्या है?
  • टेंसर प्रोसेसिंग यूनिट (TPU) एक विशेषीकृत एप्लिकेशन-स्पेसिफिक इंटीग्रेटेड सर्किट (ASIC) है, जिसे Google ने मशीन लर्निंग और AI संबंधी कार्यभार को तीव्र करने के लिए विकसित किया है।
  • सामान्य प्रयोजन वाले CPU के विपरीत, TPU को विशेष रूप से AI मॉडलों में सामान्यतः उपयोग होने वाली गणितीय गणनाओं के लिए अनुकूलित किया जाता है, जिससे उच्च कंप्यूटिंग दक्षता प्राप्त होती है।

स्रोत: DD News

TDF योजना के अंतर्गत प्रथम उच्च-मूल्य डीप-टेक परियोजना समझौता

पाठ्यक्रम: GS3/विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

संदर्भ

  • रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने प्रौद्योगिकी विकास निधि (TDF) योजना के अंतर्गत एक स्टार्टअप के साथ “प्रथम उच्च-मूल्य डीप-टेक परियोजना समझौता” किया है।

परिचय

  • यह क्वांटम अनुप्रयोगों के लिए 20 mK डाइल्यूशन रेफ्रिजरेटर के स्वदेशी विकास हेतु एक सहयोगात्मक प्रयास है।
  • डाइल्यूशन रेफ्रिजरेटर विशेषीकृत क्रायोजेनिक प्रणालियाँ हैं, जो मिलीकेल्विन स्तर तक अत्यंत निम्न तापमान प्राप्त करने में सक्षम होती हैं।
    • ऐसा अति-निम्न तापमान वाला वातावरण कई क्वांटम कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म और संबंधित क्वांटम प्रौद्योगिकियों के संचालन एवं परीक्षण के लिए आवश्यक होता है।
  • 20 mK श्रेणी के डाइल्यूशन रेफ्रिजरेटर का स्वदेशी विकास राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के अनुरूप है तथा क्वांटम प्रौद्योगिकी, उन्नत क्रायोजेनिक्स और रणनीतिक प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में भारत की क्षमताओं को सुदृढ़ करता है।

प्रौद्योगिकी विकास निधि (TDF) योजना

  • इसे वर्ष 2016 में ‘मेक इन इंडिया’ पहल के एक भाग के रूप में रक्षा प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किया गया था।
  • यह रक्षा मंत्रालय (MoD) का एक कार्यक्रम है, जिसे DRDO द्वारा त्रि-सेवा बलों, रक्षा उत्पादन तथा DRDO की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए क्रियान्वित किया जाता है।
  • यह योजना सार्वजनिक एवं निजी उद्योगों, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) की भागीदारी को प्रोत्साहित करती है, ताकि उद्योग में अनुसंधान एवं विकास (R&D) की संस्कृति को बढ़ावा देकर रक्षा अनुप्रयोगों के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी क्षमताओं के विकास हेतु एक सुदृढ़ पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया जा सके।

स्रोत: PIB

मिजोरम की महिला किसान को FAO पुरस्कार

पाठ्यक्रम: विविध

संदर्भ

  • मिजोरम के जेड टी लालरिथांगी को खाद्य कृषि एवं संगठन द्वारा “कृषि खाद्य प्रणालियों और ग्रामीण विकास में एफएओ 100 महिला नायकों” सम्मान के लिए चुना गया है।

परिचय

  • वह 131 देशों की 600 से अधिक नामांकित महिलाओं में शामिल थीं और इस सम्मान के लिए चयनित 100 महिलाओं में से एक हैं। वह भारत की दो चयनित महिलाओं में से एक हैं।
  • यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026 के अवसर पर प्रदान किया जा रहा है।
  • FAO ने स्ट्रॉबेरी की खेती के प्रति उनके समर्पण तथा कृषि और ग्रामीण विकास में उनके निरंतर योगदान के लिए उन्हें इस सम्मान हेतु चुना है।

खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO)

  • वर्ष 1945 में स्थापित FAO संयुक्त राष्ट्र की एक विशिष्ट एजेंसी है, जो भुखमरी को समाप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का नेतृत्व करती है।
  • इसमें 194 सदस्य हैं, जिनमें 193 देश और एक सदस्य संगठन—यूरोपीय संघ (EU)—शामिल हैं।
  • इसका मुख्यालय रोम, इटली में स्थित है।

क्या आप जानते हैं?

  • विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) की स्थापना वर्ष 1961 में हुई थी। यह FAO और संयुक्त राष्ट्र का एक संयुक्त निकाय है तथा इसे वर्ष 2020 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

स्रोत: DDNews

 

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